अस्थमा के मरीजों को क्या खाना चाहिए और क्या नही

अलसी के बीज
इनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स और मैग्निशियम होता है, जो महिबरै के आस-पास की मसल्स को रिलेक्स करने में मदद करते हैं और सांस लेने और छोड़ने वाले रास्तों को क्लियर रखते हैं।

पालक
अस्थमा के मरीजों में पोटेशियम और मैग्निशियम की कमी हो जाती है, जिसकी वजह से अस्थमा अटैक होने के चांस अधिक बढ़ जाते हैं। पालक में पोटेशियम और मैग्निशयम के  अलावा फाइबर, विटमिन 'ए' और अन्य मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पालक को डेली डायट में शामिल करने से अस्थमा को कम करने में काफी मदद मिलती है।

लहसुन
यह फेफड़ों में किसी भी तरह की रुकावट को दूर कर देता है और एयरवेज को भी ओपन रखने में भी मदद करता है। इसके लिए 3-4 लहसुन की कली को एक गिलास पानी में  उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो उसे पी लें।

अदरक
डॉक्टरों का मानना है कि अदरक बेनाड्रिल दवाई की तरह ही काम करता है। यह फेफड़ों में सूजन को दूर करता है और ऑक्सीजन के प्रवाह को सुगम बनाता है। इसके लिए अदरक को पीसकर गरम पानी में मिला लें। थोड़ा सा शहद मिलाएं और पी लें।

केला
केले में प्रचुर मात्रा में पोटेशियम होता है और यह फ्री रेडिकल्स को पनपने से रोकता है। इसके अलावा यह कैंसर की रोकथाम में तो मदद करता ही है, साथ ही ब्लड प्रेशर को भी  कम करने में मदद करता है।

ऐवकाडो
इस फ्रूट को सभी ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स का गुरू कहा जाता है। इसमें ग्लूटाथिओन नाम का एक ऐंटी-ऑक्सिडेंट होता है, जो प्रदूषक और विषैले तत्वों से बॉडी को प्रटेक्ट करते हैं। इन  तत्वों को रेस्परेटरी सिस्टम के लिए हानिकारक माना जाता है।

सावधानी बरतें


  • अस्थमा के मरीज को अपने पास हमेशा इन्हेलर रखना चाहिए, ताकि इमर्जेंसी होने पर वह इसका तत्काल इस्तेमाल कर सके।
  • जितना हो सके प्रदूषण से बचने की कोशिश करनी चाहिए। बाहर जब भी निकलें, तो मुंह पर मास्क लगाकर निकलें।
  • अस्थमा के मरीजों को अंडा, गाय का दूध, मूंगफली, सोया, गेहूं, मछली, झींगा, ट्री नट्स को खाने से बचना चाहिए। इनके सेवन से उनके शरीर में अलर्जिक रिएक्शन ट्रिगर हो सकता  है, जो अस्थमा अटैक का कारण बनेगा। ऐसी स्थिति में यह भी संभव है कि सही समय पर अटैक कंट्रोल न हो तो अस्पताल ले जाने तक की नौबत आ सकती है।
  • इसके अलावा अस्थमा के मरीज में फूड प्रिजरवेटिव्ज भी अलर्जिक रिएक्शन ट्रिगर कर सकते हैं। सोडियम बाइसल्फाइट, पोटैशियम बाइसल्फाइट, सोडियम मेटाबाइसल्फाइट,  पोटैशियम मेटाबाइसल्फाइट, सोडियम सल्फाइट जैसी चीजें जो प्रिजरवेटिव में डाली जाती हैं वे अस्थमा के मरीजों के लिए अच्छी नहीं होतीं।

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