सेंसेक्स ने लगाया 463 अंकों का गोता

मुंबई
धातु, बैंक और प्रौद्योगिकी शेयरों में भारी बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स गुरुवार को 463 अंक लुढ़क गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निक्टी 11,000 अंक से नीचे बंद हुआ। कारोबारियों के अनुसार कमजोर आर्थिक आंकड़े, विदेशी पूंजी निकासी जारी रहने तथा कंपनियों के कमजोर तिमाही परिणाम से बाजार धारणा प्रभावित हुई।कमजोर  शुरूआत के बाद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स कारोबार समाप्ति से पहले एक समय 750 अंक से अधिक टूट गया था। अंत में यह 462.80 अंक यानी 1.23 प्रतिशत की गिरावट  के साथ 37,018.32 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निक्टी 138 अंक यानी 1.24 प्रतिशत टूटकर 10,980 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल शेयरों  में वेदांता को सर्वाधिक 5.55 प्रतिशत का नुकसान हुआ। बुधवार को बाजार बंद होने के बाद जारी आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जून माह में घटकर 0.2 प्रतिशत रहने का  आंकड़ा सामने आने से निवेशक धारणा प्रभावित हुई। मुख्य रूप से तेल एवं गैस और सीमेंट उदत्पादन में गिरावट से बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर कमजोर रही। इसके अलावा   सरकार का राजकोषीय घाटा जून तिमाही में 4.32 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया जो वित्त वर्ष 2019-20 के बजटीय अनुमान का 61.4 प्रतिशत है। वैश्विक मोर्चे पर अमेरिकी  फेडरल रिजर्व ने अपनी मानक ब्याज दर 0.25 प्रतिशत घटाकर 2.0 से 2.25 प्रतिशत कर दी। दस साल से अधिक समय बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में कटौती की है। हालांकि, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि दर में की गई इस कटौती को लंबे समय तक दर में कमी लाने की दिशा में उठाया गया कदम नहीं समझा जाना  चाहिए। प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनियों ने जुलाई में बिक्री कम रहने की रिपोर्ट दी है। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे कमजोर बने रहने से भी बाजार पर असर पड़ा।शेयर  बाजारों के पास उपल ध अस्थाई आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने बुधवार को शुद्ध रूप से 1,497.07 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर बेचे। एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई  कंपोजिट सूचकांक, हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी नुकसान में रहे जबकि जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में मिला-जुला रुख रहा।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget