नियमित रूप से करें अनुलोम-विलोम

अनुलोम-विलोम एक ऐसा प्रणायाम है, जो आपके संपूर्ण स्वास्थ्य का ख्याल रखता है। इसे छोटे बच्चों से लेकर बूढ़े तक हर कोई आसानी से कर सकता है और इस ब्रीदिंग  एक्सरसाइज से आपको कई तरह के लाभ होते हैं, तो चलिए आज हम आपको अनुलोम विलोम करने का तरीका और इससे होने वाले कुछ जबर्दस्त फायदों के बारे में बता रहे हैं-  करने का तरीका अनुलोम-विलोम योग करने के लिए एक शांत जगह पर बैठ जाए। फिर अपने दाएं हाथ के अंगूठे से अपनी दाएं नाक को बंद करें। फिर बाई तरफ की नाक से सांस  को अंदर की ओर भरें। अब अंगूठे के साथ वाली उंगुलियों से बंद कर दें। उसके बाद दाहिनी नाक से अंगूठे को हटा दें और दाई नाक से सांस को बाहर निकालिए। फिर दाई नाक से  ही सांस को 4-5 गिनती तक अंदर को भरे और दाई नाक को बंद करके बाई नाक खोलकर सांस को 8-9 की गिनती में बाहर  निकाल दें। इस प्राणायाम को 5 से 15 मिनट तक  रोजाना करें, लेकिन शुरुआत पांच मिनट से ही करें।

जानें फायदे

  • अनुलोम विलोम करने के कई फायदे होते हैं। जब आप नियमित रूप से अनुलोम-विलोम करते हैं, तो इससे आपके भीतर उर्जा का संचार होता है और आप स्वयं को तनावमुक्त महसूस करते हैं।
  • जिन लोगों को अनिद्रा की समस्या रहती है, उनके लिए यह प्रणायाम बेहद लाभकारी माना गया है।
  • आंखों की रोशनी बढ़ाता है और ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखता है। कोल्ड, कफ और अस्थमा जैसी समस्याओं को दूर रखने में भी यह प्रणायाम प्रभावकारी है।
  • यह आसन बॉडी को डिटॉक्स भी करता है, जिससे चेहरे पर गजब का निखार आता है।
  • इसे रोजाना करने से आपकी इम्यूनिटी बढ़ती है। जिससे छोटी-मोटी बीमारियां आपसे कोसों दूर रहती हैं।

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