दाल को लेकर सरकार अलर्ट

नई दिल्ली
प्याज के बाद सरकार अब दाल की बढ़ती कीमतों को लेकर अलर्ट हो गई है। सरकार ने दाल के दाम को नियंत्रण में रखने के लिए खुले बाजार में 2 लाख टन अरहर दाल बेचने का  फैसला किया है। सरकार अपने स्टॉक से दाल बेचेगी। उपभोक्ता मामले के आंकड़ों के मुताबिक अभी सरकार के पास 39 लाख टन दाल का स्टॉक है। इनमें से 11.53 लाख टन दाल  का बफर स्टॉक है। वहीं, 27.32 लाख टन दाल का स्टॉक नेफेड के पास है।

मोजांबिक से दाल आयात करेगा भारत
सरकार ने दाल के आयात की 2 लाख टन की सीमा को 4 लाख टन करने का भी फैसला किया गया है। इस साल भारत मोजांबिक से 1.75 लाख टन दाल का आयात करेगा।  सरकार ने जमाखोरों एवं सट्टेबाजों पर भी कड़ी नजर रख रही है। खाद्य वस्तुओं एवं कृषि उपज के साथ दाल की स्थिति का जायजा लेने के लिए 11 जून को कृषि सचिव, उपभोक्ता  मामले के सचिव एवं खाद्य एवं वितरण सचिव एवं कई वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में ये सारे फैसले किए गए। मंत्रालय के मुताबिक अरहर दाल के 2 लाख टन के आयात के  लिए गत चार जून को आदेश जारी कर दिया गया है।

आगामी10 दिनों में जारी किए जाएंगे लाइसेंस

मंत्रालय के फैसले में कहा गया है कि आयात के लिए प्राप्त आवेदनों को आगामी 10 दिनों के अंदर लाइसेंस जारी कर दिए जाएंगे। अरहर दाल की खुदरा कीमत दिल्ली एवं आसपास  के इलाकों में 100 रुपए प्रति किलोग्राम को पार कर गई है। इस साल तुअर दाल के उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले लगभग 35 फीसदी तक की गिरावट है। दिल्ली की थोक  मंडी खारी-बावली के थोक दाल व्यापारी संजय गुप्ता ने बताया कि तुअर दाल के थोक दाम 95 रुपए प्रति किलोग्राम के पार है।

उड़द दाल के उत्पादन में आई गिरावट
हालांकि दाल मिलर्स का कहना है कि आयात की प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम एक माह का समय लग जाएगा। उसके बाद ही दाल के दाम में राहत मिलने की संभावना है। वर्ष  2015 में दाल के खुदरा दाम 200 रुपए प्रति किलोग्राम के पार चले गए थे। व्यापारियों का कहना है कि दाल में तेजी चल रही है और अभी यह रुख जारी रहेगा। उड़द दाल के  उत्पादन में भी पिछले साल की तुलना में 15-20 फीसदी की गिरावट है।
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