घाटी में सुधर रहे हैं हालात

श्रीनगर
अनुच्छेद 370 हटाने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले के पहले से ही 'नजरबंद' चल रहे जम्मू और कश्मीर के हालात पर प्रशासन ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी मुहैया कराई है। इसके  साथ ही राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी इस बात को लेकर आश्वस्त किया है कि कश्मीर घाटी में शांति के साथ ईद मनाई जाएगी। डिविजनल कमिश्नर बशीर अहमद खान ने  शुक्रवार को यहां पर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रेस कांफ्रेंस किया। उन्होंने बताया कि कश्मीर में ईद का पर्व शांति से मनाया जाएगा। घाटी में हालात सामान्य हो रहे हैं।  लोगों को परेशानी ना हो, इसका ख्याल रखा जाएगा। ज्यादातर इलाकों में स्थिति बेहतर हो रही है। अभी तक किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई है।
बाहर पढ़ने गए बच्चों के संपर्क में, वापस आने के लिए इंतजाम 20 हजार बच्चे पढ़ाई के लिए अभी राज्य से बाहर हैं। कम्युनिकेशन ब्लॉक होने की वजह से बच्चों में अपने  परिजनों से बात करने की बेचैनी है। जो भी वापस आना चाहते हैं, उन्हें विशेष सुविधा मुहैया कराई जाएगी। हर जगह हेल्पलाइन नंबर मौजूद हैं, जिसके जरिए बच्चे हमसे संपर्क कर  रहे हैं। देश के बाकी हिस्सों में मौजूद बच्चों की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, चेन्नई में चार मुख्य टीमें हैं, जो अलग-अलग जिलों में मौजूद बच्चों का  पूरा ख्याल रख रही हैं। वहीं राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी कहा कि घाटी में स्थिति सामान्य हो रही है।

जामा मस्जिद में कोई धार्मिक सभा नहीं होगी
अधिकारियों ने कहा कि कश्मीर घाटी में लोगों को स्थानीय मस्जिदों में शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति देने के लिए प्रतिबंधों में ढील दी गई। हालांकि, ऐतिहासिक जामा  मस्जिद में शुक्रवार को कोई धार्मिक सभा नहीं होगी। डोभाल ने शुक्रवार को श्रीनगर का दौरा भी किया और इलाके में दो घंटे से ज्यादा समय बिताया। उन्होंने सैनिकों और स्थानीय  लोगों के साथ बातचीत की और सीआरपीएफ कर्मियों के साथ लंच भी किया।

घाटी से आगरा भेजे गए 20 और अलगाववादी
जम्मू-कश्मीर सरकार ने 20 और अलगाववादियों को घाटी से उत्तर प्रदेश के आगरा भेजा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने  बताया कि इन लोगों का  इतिहास समस्या पैदा करने वाला रहा है और ये कई अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। शुक्रवार को एयरफोर्स के विशेष विमान के जरिए इन्हें कश्मीर से आगरा लाया गया।  कश्मीर से बाहर भेजे गए इन लोगों पर अलगाववादी समूह के सक्रिय सदस्य होने का आरोप है।

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