फूड बिजनेस ऑपरेटर्स पर कसी नकेल

नई दिल्ली
फ्राइड चीजों के शौकीन लोगों को यह नहीं पता होगा कि कढ़ाई में एक ही तेल में कई बार चीजें तलने से खाने की गुणवत्ता खराब होती है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ न हो, इसके   लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। इसके तहत ऐसे फूड बिजनेस ऑपरेटर्स जो खाना तलने के लिए दिन में 50 लीटर से अधिक तेल इस्तेमाल करते हैं, उन्हें पूरे तेल का  रिकॉर्ड रखना होगा। इसके साथ ही फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया या कमिशनर ऑफ फूड सेफ्टी ऑफ स्टेट द्वारा तय की गई एजेंसियों के पास इस्तेमाल किए गए तेल   को डिस्पोज करना होगा। एफएसएसएआई ने इस नियम को जून से लागू कर दिया है।  इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल से एफएसएसएआई बायोडीजल बनाने की तैयारी में है।  यूज्ड कुकिंग ऑयल को इकठ्ठा करने के लिए एफएसएसएआई ने बायोडीजल मैन्युफैक्चर्स के लिए एक कमिटी का गठन किया था। इस कमिटी में स्टेट बायो डीजल फ्यूल बोर्ड, बायो  डीजल मैन्युफैक्चरर्स और स्टेकहोल्डर्स के बीच विचार-विमर्श हुआ। बैठक में यूज्ड कुकिंग ऑयल के लिए गाइड लाइंस तैयार की गई। गाइड लाइंस में कहा गया है कि बायो डीजल मैन्युफैक्चर्स को यूज्ड कुकिंग ऑयल इकठ्ठा करने वाली कंपनियों की पूरी अथॉरिटी होगी, यह सुनिश्चित करना बायो डीजल मैन्युफैक्चर्स की जिम्मेदारी होगी कि यूज्ड कुकिंग ऑयल  दोबारा खाना बनाने के काम ना लिया जाए और इससे सिर्फ बायो डीजल बनाया जाए। कंपनियों को यूज्ड कुकिंग ऑयल इकठ्ठा करने लिए बायो डीजल मैन्युफैक्चर्स की ओर से  सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
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