हॉफकिन बनेगा मेडिकल साइंस टूरिज्म का प्रमुख केंद्र

मुंबई
देश की पहला जीव- चिकित्सा अनुसंधान संस्थान अर्थात हाफकिन के संग्रहालय को मुंबई तथा महाराष्ट्र के पर्यटन के नक्शे पर स्थान दिया जाएगा। इस संस्था को मेडिकल साइंस  टूरिज्म क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए एमटीडीसी और पर्यटन विभाग के मार्फत अनुमति दी जाएगी। यह घोषणा राज्य के पर्यटन और अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री  जयकुमार रावल ने की। वे हाल ही में हाफकिन इंस्टीट्यूट का दौरा करने पहुंचे थे। इस मौके पर संस्था की संचालक डॉ. निशिगंधा नाईक मौजूद थी। रावल ने कहा कि हाफकिन  संस्था की ऐतिहासिक धरोहर है। जब देश में प्लेग का संक्रमण हुआ था, तब उसका टीका तैयार कर इस संस्था ने बड़ा काम किया था। हाफकिन की वास्तु, संग्रहालय, पुराना राजभवन, दरबार हॉल आदि स्थान पर्यटक, विद्यार्थी, अब्यासकों के लिए आकर्षण के केंद्र हैं, इसलिए इन सभी स्थानों को पर्यटन के नक्शे पर लाकर उन स्थानों के विकास के लिए  बढ़ावा दिया जाएगा। रावल ने कहा कि वे हाफकिन संस्था के संग्रहालय का दौरा करने के बाद विश्व के उद्धार के लिए काम करने वाले इस ऐतिहासिक शोध केंद्र का काम देखकर  चकित हुए हैं। विज्ञान की ऐतिहासिक और आधुनिक बातों का मेल इस संग्रहालय में बहुत अच्छी तरह से किया गया है। ऐसी ऐतिहासिक संस्था को सभी का सहयोग मिलना चाहिए।

हाफकिन को हर संभव मदद
रावल ने कहा कि हाफकिन जीव औषधि निर्माण महामंडल को देश ही नहीं बल्कि एशिया, आफ्रीका और अन्य महाद्वीपों में वै सीन व विभिन्न प्रकार की दवाइयां आपूर्ति करनेवाली
एक प्रमुख संस्था बनाया जाएगा। इसके लिए संस्था को सभी प्रकार की प्रशासनिक और वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी। मंत्री रावल ने कहा कि विभिन्न 9 प्रकार की दवाइओं  को तैयार करने के लिए महामंडल द्वारा शुरू की गई परियोजना का काम अंतिम चरण में है। हाफकिन भारत सहित एशिया और अफ्रीका महाद्वीप के कई देशों को पोलियो के टीके  की आपूर्ति करने वाली एक प्रमुख संस्था है। इसके अलावा, सर्पदंश, बिच्छू दंश, गठिया आदि के टीके भी बनाती है।

टैबलेट व कैप्सूल का भी उत्पादन
सस्ती दरों पर लोगों को दवाइयां उपलब्ध हों, इसके लिए हॉफकिन में टैबलेट और कैप्सूल उत्पादन का नया विभाग शुरू किया जा रहा है। इस परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है,  लेकिन कुछ दिक्कतों के कारण विलंब हो रहा है। मंत्री रावाल ने संबंधित अधिकारियों को इन खामियों को सुलझाकर परियोजना शुरू करने का निर्देश दिया।

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget