कला, साहित्य और वैचारिक क्षेत्र से जुड़े महान व्यक्ति का हुआ अंत : मुख्यमंत्री

मुंबई
साहित्य, कला और वैचारिक क्षेत्र से जुड़े प्रसिद्ध अभिनेता और निर्देशक गिरीश कर्नाड अंत हो गया। उनके निधन से क्षेत्र को भारी क्षति हुई है। हमने एक महान व्यक्तित्व को खो  दिया। उक्त बातें राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहीं। उन्होंने गिरीश कर्नाड को श्रधांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने अपने शोक संदेश में कहा है कि कर्नाड बहुपार्श्वीय व्यक्तित्व के धनी थे। साहित्य, फिल्म, रंगभूमी सहित वैचारिक क्षेत्र में उनकी गहराई तक पकड़ थी। विशेषकर एक महान रंगकर्मी के रुप में भारतीय नाटम्य क्षेत्र में   उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। ज्ञानपीठ, कालिदास सन्मान, साहित्य अकादमी, संगीत अकादमी सहित विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों और नागरी सम्मानों से उन्हें सम्मानित  किया गया है, जो उनके कार्य के महत्व को स्पष्ट करता है।
ययाति, तुगलक, नागमंडल, हयवदन जैसे नाटक और उत्सव फिल्म से निर्देशक को तौर पर उनकी विशेष पहचान थी। मुख्यमंत्री फड़नवीस ने कहा कि भारतीय पौराणिक कथाओं को  समकालीन प्रश्नों से जोड़ते हुए उस पर टिप्पणी करने वाले उनके लेखन केवल समाज के आंख में काजल डालने का ही काम नहीं किया है, बल्कि इसके माध्यम से विचारों को  प्रवाहित करने वाला था। भारतीय नाटम्यक्षेत्र की पुनर्रचना करने में अर्नाड अग्रणी थे। मुख्यमंत्री फड़नवीस ने कहा कि ऑक्सफोर्ड जैसे विश्व प्रसिद्ध युनिर्वसिटी के स्कॉलर रह चुके  कर्नाड का विभिन्न सामाजिक विषयों पर गहराई तक अभ्यास था। मुख्यमंत्री ने कहा कि माथेरान में जन्मे कर्नाड का महाराष्ट्र से अनोखा ऋणानुबंध था। इसके साथ ही मराठी फिल्म  जगत, रंगभूमी और साहित्य क्षेत्र से उनका निकटम संबंध था। जब्बार पटेल के निर्देशन में बने उंबरठा फिल्म में उनकी भूमिका लोगों को सदैव स्मरण में रहेगा।
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