घर - कार कर्ज होगा सस्ता

मुंबई
रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था की धीमी पड़ती चाल को गति देने के लिए बुधवार को उम्मीद के अनुरूप कदम उठाते हुए प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.35 प्रतिशत की कटौती कर दी।   यह लगातार चौथा मौका है, जब रेपो दर में कमी की गई है। इस कटौती के बाद रेपो दर 5.40 प्रतिशत रह गई। लगातार चौथी बार नीतिगत दर में कटौती से बैंक कर्ज सस्ता होने  तथा आवास, वाहन कर्ज की मासिक किस्तें (ईएमआई) कम होने के साथ साथ कंपनियों के लिए कर्ज सस्ता होने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री ने दिए थे कटौती के संकेत
इसी सप्ताह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में बैंकों ने आरबीआई द्वारा नीतिगत दर में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। रेपो दर वह दर होती   है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकाल के लिए नकदी उपलब्ध कराता है। रेपो दर में इस कटौती के बाद रिजर्व बैंक की रिवर्स रेपो दर  भी कम होकर 5.15  प्रतिशत, सीमांत स्थाई सुविधा (एमएसएफ) दर और बैंक दर घटकर 5.65 प्रतिशत रह गई। रेपो दर में यह कटौती सामान्य तौर पर होने वाली कटौती से हटकर है।

केंद्रीय बैंक का बयान
केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि मौजूदा और उभरती वृहत आर्थिक स्थिति के आकलन के आधार पर एमपीसी ने बुधवार की बैठक में तरलता समायोजन सुविधा (एलएएफ) के  तहत नीतिगत दर रेपो में तत्काल प्रभाव से 0.35 प्रतिशत कटौती कर 5.40 प्रतिशत करने का निर्णय किया। समिति ने कहा कि मुद्रास्फीति फिलहाल अगले 12 महीनों तक लक्ष्य  के दायरे में रहने का अनुमान है। ऐसे में जून में द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद भी घरेलू आर्थिक गतिविधियां नरम बनी हुई है। वहीं वैश्विक स्तर पर नरमी तथा दुनिया  की दो अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते व्यापार तनाव से इसके नीचे जाने का जोखिम बरकरार है।
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