कश्मीर में हलचल तेज

पुंछ
कश्मीर में जारी गहमागहमी के बीच पुंछ में जिला प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स की अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया है। यह फैसला जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा शुक्रवार  को जारी एक एडवाइजरी के बाद आया है, जिसमे अमरनाथ यत्रियों और पर्यटकों को कश्मीर छोड़ने के लिए कहा गया है। जम्मू- कश्मीर में पिछले लगभग 15 दिनों में भारी संख्या  में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के फैसले के हफ्ते के भीतर मोदी सरकार कश्मीर घाटी में 28 हजार और जवानों को भेज रही है।  खबरों के मुताबिक, लगभग 28 हजार जवान गुरुवार की सुबह से घाटी में पहुंचने लगे हैं और उन्हें राज्य के अलग-अलग इलाकों में तैनात किया जा रहा है। घाटी में तैनात किए  जाने वाले सुरक्षाबलों को लेकर कश्मीर में हलचल का माहौल है। कश्मीर की विभिन्न राजनीतिक पार्टियां इसे लेकर तरह-तरह के बयान दे रहे हैं। कश्मीर में हालात के मद्देनजर  इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं। शाह ने की हाई लेबल मीटिंग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को संसद भवन में गृह सचिव राजीव गौबा और राष्ट्रीय  सुरक्षा   सलाहकार अजीत डोभाल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका और एलओसी पर पाकिस्तानी आतंकियों की  घुसपैठ के खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख सामंत कुमार गोयल भी मौजूद थे। शुक्रवार को ही सेना ने अमरनाथ  यात्रा मार्ग के पास आतंकियों के ठिकाने से पाकिस्तान में बनी बारूदी सुरंग (लैंडमाइन) और अमेरिकी स्नाइपर गन मिलने का खुलासा किया था। इसके बाद यात्रियों और पर्यटकों को  घाटी से लौटने की सलाह दी गई। शनिवार शाम तक करीब 6 हजार लोग कश्मीर से निकले। भारतीय सेना ने शनिवार रात बताया था कि पाकिस्तानी बैट ने 31 जुलाई और 1  अगस्त को केरन सेक्टर में कई बार एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में करीब 7 आतंकी मारे गए। जम्मू- कश्मीर में बीते कुछ दिनों से राज्य को विशेष दर्जा  देने वाले अनुच्छेद 35ए को लेकर कई तरह की अफवाहें सोशल मीडिया पर चल रही हैं। इसको लेकर कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से
शनिवार को मुलाकात की। उमर ने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि राज्य में चल क्या रहा है। राज्यपाल जम्मू-कश्मीर को लेकर कुछ नहीं कह रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के संबंध में  राज्यपाल नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का फैसला ही अंतिम होगा।

आज कैबिनेट की मीटिंग
इस बीच जम्मू कश्मीर के हालातों को लेकर आज मोदी कैबिनेट की बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इस बैठक में कोई बड़ा फैसला ले सकती है। ये बैठक ऐसे वक्त में  बुलाई गई है, जब जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के बाद से ही सरगर्मियां तेज हैं।

100 क्रिकेटरों जम्मू-कश्मीर छोड़ने को कहा गया : पठान
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के मेंटॉर और कोच इरफान पठान ने कहा है कि उन्हें 100 अन्य क्रिकेटरों के साथ जल्द से जल्द टीम कैंप छोड़ने के लिए कहा गया। आतंकी घटना की  आशंका के चलते जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से  सैलानियों और अमरनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द घाटी छोड़ने के लिए कहा गया। पठान के हवाले से कहा गया  है कि हमारे कैंप को बंद कर दिया गया और क्रिकेटरों को उनके घर भेज दिया गया। कैंप 14 जून से शुरू हुआ था, जो 14 जुलाई तक चला। 10 दिन के ब्रेक के बाद 25 जुलाई से  फिर कैंप शुरू हुआ। शनिवार को करीब 100 क्रिकेटरों को उनके घर भेजा दिया गया। पठान ने कहा कि ये मैच 31 जुलाई से होने थे और 17 अगस्त तक इनका आयोजन होना था।  जिले के क्रिकेटरों के सिलेक्शन के लिए मैचों का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि सपॉर्ट स्टाफ को भी राज्य को खाली करने के लिए कहा गया है।

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