बढ़ाई जाए आयकर छूट सीमा

नई दिल्ली
ऑल इंडिया बैंक ए्प्लॉईज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर अपनी मांगें रखी हैं। एआईबीईए ने गुरुवार को वित्त मंत्री को भेजे पत्र में कहा  कि आगामी बजट में नौकरीपेशा लोगों को मिलने वाली आयकर छूट सीमा को बढ़ाकर 7.5 लाख रुपए तक किया जाए। साथ ही हाउसिंग, मेडिकल और शैक्षिक सेवाओं के लिए  मिलने वाली कर छूट को इससे अलग रखा जाए। इसके अलावा एफडी पर मिलने वाले ब्याज को भी आयकर से मुक्त रखने की मांग की गई है।

अमीरों पर लगाया जाए ज्यादा टैक्स
एआईबीईए के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटचेलम की ओर से सीतारमण को भेजे गए पत्र में नए टैक्स स्लैब की वर्णन भी किया गया है। पत्र में वेंकटचेलम ने कहा है कि 7.5 लाख  रुपए से लेकर 12 लाख रुपए तक की आय पर 10 फीसदी, 12 लाख रुपए से लेकर 20 लाख की आय पर 20 फीसदी, 20 लाख रुपए से लेकर 25 लाख रुपए तक की आय पर 25  फीसदी, 25 लाख से 1 करोड़ रुपए तक की सालाना आय वालों पर 35 फीसदी और 1 करोड़ रुपए से ज्यादा सालाना आय वालों पर 40 फीसदी टैक्स लगाना चाहिए। पत्र में वेंकटचेलम ने कहा कि अमीर व्यक्तियों पर ज्यादा आयकर लगाना चाहिए।

कारोबारियों से टैक्स वसूलने के लिए कदम उठाए सरकार

वेंकटचेलम ने वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि सरकार को कारोबारियों, ज्यादा कमाई वाले व्यक्तिगत लोगों-कंपनियों, कॉरपोरेट से बकाया टैक्स की वसूली के लिए उचित कदम  उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की जीडीपी में टैक्स का अनुपात पूरी दुनिया में सबसे कम है। उन्होंने आगे कहा कि अप्रत्यक्ष कर की अपेक्षा भारत में प्रत्यक्ष कर की वसूली  भी कम है। उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष कर का बोझ पूरे देश के लोग उठाते हैं। जबकि कम कर व्यवस्था के कारण अमीर लोगों को कम प्रत्यक्ष कर देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि  सरकार को विभिन्न सामानों पर जीएसटी में कटौती करके प्रत्यक्ष कर को कम करना चाहिए और उचित तंत्र तैयार करके प्रत्यक्ष कर संग्रह को बढ़ाना चाहिए।

एफडी पर ब्याज हो टैक्स मुक्त
एक अन्य पत्र में वेंकटचेलम ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मांग की है कि आगामी बजट में फिक्स डिपॉजिट (एफडी) पर मिलने वाले ब्याज को करमुक्त किया जाना चाहिए।  बैंकिंग सेक्टर की ओर से सुझाव देते हुए वेंकटचेलम ने कहा कि बैंकिंग के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाना चाहिए। बचत खाते पर मिलने वाली ब्याज में 2 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
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