बाढ़ : जनजीवन सामान्य करने की कवायद तेज

मुंबई
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत यंत्रणा, जलापूर्ति योजना तत्काल शुरू करें। बीमारियों का फैलाव न हो, इसके लिए प्रतिबंधक उपाय योजनाएं चलाए। लोगों का जीवन सुचारु रुप से   करने के लिए आवश्यक सभी निधि, मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाए। लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यवस्था की ओर से उस तरह का प्रारूप तैयार करने और उसे  तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश जलसंपदा मंत्री गिरीष महाजन ने सोमवार को एक बैठक में दिया। सोमवार को सांगली जिलाधिकारी कार्यालय में बाढ़ स्थिति का जायजा लेने के बाद महाजन ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद जिन बीमारियों के फैलने का डर अधिक है, उन बीमारियों को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक उपाययोजनाओं को तत्काल गतिमान  किया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के खून की जांच की जाए, स्वच्छता के लिए यंत्रणा चलाए, दवाइयों का छिड़काव किया जाए। साथ ही सभी को स्वच्छ एवं शुद्ध पानी मिल  सके, इस ओर ध्यान दिया जाए। फिल्टरेशन प्लंट का स्वच्छ पानी ही टैंकर के द्वारा लोगों को पीने के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही आवश्यक वह सभी जगहों पर टैंकर्स  तत्काल शुरू किए जाए। मवेशियों का पंचनामा और टीकाकरण के लिए निजी, सरकारी, पशु चिकित्सक महाविद्यालयों के छात्रों की मदद ली जाएगी, यह बताते हुए महाजन ने कहा  कि जिला परिषद और सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग के सभी बाधित रास्तों की दुरुस्ती के लिए तत्काल प्रस्ताव दिया जाए। 125 गांवों की जलापूर्ति योजना जल्द से जल्द शुरू करने  के लिए आवश्यक वह मानव संसाधन, निधि उपलब्ध कराया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद संकलित हुआ कचरा, गंदगी का कंपोस्टींग वैज्ञानिक पद्धति से करें।
जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि दो दिन से अधिक मकान का पानी में होने से अथवा मकान बह जाने पर कपडे एवं बर्तनों के लिए शहरी क्षेत्र में 15 हजार रुपए और  ग्रामीण क्षेत्र में 10 हजार रुपए मदद की जाएगी। साथ ही प्रति परिवार 10 किलो चावल, 10 किलो गेंहू दिया जाएगा। छावणी में आश्रय नहीं लेने पर प्रौढ व्यक्ति के लिए 60 रुपए  और छोटे बच्चों के लिए 45 रुपए ऐसे दैनिक भत्ता दिया जाएगा। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के मकानों का तत्काल पंचनामा किया जाए। बाधित गांवों के परिवारों के गांव स्तर पर नाम  के अनुसार जानकारी तैयार की जाए। निराश्रीत हुए सभी को सरकार की ओर से मदद दी जाएगी। जिनके जीवनयापन का माध्यम नष्ट हुआ है, ऐसे नागरिकों को मदद निश्चित  किया जाएगा, मुंबई मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी ने कहा कि मकानों का पंचनामा करते समय उसे तीन भागों में वर्गीकृत किया जाए। वर्ष 2005 और 2019 की बाढ़ में जो मकान  पानी में आए है जिन मकानों की क्षति हुई है, जिन मकानों का अंशत: नुकसान हुआ है, ऐसे तीन अलग-अलग वर्गों में पंचनामा को वर्गीकृत किया जाएगा। जिन नागरिकों के मकान  फिर से उपयोग में लाने योग्य नहीं है, ऐसे नागरिकों के लिए कायमस्वरूपी पुनर्वसन के लिए प्रारूप भी तैयार किया जाएगा। साथ ही हमेशा बाधित होनेवाले मकानों के परिवारों को  सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए कायमस्वरूपी केंद्रों का निर्माण करने के लिए प्रारूप तैयार किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी परिसर के नुकसान का पंचनामा और उनकी  सूची बनाने के लिए यंत्रणा को गति दी जाएगी। सरकारी व्यवस्था के कर्मचारियों के अलावा इंजिनीयरिंग कॉलेज, आयटीआय, डिप्लोमा के छात्रों की भी मदद ली जाएगी, यह भी  उन्होंने स्पष्ट किया। इस दौरान बाढ़ की स्थिति की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी डॉ. अभिजीत चौधरी ने कहा कि जिले के 103 गांवों के 35 हजार 100 परिवारों के एक लाख 85  हजार 855 व्यक्ति और 42 हजार 444 मवेशियों को विस्थापित किया गया है। वहीं महानगरपालिका क्षेत्र के 42 हजार 631 परिवारों के एक लाख 70 हजार 511 व्यक्ति और 720  मवेशी विस्थापित हुए है। कुल 168 अस्थायी निवारा केंद्रों में 49 हजार 314 व्यक्तियों की व्यवस्था की गई है। उन्हें खाना, कपडे, पानी, सॅनेटरी नॅपकीन, दवाई, मवेशियों के लिए  चारा और दैनंदिन उपयोग की सामग्री की मदद दी जा रही है। बाढ़ से प्रभावित गांवों में से 17 गांवों के रास्तों का संपर्क नहीं है और वहां पर नाव के द्वारा संपर्क किया जा रहा है।  संपर्क नहीं हो सकता ऐसे गांवों में नाव के द्वारा जीवनावश्यक सामग्री की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही मवेशियों की स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। आज आखिरी तक 30 टन  चारा वितरित किया गया है और बाधित तहसीलों में टैंकर के द्वारा जलापूर्ति की जा रही है। 80 गांवों से 85 चिकित्सा टीम के द्वारा इलाज की सुविधा उपलब्ध की जा रही है। मदद स्वीकृति और वितरण केंद्र स्थापन किए गए है और राज्यभर से मदद हो रही है। इस दौरान मुंबई मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी, सांसद संजय पाटिल, विधायक सुधीर गाडगील, पूर्व  राज्यमंत्री सुरेश धस, जिलाधिकारी डॉ. अभिजीत चौधरी, जिला पुलिस अधीक्षक सुहेल शर्मा, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिजीत राऊत, महानगरपालिका आयुक्त नितीन  कापडणीस, अप्पर जिलाधिकारी गोपीचंद कदम, पाटबंधारे विभाग के अधिक्षक अभियंता एचवी गुणाले, विशेष कार्य अधिकारी रविंद्र खेबुडकर समेत सभी व्यवस्था के प्रमुख उपस्थित थे।
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