टिकटॉक जैसे एप पर सरकार की नजर

नई दिल्ली
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय टिकटॉक जैसे एप पर पूरी नजर रख रहा है। सरकार टिकटॉक एप में चल रही वीडियो सामग्री एवं उस सामग्री को लेकर छपी मीडिया रिपोर्ट से  भी वाकिफ है। सरकार का मत है कि जरूरत पड़ने पर इस प्रकार के एप की सामग्री पर रोक लगाई जा सकती है और उसे बैन भी किया जा सकता है। आईटी मंत्रालय का कहना है  कि आईटी एक्ट, 2000 के प्रावधानों के मुताबिक टिकटॉक इंटरमीडियरी का काम कर रहा है और आईटी एक्ट के तहत सरकार के पास आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री को हटाने का  अधिकार है। आईटी एक्ट के मुताबिक ऑनलाइन सामग्री मुहैया कराने वाले किसी भी इंटरमीडियरी की यह ड्यूटी है कि वह इस प्लेटफॉर्म पर वीडियो एवं अन्य सामग्री अपलोड करने  वालों को प्रतिबंधित चीजों की अपलोडिंग से अवगत कराए। टिकटॉक को भी ऐसा करना चाहिए। कानून के मुताबिक कोई भी वीडियो या सामग्री जो नुकसानदेह है, घृणा फैलाने वाला  है, किसी धर्म, जाति को लेकर टिप्पणी करने वाला है या फिर कानून के दायरे से बाहर का है तो उसे अपलोड करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। सरकार का कहना है कि इन  चीजों की जांच की जाएगी और पर्याप्त कार्रवाई की जाएगी। टिकटॉक को लेकर पूछे गए सवाल पर संसद में सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अगर सरकार या  सरकारी एजेंसी या फिर कोर्ट की तरफ से गैर कानूनी वीडियो की जानकारी इन एप को दी जाती है तो उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे गैर कानूनी सामग्री को एप से हटा लेंगे।  इसके अलावा, आईटी एक्ट का सेक्शन 69ए सरकार को यह अधिकार देता है कि अगर सरकार को यह लगता है कि किसी के कंप्यूटर में उपलब्ध सामग्री से देश की संप्रभुता को खतरा है, देश की सुरक्षा को खतरा है, बाहरी देशों के साथ संबंध को खतरा है तो सरकार किसी भी कंप्यूटर को अपने कŽजे में ले सकती है। हाल ही में टिकटॉक पर चलने वाले कई  वीडियो विवादित रहे हैं। इस एप पर समाज को बांटने के लिए उकसाने वाले वीडियो खूब चल रहे हैं। इस प्रकार की खबरें मीडिया में आ चुकी हैं। टिकटॉक चीन आधारित एप है।  अकेले भारत में लगभग 20 करोड़ लोग इस एप का इस्तेमाल करते हैं।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget