बिश्केक में मोदी-शी मुलाकात में पाक की घेराबंदी

उठा आतंक का मुद्दा, द्विपक्षीय संबंधो पर हुई चर्चा


बिश्केक
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ समिट से इतर पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बातचीत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का भी मुद्दा  उठा। दोनों नेताओं के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत में भारत ने पाकिस्तान को आतंक पर कड़े कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शी से कहा कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान आतंकवाद मुक्त क्षेत्र बनाने की कोशिश करे, लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है। पीएम ने कहा कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान इसपर कोई ठोस कार्रवाई  करे। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की जानकारी देते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि पीएम और राष्ट्रपति शी विशेष तौर पर इसके लिए सहमत हुए हैं  कि दोनों देशों को इन संबंधों से और बेहतर उम्मीदें हैं। दोनों नेता वुहान समिट की सफलता को लेकर भी सहमत हुए। इसी कड़ी में पीए मोदी ने राष्ट्रपति शी को अगली  अनौपचारिक समिट के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया है। राष्ट्रपति शी इसी साल भारत के दौरे पर आएंगे। इस दौरान पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे।
गोखले ने बताया कि पीएम मोदी ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच बेहतर हो रहे संबंधों का ही नतीजा है कि लंबे समय से पेंडिंग पड़े मुद्दों को सुलझा लिया गया है। इनमें बैंक  ऑफ चाइना की भारत में ब्रांच खोलने और मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी लिस्ट में शामिल करने के मुद्दे प्रमुख हैं। गोखले ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद को लेकर   विस्तृत बातचीत हुई। नरेंद्र मोदी के दूसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से यह उनकी पहली मुलाकात थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से आए एक ट्वीट में कहा गया कि चीन के साथ संबंध और गहरे हो रहे हैं। एससीओ समिट के इतर पीएम मोदी की पहली मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई। दोनों   नेताओं ने संबंधों को और मजबूत बनाने पर बात की। इसके अलावा खुद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपति शी के साथ एक बेहद सफल मुलाकात हुई। हमारी बातचीत में   भारत-चीन संबंधों पर गंभीर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे।

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात
इसके बाद भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात हुई। इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने अमेठी में  राइफल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए पुतिन का धन्यवाद किया।
बता दें कि दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी का एससीओ पहला बड़ा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है। इमरान से नहीं मिलेंगे मोदी कुछ दिनों पहले खबरें आ रही थीं  कि एससीओ सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है, लेकिन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ऐसी  खबरों को खारिज कर दिया। वहीं बिश्केक में हो रहे इस सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पहली बार शामिल हो रहे हैं। इससे पहले फैसला लिया गया था कि  एससीओ की बैठक में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान के रास्ते बिश्केक नहीं जाएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बुधवार को बताया था कि  वीवीआइपी विमान के बिश्केक जाने के लिए भारत सरकार ने मार्ग के दो विकल्पों पर विचार किया था। बाद में फैसला लिया गया कि वीवीआईपी विमान ओमान, ईरान और मध्य  एशियाई देशों के रास्ते बिश्केक के लिए उड़ान भरेगा।
भारतीय प्रधानमंत्री के विमान को अपने वायुक्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति देने के लिए इमरान सरकार तैयार हो गई थी लेकिन भारत ने पाकिस्तान की पेशकश को ठुकरा दिया।  पीएम मोदी का विमान ईरान और ओमान के रास्ते बिश्केक पहुंचा।

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