गोमती में बढ़ी अमोनिया की मात्रा, शुद्ध पानी का संकट

लखनऊ
गोमती नदी का पानी गंदा होता जा रहा है। बैराज बंद होने और नगरिया नाला का पानी सीधे गोमती में गिरने से नदी जल में अमोनिया की मात्रा बढ़कर पांच पीपीएम तक पहुंच गई, जबकि यह मात्र शून्य होनी चाहिए। स्थिति सुधारने के लिए जलकल विभाग ने रात में ही बैराज का गेट खुलवा कर गंदे पानी की निकासी कराई। इसके बाद भी हालत में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में शोधन के बाद भी पानी शुद्ध नहीं हो पा रहा, जिससे शहर में जलापूर्ति भी गड़बड़ाएगी।  गोमती नदी में प्रदूषण चरम पर है। इससे पानी में अमोनिया की मात्र पांच पीपीएम पहुंच गई। पानी में बुधवार शाम से ही अमोनिया की मात्र बढ़ने लगी थी। नदी में एक तरफ नगरिया नाले से गंदे पानी का आना जारी है, तो दूसरी तरफ गोमती बैराज खुलवाने से गऊघाट के पास गोमती का जलस्तर कम हो रहा है और इससे जलापूर्ति गड़बड़ाने का खतरा बना हुआ है। जलकल विभाग ने जल निगम को पत्र लिखकर नगरिया नाले के सभी पंप चलवाने को कहा है।
बताते चलें कि नगरिया नाला गोमती अपस्ट्रीम पर गऊघाट से ठीक पहले गिरता है। नाले के पानी को  एसटीपी में पंप करने के लिए आधा दर्जन पंप लगे हैं, इस समय दो पंप बंद हैं, जिससे पानी सीधे गोमती में जा रहा है। इससे गऊघाट इंटेक में प्रदूषण चरम पर है। इसी के चलते समस्या बढ़ गई है। जलकल विभाग समस्या दूर करने में जुटा है। गोमती नदी का पानी शोधन के बाद शहर में सप्लाई किया जाता है। पानी जितना साफ रहता है उतने ही कम केमिकल प्रयोग होते हैं। पानी गंदा होने की स्थिति में सफाई के लिए ज्यादा केमिकल इस्तेमाल होते हैं और पानी केमिकल युक्त हो जाता है।
महाप्रबंधक का कहना है कि जलकल विभाग महाप्रबंधक एसके वर्मा का कहना है कि नदी में अमोनिया की मात्र बढ़ने से दिकत बढ़ी है।
अटरिया से नहर का पानी गोमती में छोड़ने को कहा है, जिससे बैराज को खोलकर ठहरे पानी कोबहाया जाएगा। पानी शुद्ध करके ही आपूर्ति की जा रही है।
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