कोल्हापुर, सातारा, सांगली में बाढ़ का कहर

मुंबई
कोल्हापुर, सांगली और सातारा में आई बाढ़ से अब तक दो लाख 52 हजार 813 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ,  एसडीआरएफ की टीम राहत कार्य में लगी हुई हैं। बाढ़ से कुल 329 गांव प्रभावित हुए हैं और कुल 1 लाख हेक्टेयर खेती के प्रभावित होने का अनुमान है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में  राहत राशि देने की घोषणा की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति परिवार 10 हजार रुपए और शहरी क्षेत्रों में प्रति परिवार 15 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके लिए जिला अधिकारियों को  154 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। इस बात की जानकारी मंत्रालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में राज्य के मुख्य सचिव अजोय मेहता ने दी। मेहता ने कहा कि सरकार की  प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचाना है। 1 जून से बारिश और बाढ़ की वजह से राज्य में 144 लोगों की मौत हुई है। अभी तक राज्य में कुल 1007 मिलीमीटर बारिश हुई  है। मेहता ने कहा कि पिछले 4 अगस्त से कोल्हापुर में 124 प्रतिशत, सांगली में 223 प्रतिशत और सातारा में 181 प्रतिशत बारिश हुई है। यह सवा दो गुनी बारिश है। भारी बारिश  की वजह से आई बाढ़ से कोल्हापुर जिले की 8 तालुका के 239 गांव, सांगली जिले के 4 तालुका के 90 गांव इस तरह कुल 12 तालुका के 329 गांव प्रभावित हुए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 2 लाख 52 हजार 813 लोगों को 306 राहत शिविरों में भेजा गया है। जहां उनके रहने, खाने-पीने, दवा सहित अन्य आवश्यक खर्च के  अधिकार कलेक्टर को दिए गए हैं। बचाव कार्य में एनडीआरएफ की कुल 21 टीम लगी हुई हैं। इनमें कोल्हापुर में 6 और सांगली में 16 टीम है। एनडीआरएफ की एक टीम में कुल  40 लोग होते हैं। उड़ीसा और पंजाब के भटिंडा से एनडीआरएफ की 5-5 टीम को एयरलिफ्ट किया गया है। गुजरात से 3 टीम भी प्रभावित इलाकों में पहुंची है। एसडीआरएफ की 2  टीम कार्यरत है।
इसके अलावा नेवी की 14 टीम तैनात है। उनके पास बड़ी-बड़ी बोट है, जिनके जरिए राहत और बचाव कार्य जारी है। कोल्हापुर में डोनियर एयरक्राफ्ट से लोगों को शिफ्ट किया गया।  मुख्य सचिव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को 10 किलो चावल और 10 किलो गेहूं प्रदान करने को मंजूरी दी है। इस संबंध में जारी शासन निर्णय (जीआर) के सवाल  पर मेहता ने कहा कि 2008 में जारी जीआर में सात दिन का प्रावधान था। 2017 में इसे दो दिन किया गया। यह एक ना्र्स का एक भाग है। चूंकि सांगली, सातारा और कोल्हापुर में  दो दिन से अधिक पानी जमा हुआ है, ऐसे में कोई भी मदद से वंचित नहीं रहेगा। मेहता ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की 70 टीम तैनात है। एक टीम में  एक डॉक्टर और 3 नर्स हैं। कोल्हापुर में 12 हजार और सांगली में 5 हजार एंटी स्नैक वेनम भेजे गए हैं। लेप्टो पर नियंत्रण के लिए कोल्हापुर में 12 लाख और सांगली में पांच लाख  गोलियां भेजी गई हैं। बीमारियों पर नियंत्रण के लिए हेल्थ सचिव लगातार निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीने के साफ पानी को लेकर समस्या खड़ी हो जाती है। इसके  लिए करोड़ क्लोरीन टेबलेट भेजी गई है।
पीने के साफ पानी के लिए टैंकर की आपूर्ति की जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने पर यातायात की व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष दस्ते तैनात किए गए है। बिजली  आपूर्ति के लिए महावितरण की कुल 32 टीम कार्यरत है। जहां ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं, उन्हें सुधारने के बजाय उन्हें सीधा बदला जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि अलमट्टी बांध से  अभी तक 4 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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