भुगतान आदेश के बावजूद गन्ना मूल्य नहीं चुका रहीं मिलें

बागपत
जिले के गन्ना उत्पादक किसान चीनी मिलों को सप्लाई किए गए गन्ने का मूल्य अभी तक न मिल पाने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान शीघ्र करने और खेतों में गन्ना रहने तक चीनी मिलें बंद न करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद उम्मीद जगी थी। डीसीओ ने भी जिले की तीनों चीनी मिलों को नोटिस भेजकर अविलंब भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन भुगतान की गति जोर नहीं पकड़ पाई है। जिले की अकेली निजी क्षेत्र की मलकपुर चीनी मिल पर लगभग 289 करोड़, बागपत सहकारी चीनी मिल पर 38.20 करोड़, रमाला सहकारी चीनी मिल पर 38.16 करोड़ रुपए बकाया होने से किसान परेशान हैं। डीसीओ संजय सिसोदिया के अनुसार सरकार के निर्देशानुसार चीनी मिलों को चीनी शीरा और वेगास बिक्री का जो भी पैसा मिलता है, उसका 85प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान में खर्च किया जाना है, लेकिन चीनी मिलें इस
पैसे को किसानों को न देकर अपनी सुविधानुसार खर्च कर रही हैं। गन्ना आपूर्ति के 14 दिन बाद भुगतान करने पर क्याज भी देना होता है, लेकिन चीनी मिलें गन्ना मूल्य देने में भी मनमानी कर रही हैं।
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