वेस्ट यूपी की दो सीटों के लिए अखिलेश को मनाएगी आरएलडी

मेरठ
उत्तर प्रदेश की 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राष्ट्रीय लोकदल अपने प्रभाव की माने जाने वाली दो सीटों गंगोह और इगलास पर अपने उम्मीदवार उतारने के लिए समाजवादी पार्टी को मनाने की कोशिश करेगी। कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव और जयंत चौधरी इस मुद्दे को लेकर जल्दी ही बैठक कर सकते हैं। गौरतलब है कि आरएलडी का सदन में कोई विधायक नहीं है। शायद इसी वजह से बीएसपी के गठबंधन से अलग होने के संकेत मिलने के बाद भी आरएलडी ने स्पष्ट कर दिया था कि वह एसपी से दोस्ती तोड़ने के मूड में नहीं है।
एसपी के साथ दोस्ती बरकरार रखेगी आरएलडी  फिलहाल, आरएलडी का सियासी दौर खराब चल रहा है। उसकी साल 2014 में डगमगाई सियासी नैया का संतुलन अभी ठीक नहीं हो सका है। एसपी और बीएसपी के साथ मिलकर लड़े साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बुरी हार के बाद आरएलडी की तरफ से साफ कर दिया गया है कि भले ही बीएसपी ने गठबंधन से अलग राह पकड़ ली हो, लेकिन वह एसपी के साथ दोस्ती बरकरार रखेगी। ऐसा कर आरएलडी की नजर जल्द होने वाले उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव पर है। आरएलडी का मानना है कि मौजूदा हालात में अकेले वह कामयाबी शायद ही हासिल कर पाए। आरएलडी के एक प्रदेश पदाधिकारी के मुताबिक सहारनपुर जिले के गंगोह विधानसभा क्षेत्र (कैराना लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा) और हाथरस जिले की इगलास सीट पर उपचुनाव होना है। गंगोह से प्रदीप चौधरी और इगलास से राजवीर सिंह दलेर बीजेपी के विधायक थे, जो अब सांसद बन गए हैं। आरएलडी का मानना है कि दोनों सीट वेस्ट यूपी की हैं। यह पार्टी के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है और दोनों सीट पर पहले आरएलडी के विधायक जीत चुके हैं। आरएलडी ने साल 2017 के विधानसभा चुनावों में दोनों सीटों पर चुनाव लड़ा था। उसके उम्मीदवार राजेश चौहान को इगलास में 0.41 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि सुलेखा सिंह को गंगोह में 12 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। एसपी ने 2017 का चुनाव कांग्रेस के साथ लड़ा था।
एसपी को गंगोह में 18 प्रतिशत और इगलास में कांग्रेस के उम्मीदवार को 9 प्रतिशत वोट मिले थे इसलिए एसपी के 2017 के वोट शेयर को ध्यान में रखते हुए आरएलडी अपने जनाधार को मिलाकर यहां कामयाबी देख रहा है।  वैसे भी इगलास से अजित सिंह के पिता पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह की अगुवाई में भारतीय क्रांतिदल (बीकेडी) से चौधरी चरण सिंह की पत्नी गायत्री देवी  (1969) ने चुनाव जीता था। इसके बाद आरएलडी से पूर्व विधायक मलखान सिंह की पत्नी विमलेश चौधरी और त्रिलोकीराम दिवाकर चुनाव जीते। गंगोह में भी आरएलडी साल 2017 में हारी, लेकिन कैराना लोकसभा उपचुनाव में रिकॉर्ड मत मिले। साल 2019 में भी आरएलडी की तबस्सुम हसन को उम्मीद से ज्यादा वोट मिले। आरएलडी के प्रदेश महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि हम अभी से चुनाव की तैयारी में जुटने वाले हैं। एसपी से दोस्ती बरकरार रखेंगे। हाईकमान उपचुनाव में जो भी रणनीति बनाएगी उस पर अमल होगा। वैसे गंगोह और इगलास आरएलडी के असर वाली सीटें हैं। अगर हमें मौका मिलता है, तब हम बीजेपी से इन सीटों को छीन लेंगे।
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