बिजली चोरी मामले में उद्योजक को सश्रम कारावास

ठाणे
मीटर में फेरबदल कर चेंज ओवर स्वीच लगाकर बिजली चोरी करने वाले उद्योजक को दो साल की सश्रम कारावास और 42 लाख रुपए का आर्थिक दंड भरने की सजा ठाणे जिला और सत्र न्यायालय ने दिया है। उल्लेखनीय है कि महावितरण कंपनी के भांडूप परिमंडल के कार्यक्षेत्र में आने वाले मुंब्रा के शील फाटा स्थित मोइनुद्दिन कुरेशी का प्लास्टिक का कारखाना है। 19 अप्रैल 2012 को रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उड़न दस्ते के तत्कालीन अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता प्रविण दरोली अपनी टीम के साथ कुरेशी के कारखाने पर छापा मार दिया था। टीम को जांच के दौरान पता चला कि कुरेशी मीटर में चेंजओवर स्वीच लगाया हुआ था। इसके साथ ही रात आठ से सुबह साढ़े छह बजे के बीच बिजली की चोरी किया करता था। जांच में यह भी पता चला कि कुरेशी उस समय बीते 24 महीने में एक लाख 16 हजार 496 युनिट बिजली का उपयोग चोरी से किया है। इसके बाद कुरेशी के खिलाफ अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल किए जाने के चलते विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत पांच सितंबर 2018 को मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले की ठाणे जिला व सत्र न्यायालय में हुई अंतिम सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और सरकारी वकिल विवेक कडू की दलीलें सनने के बाद कोर्ट ने दो वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कुरेशी को कोर्ट ने 42 लाख रुपए दंड भरने का आदेश दिया है। दंड की रकम न भरने पर दोषी को और नौ महीने सामान्य कैदियों की तरह बितानी पड़ेगी।


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