ओवैसी जैसे लोग मुसलमानों को बना रहे मूर्ख : शिवसेना

मुंबई
इंस्टेंट ट्रिपल तलाक बिल का विरोध करने पर शिवसेना ने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा है। मुखपत्र 'सामना' के जरिए शिवसेना ने कहा है कि ओवैसी जैसे लोग अल्लाह के  नाम पर मुसलमानों को मूर्ख बना रहे हैं। ट्रिपल तलाक अल्लाह की नहीं, बल्कि मुल्ला की देन है। आज से देश में मुल्लों का कानून नहीं चलेगा। कानून बनने से हम पांच और हमारे  पच्चीस पर लगाम लगेगी। मुखपत्र में आगे कहा गया कि राजीव गांधी और कांग्रेस ने संविधान का अपमान किया, लेकिन इस बार मोदी सरकार अभिनंदन की पात्र है, जिसने यह  (इंस्टेंट ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून) फैसला लिया। अब हिंदुस्तान की 12 करोड़ मुस्लिम महिलाएं खुलकर सांस ले पाएंगी। वे ट्रिपल तलाक वाली गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हो  गई हैं। एक नई आशा के साथ करोड़ों महिलाएं एक नया जीवन जिएंगी। शिवसेना ने इसके बहाने कांग्रेस पर भी हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस सहित कुछ  धर्मनिरपेक्षवादियों ने आखिर तक 'ट्रिपल तलाक विरोधी कानून' मंजूर न होने पाए, इसके लिए खूब प्रयास किया। उन लोगों का कहना था कि यह कानून मंजूर हो गया तो देश का धर्मनिरपेक्षवाद खतरे में आ जाएगा। इसके बावजूद मुस्लिम समाज की एक कट्टर प्रथा को मोदी सरकार ने कचरे की टोकरी में फेंक दिया है। एक दीर्घकालीन 'अन्याय पर्व' को ठीक  कर दिया गया है। शिवसेना ने सामना में लिखा कि मुस्लिमों के स्वयंभू मसीहा मियां ओवैसी ने हाय-तौबा मचाते हुए कहा कि 'ट्रिपल तलाक' तो अल्लाह की देन है। ओवैसी जैसे  लोग अल्लाह के नाम पर पूरे मुस्लिम समाज को मूर्ख बना रहे हैं। मियां ओवैसी किस अल्लाह की बात कर रहे हैं? ये अल्लाह की देन नहीं, बल्कि मुल्ला की देन है। आज से देश में  हिंदू-मुसलमानों के लिए एक ही कानून होगा। मुल्लों का अलग कानून नहीं चलेगा। मोदी सरकार ने ट्रिपल तलाक विरोधी विधेयक मंजूर करके ये दिखा दिया है। शिवसेना ने आगे   लिखा गया कि मियां ओवैसी कहते हैं कि इस्लाम में विवाह एक करार है, कांट्रेक्ट है। करार तोड़ने का अधिकार दूल्हे को है। इसका मतलब यह हुआ कि जब तक मन हो तब तक  पत्नी के रूप में स्त्री का उपभोग करो और जब मन में आए तब 'तलाक-तलाक-तलाक' बोलकर करार तोड़ दो। मौखिक तलाक फोन और व्हॉट्सऐप पर भी दिए जा रहे हैं, लेकिन नए  कानून के बाद इस प्रकार मौखिक रूप से तलाक देने वाले शौहर 3 साल की सजा और दंड के भागी बनेंगे। इसलिए अब उनकी मस्त कल्पना अर्थात 'हम पांच और हमारे पच्चीस' पर  लगाम लगेगी। शिवसेना ने कहा कि ये सब अब हिंदुस्तानी कानून के अनुसार होगा। मुसलमानों का 'पर्सनल लॉ' और शरीयत यहां नहीं चलेगी। शिवसेना ने मुख्य विपक्षी पार्टी पर  हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने न्याय नहीं किया तथा हिंदू और मुसलमानों के बीच की दूरियों को नहीं मिटाया। अब उसी खाई में वे खुद गिरे हैं। 'तलाक' के कारण क्या?  भोजन में नमक कम था इसलिए तलाक, बीवी बीमार है इसलिए तलाक और बीवी मायके से पैसे नहीं लाती इसलिए तलाक। इस ट्रिपल तलाक ने मुसलमानों के घर को नर्क बना दिया था।
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