कंधे और कोहनी के दर्द को दूर करेगा हलासन

योग में शरीर के विभिन्न अंगों के विकारों के लिए अलग-अलग आसन है, जो रोगों को दूर करने में काफी सहायक है। इन्हीं में एक है हलासन, जो कंधे और कोहनियों समेत जोड़ों  के विकारों को दूर करने में काफी लाभकारी है। जिन लोगों के कंधे लंबे समय से मुड़ नहीं रहे हैं या उन्हें मोड़ने में दिक्कत हो रही है। उन्हें इस आसन को करने से लाभ मिलता  है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि यह आसन हल (खेती में उपयोग होनेवाला एक उपकरण) पर आधारित है, जिस तरह हल मुड़ा हुआ होता है। ठीक उसी प्रकार हमें भी इस आसन  में अपने शरीर को मोड़ना होता है। आईए जानें आज इस आसन के बारे में...

पहले जमीन पर लेट जाएं और पैरों को मोड़ लें। शरीर एकदम सीधा रखें और हाथों को जमीन से ही चिपका कर रखें। क अब शरीर को कूल्हे से ऊपर की ओर उठाएं जबकि कंधे  जमीन में ही रहने दें। अपनी जांघों को छाती के ऊपर मोड़कर ले आएं।
अब पैरों को सीधा कर सिर के पीछे उन्हें टिका दें जबकि हाथों को कमर के पीछे रख लें, जिससे शरीर को मजबूती मिल सके। आयंगर पद्धति से ऐसे करें सिर के पीछे एक कुर्सी  रखें इसके बाद कुर्सी के पाए को हाथों से पकड़ लें और पैरों को मोड़कर सिर के ऊपर से कुर्सी पर टिका दें। दीवार में दो रस्सियां बांध लें और रस्सी की तरफ पैर कर लेट जाएं। सिर  के पीछे एक स्टूल रखें। अब हाथ से उन रस्सियों को पकड़े और पैरों को मोड़ कर सर के पीछे रखे स्टूल पर टिका दें। एक लंबी बेंच लें और उस पर लेट जाएं। बेंच के नीचे सिर की  तरफ एक ऊंचा तकिया रख लें। अब बेंच के किनारों को पकड़ कर शरीर को मोड़े और पैर को सिर के ऊपर से घुमा कर पीछे तकिए पर टिका दें।

ऐसे भी कर सकते हैं हलासन ये हैं फायदे
हलासन से पीठ दर्द में आराम मिलता है। अगर किसी के कंधे नहीं मुड़ते और कोहनियों और जोड़ों में सूजन हैं, तो उन लोगों को इस आसन से लाभ मिलता है। शुगर, बवासीर और  गले की दिक्कतों के लिए यह आसन काफी लाभदायक है। सांस संबंधी रोगों के लिए भी यह काफी फायदेमंद है।

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