महाराष्ट्र के जलाशयों में बचा है सिर्फ 7.44 फीसदी पानी

मुंबई
प्रदेश में सूखे के भीषण संकट के बीच जलाशयों में जलभंडारण का स्तर गिरकर 7.44 प्रतिशत रह गया है। राज्य भर में मराठवाड़ा की स्थिति सबसे नाजुक नजर आ रही है।  मराठवाड़ा के जलाशयों में केवल 0.69 प्रतिशत पानी बचा हुआ है। बुधवार को प्रदेश सरकार के जलसंसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के बड़े, मध्यम और छोटे  मिलाकर कुल 3267 जलाशयों में पिछले साल के 17.72 प्रतिशत की तुलना में फिलहाल 7.44 प्रतिशत पानी है। इन जलाशयों में 8148.53 दलघमी (दस लाख घन मीटर) पानी  उपलब्ध है। अमरावती विभाग के 446 जलाशयों में 6.85 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। अमरावती विभाग में पिछले साल 9.49 प्रतिशत पानी था। हालांकि राज्य के जलाशयों में 65.02  फीसदी रिजर्व वाटर है। नागपुर में 6.14 प्रतिशत पानी, पिछले साल था 11.39 प्रतिशत जल नागपुर विभाग के 384 जलाशयों में बीते साल के 11.39 प्रतिशत के मुकाबले अभी 6.14 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। मराठवाड़ा के 964 के जलाशयों में पिछले साल के 14.1 प्रतिशत की तुलना में फिलहाल 0.69 प्रतिशत पानी बचा है। नाशिक विभाग के 571 जलाशयों में 5.95 प्रतिशत पानी बचा हुआ है। जबकि पिछले साल यहां 16.03 प्रतिशत जलभंडारण था। पुणे के 726 जलाशयों में बीते साल के 20.48 प्रतिशत पानी के मुकाबले  अभी 7.39 प्रतिशत जलसंग्रह है। कोंकण विभाग के 176 जलाशयों में 26.82 प्रतिशत पानी है जबकि पिछले साल 34.44 प्रतिशत पानी उपलब्ध था।
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