कर्ज का बोझ 28.2 से 15 फीसदी लाने में सरकार कामयाब

मुंबई
राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बताते हुए वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि राज्य पर कर्ज का बोझ पिछले पांच साल में 28.2 फीसदी तक जा पहुंचा था, जो अब  गिरकर 15 फीसदी तक आ पहुंचा है। किसानों की कर्जमुक्ति, सातवां वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने जैसी बातों के बावजूद राज्य पर कर्ज का बोझ कम करने में सरकार  को सफलता मिली है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना जैसे राज्यों पर महाराष्ट्र की अपेक्षा कर्ज का बोझ अधिक है, ऐसे में राज्य कर्ज में डूब गया है, यह प्रचार गलत है।  वित्त मंत्री विधानसभा में बजट पर लगातार दो दिन तक चली चर्चा का जवाब दे रहे थे। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में राज्य की आर्थिक स्थिति, औद्योगिक क्षेत्र में निवेश,  जलयुक्त शिवार योजना की वजह से कृषि उत्पादन में वृद्धि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, महंगाई में कमी जैसे विभिन्न मुद्दों को छुआ। वित्त मंत्री ने राज्य की आय में लगातार  वृद्धि को रही है। 2011-12 में राज्य की आय 56 हजार 972 करोड़ रुपए थी, जो 2013-14 में 69 हजार 777 करोड़ रुपए हो गई। वर्ष 2018-19 में आय बढ़कर 1 लाख 28 हजार  895 रुपए पहुंच गई।

ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉकी बनाने की दिशा में सरकार आगे कदम बढ़ा रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनता को महत्वपूर्ण भूमिका  निभानी होगी। जलयुक्त शिवार योजना सफल: मुनगंटीवार ने कहा कि जलयुक्त शिवार योजना में गलत जानकारी दी जा रही है। वर्ष 2014 में जलयुक्त शिवार योजना अस्तित्व में   नहीं थी और 70.2 फीसदी बारिश हुई थी, तब राज्य में कृषि उत्पादन 91.99 लाख मैट्रिक टन हुआ था। 2018-19 में 73 फीसदी बारिश होने के बावजूद जलयुक्त शिवार योजना की  वजह से कृषि उत्पादन 115.70 लाख मैट्रिक टन पहुंचा।

कलाभवन को बाला साहेब ठाकरे का नाम
वित्त मंत्री ने कहा कि मुंबई विश्वविद्यालय के कालीना कैंपस में स्थित कलाभवन को बालासाहेब ठाकरे का नाम दिया जाएगा। मुनगंटीवार ने बताया कि तालुका स्तर के स्पोर्ट्स  कांप्लेक्स का बजट एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपए कर दिया गया है।
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