गैर जीवन बीमा कंपनियों में पूंजी लगा सकती है सरकार

पांच जुलाई को पेश होगा पूर्ण बजट माना जा रहा है मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पांच जुलाई को पेश होने वाले पहले पूर्ण बजट में इससे संबंधित ऐलान किया जा सकता है।  सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय सेवा विभाग बजट में तीन बीमा कंपनियों-नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में 4 हजार करोड़ रुपए  की पूंजी लगाने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से मिलने वाली पूंजी के आधार पर कंपनियों को आवंटन किया जाएगा। बीमा कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी पर है  दबाव बट्टे खाते के चलते होने वाले नुकसान और दावे बढ़ने से सरकारी के साथ ही कई साधारण बीमा कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना हुआ है। इनमें से पब्लिक सेक्टर की  दो कंपनियों को तो सॉल्वेंसी रेश्यो बरकरार रखने के लिए जूझना पड़ रहा है। बीमा नियामक इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आईआरडीए) द्वारा तय 1.5 के सॉल्वेंसी  रेश्यो नॉर्म की तुलना में नेशनल इंश्योरेंस का इनसॉल्वेंसी रेश्यो 1.5, जबकि यूनाइटेड इंडिया का काफी कम 1.21 के स्तर पर है।
बजट 2018-19 में रखा गया था विलय का प्रस्ताव गौरतलब है कि सरकार ने बजट 2018-19 में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस   कंपनी के विलय का प्रस्ताव रखा था। उसके बाद तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि तीनों कंपनियों का एक बीमा कंपनी में विलय किया  जाएगा। हालांकि, इन कंपनियों की खराब वित्तीय सेहत सहित कई वजहों से यह विलय पूरा नहीं हो सका था।
बनेगी देश की सबसे बड़ी गैर जीवन बीमा कंपनी 31 मार्च, 2017 तक तीन कंपनियों के कुल 200 बीमा उत्पाद थे, जिनके माध्यम से उनको कुल 41,461 करोड़ रुपए प्रीमियम आय   होती है और उनकी बाजार हिस्सेदारी लगभग 35 फीसदी है। कुल 44 हजार कर्मचारियों और 6 हजार ऑफिस के साथ उनकी कुल नेटवर्थ 9,243 करोड़ रुपए है। वर्ष 2017 में न्यू  इंडिया एश्योरेंस कंपनी और जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराया गया था। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, तीनों बीमा कंपनियों के विलय  के बाद बनने वाली कंपनी 1.2-1.5 लाख करोड़ रुपए की वैल्यू के साथ भारत की सबसे बड़ी गैर जीवन बीमा कंपनी होगी।
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