नई सरकार की वित्तीय चुनौतियां

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ 57 मंत्रियों ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। मंत्रिमंडल में 20 नए चेहरे हैं, जबकि एक  दर्जन पुराने नाम गायब हो गए हैं। कुल 24 कैबिनेट मंत्री, 9 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 24 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली। फिलहाल नई सरकार का गठन हो चुका है और जो  चुनौतियां उनसे जूझने का समय भी शुरू हो गया है। इनमें से कई ऐसे मुद्दे हैं, जिनमें मोदी सरकार और उनके मंत्रियों को बहुत से काम करने होंगे।

फाइनेंस
ं इस क्षेत्र में नई सरकार को जरूरत है कि राजकोषीय अंकगणित को संतुलित करते हुए विकास, रोजगार को बढ़ावा दें।
ं डाइरेक्ट टैक्स का कानून बनाना।
ं वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे बैंकों को मजबूत बनाना।
ं इसके साथ ही हाई-प्रोफाइल कॉर्पोरेट फ्रॉड पर तुरंत निर्णय लेना।

कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
ं इस क्षेत्र में नई सरकार को निर्यात को स्थिर करना होगा, जिससे लागत में कमी आ रही है।
ं देश में व्यापार करने में आसानी के लिए और अधिक सुधार।
ं घरेलू विनिर्माण को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कम आयात शुल्क की तलाश करना।
ं स्टार्टअप्स के लिए आसान राह का निर्माण करना।

टेलीकॉम और आईटी
ं हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और इंटरनेट नेटवर्कमें तेजी लाकर 5जी नीलामी आयोजित करना।
ं डाटा प्रोटेक्शन कानून बनाना।

रेलवे
ं इस क्षेत्र में सरकार को जरूरत है कि वह सुरक्षा पर फोकस करे, इसके साथ ही यात्रियों को आधुनिक और साफ सर्विस मुहैया कराना।
ं रेलवे में मिलने वाले फाइनेंस को मैनेज करने के साथ ही अपार और मध्यम क्लास पैसेंजरों को मिलने वाली सŽब्सिडी को कम करना।
ं वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए नए रूट बनाना।

सिविल एविएशन
ं एयर इंडिया में चल रहे संकट के लिए समाधान ढूंढ़ना।
ं एयरपोर्टस में कैपेसिटी को बढ़ाना, देश में ऐसे कई एयरपोर्ट्स हैं जो ज्यादा यात्रियों के आने से खचाखच भर जाते हैं। सरकार को इन्हें ठीक करने की जरूरत है।
ं यात्रियों के लिए फ्लाइट्स का किराया कम करना।
ं इसके अलावा भारत में घरेलू हवाई यातायात-जिसे दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में से एकमाना जाता है, जेट एयरवेज का परिचालन बंद होने के बाद  अप्रैल में  छह साल में पहली बार गिर गया।

पेट्रोलियम
ं इरान प्रतिबंधों के बाद देश में पर्याप्त तेल को सुनिश्चित करना।
ं 400 शहरों में गैस प्रोजेक्ट को सुनिश्चित करना।

सांख्यिकी
ं डाटा को अधिक विश्वसनीय और मजबूत बनाना।
ंराष्ट्रीय सांख्यिकी कमीशन का गठन करना।

पावर
ं 2437 पावर सप्लाई को सच साबित करना।
ं देश में स्मार्ट मीटर लगाना।
ं रुके हुए बिजली संयंत्रों को पुनर्जीवित करना, कोयले की आपूर्ति का आश्वासन देना।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget