'इसरो' ने चंद्रयान-2 की 5वीं बार कक्षा बदली

नई दिल्ली
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ईसरो) के वैज्ञानिक अपने दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 को लगातार पृथ्वी की कक्षा से आगे बढ़ा रहे हैं। 22 जुलाई को लांच के बाद इसे पेरिजी  (पृथ्वी से कम दूरी) 170 किमी और एपोजी (पृथ्वी से ज्यादा दूरी) 45,475 किमी पर स्थापित किया गया था। आज यानी 6 अगस्त को दोपहर 2.30 बजे से 3.30 बजे के बीच  चंद्रयान-2 की कक्षा में सफलतापूर्वक पांचवीं बार बदलाव किया। अब इसकी पेरिजी 276 किमी और एपोजी 142,975 किमी कर दी गई है। अब इसके बाद 15 अगस्त को तड़के 3 से  4 बजे के बीच चंद्रयान-2 का ट्रांस लूनर इंसर्शन किया जाएगा। यानी चंद्रयान-2 को चांद की तरफ जाने वाली लंबी कक्षा में डाला जाएगा। 22 जुलाई को लांच के बाद से ही चांद के  दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने के लिए चंद्रयान-2 की 48 दिन की यात्रा शुरू हो चुकी है। लॉन्चिंग के 16.23 मिनट बाद चंद्रयान-2 पृथ्वी से करीब 170 किमी की ऊंचाई पर जीएसएलवी-  एमके3 रॉकेट से अलग होकर पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगा रहा था।

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