बाढ़ पर नही की जाए राजनीती : मुख्यमंत्री

मुंबई
सांगली में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्य का जायजा लेने के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने विपक्ष का आव्हान करते हुए कहा कि बाढ़ को लेकर  राजनीति नहीं की जाए। सभी को एक साथ मिलकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। सीएम ने बाढ़ प्रभावितों के लिए घोषित आर्थिक मदद में वृद्घि करने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने शनिवार को सांगली पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया तथा प्रभावितों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्य का भी जायजा लिया। इसके  बाद जिला अधिकारी कार्यालय में पत्रकार परिषद लेकर सविस्तार जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों को सरकार की तरफ से दी जा रही मदद पर विपक्षी नेताओं की टिप्पणी  का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति को लेकर किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए। सभी को मिलकर लोगों की मदद करने की आवश्यकता है। सीएम ने कहा  कि अन्न-धान्य के पैकेट्स पर मुख्यमंत्री, विधायक या पार्टी को फोटो नहीं लगाना चाहिए। पैकेट्स पर केवल महाराष्ट्र शासन का उल्लेख किया जाए। सीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों  को सभी मदद देकर उनका पुनर्वास किया जाएगा और इसके लिए निधि कम नहीं पड़ने दी जाएगी। पानी उतरने पर जलापूर्ति, बिजली आपूर्ति, स्वच्छता की बातों को वरीयता प्रदान   की जाएगी। इसके लिए अन्य महानगरपालिकों से मनुष्य बल व मशीनरी सांगली जिले को उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता से बाढ़ की स्थिति को  संभाल रहा है और केंद्र सरकार से भी संपूर्ण मदद मिल रही है। एनडीआरएफ, सैन्यदल और नेवी को बुलाया गया है। फिलहाल जिले में 95 बोट तैनात हैं और विशाखापट्टनम से और  15 बोटें मंगाई गई हैं। बचाव कार्य के लिए मांगी गई सभी सामग्री और मशीनरी देशभर से उपलब्ध कराई गई है। अलमट्टी बांध से पानी छोड़ने को लेकर कर्नाटक सरकार से समन्वय  शुरू है और दोनों ही राज्य एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 153 करोड़ रुपए दिए गए हैं और राहत शिविरों एवं जो लोग शिविरों  में नहीं हैं, उन्हें भत्ता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में सांगली में 31 दिनों में हुई बारिश की तुलना में 2019 में नौ दिनों में तीन गुनी से अधिक बारिश होने  व कोयना क्षेत्र में 50 टीएमसी बांध भरने वाली बारिश होने से बाढ़ की अभूतपूर्व स्थिति का सामना करना पड़ा है। सांगली जिले में कुल 101 गांवों के 1 लाख 43 हजार 641 लोगों  तथा 35 हजार 241 जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सार्वजनिक लोक निर्माण की 484 किलोमीटर की सड़क प्रभावित हुई है।
महावितरण के 2 हजार 615 ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है और 27 हजार 467 हेक्टेयर खेती को नुकसान हुआ है। जैसे-जैसे पानी उतरेगा, नुकसान का अनुमान लगाया जा  सकेगा। सांगली में बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने हीराबाग कार्नर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया और जनरल ऑफिसर कमांडिंग नवनीत कुमार से   जानकारी हासिल की। कच्छी भवन जाकर उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल, सहकारिता और मदद व पुनर्वसन मंत्री सुभाष देशमुख,  जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन आदि उपस्थित थे।
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