ईरान पर कड़े प्रतिबंध

डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किये हस्ताक्षर


वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भले ही ईरान पर हमले का आदेश वापस ले लिया था पर तेहरान को बर्बाद करने का उनका इरादा नहीं बदला है। गल्फ में बने तनावपूर्ण माहौल के  बीच उन्होंने सोमवार को ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। ट्रंप ने कहा है कि अब ईरान पर पहले से कहीं ज्यादा सख्त प्रतिबंध लगेंगे  और अमेरिकी क्षेत्र में तेहरान के सुप्रीम लीडर और दूसरे अधिकारी बैंकिंग सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे।
ट्रंप ने यह प्रतिबंध ऐसे समय में लगाया है जब कुछ दिन पहले ही ईरान ने एक अमेरिकी ड्रोन को अपने इलाके में होने का दावा करते हुए मार गिराया था। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप  ने जवाबी हमले का आदेश भी दे दिया था पर उन्होंने कहा कि इससे 150 लोगों की जान जाती, इसलिए अपने आदेश को उन्होंने वापस ले लिया। सोमवार को अपने ऑफिस में  पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम ईरान या किसी दूसरे देश के साथ संघर्ष नहीं चाहते हैं। मैं आपको केवल इतना बताना चाहता हूं कि हम कभी भी ईरान   को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे।

अभी दिखाया संयम पर आगे ऐसा नहीं होगा
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जिस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, वह ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाएगा और ईरान के सर्वोच्च नेता तथा अन्य अधिकारियों को बैंकिंग सुविधा के लाभ  लेने से रोकेगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हमारे द्वारा काफी संयम दिखाया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम भविष्य में भी ऐसा ही करेंगे। ट्रंप ने कहा है  कि वह आगे भी तेहरान पर दबाव बढ़ाते जाएंगे।

क्या यह ड्रोन हमले का जवाब?
पत्रकारों ने पूछा कि क्या यह कार्यकारी आदेश अमेरिकी ड्रोन पर ईरान के हमले का जवाब है? इस पर ट्रंप ने कहा कि आप इसे भी जोड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि  यह तो हर हाल में होना था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं कई ईरानियों को जानता हूं जो न्यूयॉर्क में रहते हैं और वे शानदार लोग हैं।

अपने तेल की सुरक्षा खुद करें देश
ट्रंप ने सोमवार को यह भी कहा कि अन्य देशों को खाड़ी में अपने तेल टैंकरों की सुरक्षा खुद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खतरनाक क्षेत्र में अमेरिका का केवल सीमित रणनीतिक   हित है। ट्रंप ने ट्वीट किया कि ईरान को लेकर अमेरिका यह चाहता है कि कोई परमाणु हथियार न हो और आगे आतंकवाद का कोई समर्थन न हो। उन्होंने कहा कि जहां तक फारस  की खाड़ी से विश्व को तेल निर्यात के एक बड़े हिस्से के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले समुद्री मार्गों को बंद करने की ईरान की धमकी की बात है तो अमेरिका का इससे कोई लेना- देना नहीं है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब विश्व का सबसे बड़ा ऊर्जा उत्पादक है, इसलिए वह पश्चिम एशियाई तेल पर दशकों की निर्भरता से अलग हो रहा है।

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