कृषि में निवेश से उत्पादन बढ़ा : सीएम

मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि राज्य में पिछले साल कम बारिश होने के बावजूद उत्पादन 115 लाख मैट्रिक टन हुआ। यह सफलता कृषि में पिछले साढ़े चार साल में निवेश  और जलसंधारण की वजह से मिली है। इस साल खरीफ फसल के लिए आवश्यकता से अधिक बीज और खाद का स्टॉक उपलब्ध है। किसानों को समय पर फसल कर्ज उपलब्ध कराने के लिए बैंकों को निर्देश दिए गए हैं। बारिश का अनुमान लगाकर और कृषि विभाग की तरफ से दिए गए निर्देश के अनुसार किसान बुवाई करें, इससे दोबारा बुवाई का संकट टल जाएगा। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार महाराष्ट्र में सामान्य बारिश होगी। मुख्यमंत्री राज्य स्तर पर खरीफ फसलों को लेकर समीक्षा बैठक करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। बांद्रा स्थित रंगशारदा में खरीफ फसलों को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में कृषि मंत्री चंद्रकांत पाटिल, शिक्षा मंत्री  विनोद तावड़े, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख सहित कई अन्य मंत्री उपस्थित थे। सीएम ने कहा कि मौसम विभाग ने इस बार राज्य में सामान्य  बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है।
संपूर्ण देश में 96 फीसदी बारिश होगी। कोकण और मध्य महाराष्ट्र में औसतन 93 से 107 फीसदी, मराठवाड़ा में 90 से 111 फीसदी तथा विदर्भ में 92 से 108 फीसदी बारिश होने  का अनुमान है। इस साल सामान्य बारिश होगी और जून माह में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। सीएम ने कहा कि इस साल मानसून में देरी की वजह से सरकार ने किसानों से विलंब से बुवाई करने का आव्हान किया है। एम किसान मोबाइल संदेश सेवा के मार्फत किसानों को कृषि संबंधी सलाह और मार्गदर्शन दिया जाता है। पिछले साल 40  करोड़ संदेश भेजे गए। पिछले तीन दिनों में तकरीबन 5 करोड़ संदेश भेजे गए हैं।
पिछले साल हुई थी 73 फीसदी बारिश राज्य में खरीफ मौसम में 151 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में से औसतन 55 से 60 फीसदी क्षेत्र में कपास और सोयाबीन की फसल लगाई जाएगी।  धान 10 फीसदी, गन्ना 8 फीसदी, मक्का 11 फीसदी और बाकी बचे भाग में अन्य फसल ली जाएगी। राज्य में कपास और सोयाबीन का सर्वाधिक क्षेत्र है। पिछले साल राज्य में औसतन 73 फीसदी बारिश हुई थी। मराठवाडा सहित अन्य क्षेत्रों में 38 से 40 फीसदी तो कुछ जगह 50 फीसदी बारिश हुई थी। पिछले साल कम बारिश होने के बावजूद राज्य में   कृषि उत्पादन बढ़ा है। कपास का उत्पादन 17 फीसदी जबकि सोयाबीन का उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

कृषि सहायक महत्वपूर्ण कड़ी: पाटिल
कृषि मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि कृषि सहायक राज्य शासन और किसानों के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है। कृषि सहायकों को मिशन के रूप में काम करना चाहिए। जलयुक्त  शिवार योजना के माध्यम से राज्य के 22 हजार गांवों में जलसंधारण का बड़ा काम हुआ है। इससे अकाल की तीव्रता कम हुई है।
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