मीसाबंदियों को देंगे सम्मानपत्र : सीएम

मुंबई
आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले बंदियों को सरकार की ओर से पांच और दस हजार रुपए मानधन दिया जाता है। एक महीने से कम कालावधि में लिए बंदी बनाए गए लोगों को  पांच हजार तथा एक महीने से अधिक कालावधि के बंदियों को 10 हजार मानधन दिया जाता है। अच्छी आर्थिक स्थिति और कुछ दिवंगत बंदियों के परिजनों ने मानधन लेने से  इंकार कर दिया है, ऐसे में उन्हें सम्मानपत्र दिया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने विधानसभा में दी। प्रश्नकाल के दरक्यान राकांपा सदस्य अजित पवार ने इस  संबंध में सवाल उपस्थित किया था। इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 3267 लोगों को मानधन मंजूर किया गया है। इमरजेंसी के दौरान राज्य के विभिन्न   जिलों में रहने वाले लोगों को जेल जाना पड़ा था। वे आज विभिन्न स्थानों पर है, वे जिन स्थानों पर है, वहां उनके शपथपत्र लिए जाते है, लेकिन संबंधित जिलाधिकारी की अनुमति  के बगैर यह मंजूर किया नहीं जाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित कामकाज समयसीमा में पूर्ण हो, इसके लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए जाएगा। भविष्य में यह निधि बढ़ाने के  लिए विचार किया जाएगा। साथ ही गोवा मुक्तिसंग्राम, मराठवाडा मुक्ति संग्राम संबंधित सर्व सैनिकों को मानधन प्रदान किया जाता है। इन सैनिकों को और इमरजेंसी में जेल गए  बंदियों को सम्मानपत्र देकर उनका सम्मान किया जाएगा। चर्चा में सदस्य पराग अलवणी, सुभाष पाटिल, शशिकांत शिंदे ने भाग लिया।

मंत्रीयोंकी नियुक्ती पर कोर्ट को देंगे जवाब
मंगलवार को विधानसभा में राधाकृष्ण विखे पाटिल, जयदत्त क्षीरसागर और अविनाश महातेकर के मंत्री बनाए जाने का मुद्दा उठा। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने तीनों को मंत्री  बनाए जाने पर आपत्ति प्रकट की। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को काम करने से रोका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि नोटिस प्राप्त होने के बाद उच्च न्यायालय को  जवाब भेजा जाएगा। उच्च न्यायालय को इस मामले में सुनवाई के लिए अतिशीघ्रता महसूस नहीं हुई, इसलिए उसने जवाब के लिये चार ह ते का वक्त दिया है। बता दें कि उच्च  न्यायालय ने सोमवार को राधाकृष्ण विखे पाटिल, जयदत्त क्षीरसागर अविनाश महातेकर से जवाब मांगा था, जिन्हें हाल ही में फड़नवीस कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था। अदालत ने  मामले की सुनवाई को चार ह तों के लिए टालते हुए कहा था कि प्रतिवादियों(मंत्रियों) को भी याचिका पर आपत्ति जताने या अपना पक्ष रखने का मौका देते हैं।

निष्कासित होगा पुल
नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के वाशी स्थित मिनी सीशोअर और सागर विहार को जोड़नेवाला पैदल पुल निर्धारित समय सीमा में निष्कासित करने के निर्देश संबंधित  महानगरपालिका को दिए जाएंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने विधानसभा में दी। नवी मुंबई के वाशी स्थित सेक्टर 10में मिनी सीशोअर और सागर विहार को  जोड़नेवाला पादचारी पुल गिरने के संबंध में सदस्य मंदाताई म्हात्रे ने प्रश्न उपस्थित किया था। इसके उत्तर में मुख्यमंत्री बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित पुल बंद करने के  बाद यातायात व्यवस्था के लिए योजना तैयार कर उस पर पाङ्क्षर्कग बंदी की गई है। इस रास्ते पर बस सेवा बढ़ाई गई है। इस दौरान एक उपप्रश्न का उत्तर देते हुए नगरविकास  राज्यमंत्री योगेश सागर ने कहा कि उक्त मामले में महानगरपालिका की आस्थापना के उप अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित किया गया है। साथ ही इन अधिकारियों की  विभागीय जांच के संदर्भ में कार्यवाही शुरू है। इस पुल की मरम्मत करने के लिए काम के कार्यादेश ठेकेदार को दिए है। संबंधित घटना में मामला दर्ज किया गया है
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