मराठा आरक्षण पर फैलाई जा रही है भ्रामक जानकारी : तावडे

मुंबई
मराठा आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद इसके संदर्भ में कुछ लोग अलग-अलग तरह की खबरें फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकारी वकील कटनेश्वर की तरफ से स्पष्टीकरण देने के बावजूद गलत जानकारी फैलाई जा रही है। यह बात उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कही।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से लागू मराठा आरक्षण कानून के अनुसार शिक्षा में 12 प्रतिशत और नौकरियों में 13 फीसदी आरक्षण दिया गया है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम  कोर्ट में इस आरक्षण को स्थगित करने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि हम हाईकोर्ट के फैसले का अध्ययन करने तक इस पर स्थगन नहीं दे सकते।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मराठा आरक्षण पूर्व लक्षित (रेस्ट्रोपेक्टिव) प्रभाव से लागू नहीं होगा। तावड़े ने कहा कि इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है। सरकार मराठा आरक्षण को   रेस्ट्रोपेक्टिव तरीके से लागू नहीं कर रही है। बंबई हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार शिक्षा में 12 फीसदी और नौकरियों में 13 फीसदी आरक्षण का कानून बनाया गया है। इसी तरीके से  आरक्षण लागू किया गया है। मराठा आरक्षण पर दो हफ्ते बाद फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी, जिसमें याचिकाकर्ता अपना पक्ष रखेंगे। इस पर सरकार अपनी भूमिका अदालत  में रखेगी। तावड़े ने कहा कि दो हफ्ते तक सभी आरक्षण रोक दिया जाए, ऐसा अदालत ने नहीं कहा है। मराठा आरक्षण की सुनवाई के लिए राज्य सरकार ने वकीलों की जो फौज  लगाई थी, उसने उचित तरीके से सरकार का पक्ष रखा है। ऐसे में यह स्पष्ट होता है कि मराठा आरक्षण को स्थगित नहीं किया गया है तथा किसी भी प्रकार की भर्ती और प्रवेश  प्रक्रिया रूकने वाली नहीं है। यह पहले की तरफ शुरु रहेगी।
मराठा आरक्षण लागू करने वाला पीडब्लूडी पहला विभाग राज्य सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) को दिए गए 13 फीसदी आरक्षण के अनुसार नौकरियों में नियुक्तियों की घोषणा की है। इस अनुसार सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग में ग्रुप बी के जूनियर इंजीनियर (सिविल) श्रेणी के रिक्त पदों पर मराठा समाज के 34 लोगों  की नियुक्ति की गई है। इस तरह मराठा आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर गठित मंत्रिमंडल की उपसमिति के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल का सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग एसईबीसी  के तहत आरक्षण को लागू करने वाला पहला विभाग बन गया है। मराठा समाज को आरक्षण देने का कानून 2017 में लागू के बाद सरकार ने महाभर्ती का निर्णय लिया था। इस  अनुसार सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग ने जूनियर इंजीनियरों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरु की है। अदालत ने एसईबीसी वर्ग को नौकरियों में 13 फीसदी आरक्षण देने पर मुहर  लगाई है। लोक निर्माण विभाग ने 405 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा के परिणाम आने के बाद 300 पदों के आदेश निकाले गए थे। इसमें एसईबीसी वर्ग के 34 उम्मीदवारों की नियुक्ति की गई है
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget