बाढ़ से अब तक 40 लोगों की मौत

मुंबई
पुणे के विभागीय आयुक्त दीपक महैसेकर ने जानकारी दी है कि कोल्हापुर, सांगली, सातारा में बाढ़ की वजह से अभी तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है और दो लोग लापता हैं। पुणे  में एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से सांगली में 19, कोल्हापुर में 6, सातारा में 7, पुणे में 7 और सोलापुर में एक व्यक्ति की मौत हुई  है। सांगली में बाढ़ का पानी उतरना शुरु हो गया है। वहां पानी का स्तर 56 फुट से घटकर 53 फुट हो गया है। वहीं सांगली जिले में नौका पलटने की घटना में पांच और शवों के  मिलने के बाद मृतकों की संख्या 17 पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पश्चिमी महाराष्ट्र में बाढ़ के प्रकोप को कम करने की कवायद के तौर पर कर्नाटक में  कृष्णा नदी पर बने अलमट्टी बांध से पांच लाख ख्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि नौका हादसे के बाद अभी तक 17 शव मिले  हैं। गुरुवार को बचाव अभियान के दौरान नौका पलटने से नौ लोगों की डूबने से मौत हो गई और कई अन्य लापता हो गए। उन्होंने बताया कि शनिवार तक तीन और शव बरामद  हुए और रविवार तक पांच और शव मिले। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 17 पर पहुंच गई। ठाणे से 100 निजी डॉक्टरों का एक दल चिकित्सीय सहायता मुहैया कराने के लिए  जल्द ही सांगली और कोल्हापुर जाएगा। दवाइयों के अलावा वे बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कपड़ें और कंबल भी लेकर जाएंगे। महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी के एक अधिकारी  ने बताया कि कोल्हापुर और सांगली में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बिजली के मीटरों को निशुल्क बदला जाएगा।

4 लाख 48 हजार लोगों को बचाया गया
बाढ़ की वजह से जगह-जगह फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासकीय मशीनरी लगी हुई है। अभी तक 4 लाख 48 हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थलों  पर पहुंचाया गया है। बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए 372 अस्थाई कैंप शुरु किए गए हैं। एनडीआरएफ की 32 टीम सहित सेना, नेवी, कोस्ट गार्ड के कुल 105 दस्ते बचाव कार्य में   लगे हुए हैं। इस बात की जानकारी राज्य आपत्ति नियंत्रण कक्ष ने दी है। बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव कोल्हापुर व सांगली जिले में है। इन जिलों में सबसे अधिक बचाव पथक   कार्यरत है। कोल्हापुर जिले में 54 तथा सांगली जिले में 51 पथक राहत कार्य में लगे हैं। इसके अलावा पुणे, मुंबई, ठाणे, पालघर, सिंधुदुर्ग, नाशिक, धुले, नागपुर में बचाव पथक  कार्यरत हैं। राज्य के 10 जिलों के 4 लाख 48 हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया है। इसमें कोल्हापुर जिले में 2 लाख 45 हजार और सांगली जिले में 1 लाख 59  हजार नागरिकों का समावेश है। बाढ़ प्रभावित जिलों में 226 बोट के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाने का काम जारी है। प्रभावित नागरिकों के लिए 372 अस्थाई  कैंप शुरु किए गए हैं। इन कैंपों में नागरिकों को अत्यावश्यक सुविधाएं सहित मेडिकल सुविधाएं उपल ध कराई गई हैं। बाढ़ से कोल्हापुर, सांगली सहित सातारा, ठाणे, नाशिक,  पालघर, रत्नागिरी, रायगड, सिंधुदुर्ग जिलों की 70 तहसील प्रभावित हुई है। बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या 761 है। इन सभी जगहों पर बड़े पैमाने पर राहत कार्य शुरु है। 

अधिक कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई
जीवनावश्यक वस्तुओं को अधिक कीमत पर बेचने वालों तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इस बात की चेतावनी कोल्हापुर के कलेक्टर दौलत  देसाई ने दी है। कोल्हापुर में बाढ़ की स्थिति है और शहर और जिले में आवश्यक वस्तुओं की बिक्री अधिक कीमत पर करने की शिकायत प्रशासन को मिली है। कई वस्तुएं मसलन  पानी, माचिस, मोमबत्ती, ईधन, सब्जी, दूध को एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। ऐसे में जिला अधिकारी ने जीवनाश्यक वस्तुओं को अधिक कीमत पर बेचने वालों के  खिलाफ फौजदारी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में नापतोल और अन्न व औषध प्रशासन विभाग की मशीनरी को अधिक सक्रिय किया गया है। बाढ़ की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की कमी है, ऐसे में वस्तुओं को  अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर संदेश डालकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर सनियंत्रण केंद्र  स्थापित किया गया है। कोल्हापुर में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर प्रशासन सर्तक है। रविवार सुबह सात हजार गैस सिलेंडर शिरोली नाका पहुंच गए हैं। ये सिलेंडर व टैंकर को   शहर में लाने की कार्रवाई की वरीयता दी जा रही है। गैस की आपूर्ति पहले की तरह करने के लिए प्रशासन पूरा प्रयास कर रहा है। बाढ़ प्रभावित के लिए बनाए गए संक्रमण शिविरों  में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए पुलिस बंदोबस्त के निर्देश दिए गए हैं। शहरों के अपार्टमेंट, जहां पानी है, वहां चोरी की घटनाएं नहीं हो, इसके लिए  पुलिस को सर्तक रहने को कहा गया है। इसके अलावा कई लोग सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाकर लोगों में घबराहट पैदा करने का प्रयास करते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ  फौजदारी गुनाह दाखिल करने के निर्देश पुलिस को दिए गए हैं।
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