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क्या स्कैल्प की मसाज करने से बाल दोबारा उग सकते हैं?

बालों के झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ को कंट्रोल किया जा सकता है और कुछ को नहीं। आमतौर पर अगर आपके बाल पोषण की कमी से झड़ते हैं, तो स्कैल्प मसाज करने से दोबारा बाल उग सकते हैं। लेकिन अगर आप मेल पैटर्न बाल्डनेस का शिकार हैं या अनुवांशिक कारणों से आपके बाल झड़ते हैं, तो इन्हें दोबारा पाना मुश्किल होता है। हालांकि बाल किसी भी कारण से झड़ रहे हों, अगर आप इनकी सही देखभाल करें, अच्छे तेल से रेगुलर मसाज करें, तो इनका झड़ना कम हो सकता है।

क्या होता है जब आप सिर की मसाज करते हैं?

सिर के हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स को जरूरी पोषक तत्व और ऑक्सीजन मिल जाते हैं।

सिर की मसाज करने से आपका तनाव कम होता है क्योंकि मस्तिष्क के हिस्से में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ जाती है।

रेगुलर मसाज करने से आपके बालों को बांधकर रखने वाले हेयर फॉलिकल्स मजबूत होते हैं और बाल कम झड़ते हैं।

मसाज करने से आपके सिर की त्वचा की क्लाविटी सुधरती है।



अगर आप अपने चेहरे को झुर्रियों और फाइन लाइन्स से बचाना चाहती हैं,  तो मसूर की दाल हर घर में खाई और पसंद की जाती है। इस दाल में कई ऐसे पोषक तत्व हैं, जो हमारी सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इस दाल को आप अपनी ब्यूटी रूटीन में भी शामिल कर सकती हैं। इसकी मदद से आप अपने लिए एंटी-एजिंग क्रीम तैयार कर सकती हैं, जो स्किन से झुर्रियों का सफाया करेगा। सबसे बड़ा खिताब जीता सैमसंग का नया फोन, धाकड़ परफॉर्मेंस अगर आप बाजार की महंगी क्रीम लगाने से बचना चाहती हैं, तो एक बार इस मसूल की दाल से बनी हुई क्रीम का उपयोग जरूर करें। आइए जानते हैं घर पर ही इसे बनाने का सबसे आसान तरीका...

सामग्री: मसूर दाल- 5 चम्मच, ग्लिसरीन- 2 बड़े चम्मच, गुलाब जल, विटामिन ई तेल या जैतून का तेल- 1 चम्मच, एलोवेरा जेल

बनाने का तरीका

सबसे पहले दाल को एक कटोरे में लें और इसे रात भर गुलाब जल में भिगो दें। अगली सुबह इसे ब्लेंडर में डालें, थोड़ा गुलाब जल मिलाएं और इसे पीसकर एक महीन पेस्ट बनाएं। इसके बाद, पेस्ट को एक कटोरे में निकाल लें। यह ध्यान रखें कि पेस्ट बहुत बारीक हो। अब इस दाल के पेस्ट में 2 चम्मच ग्लिसरीन और 1 चम्मच विटामिन ई ऑयल डालकर अच्छे से मिलाएं। इसके बाद इसमें एलोवेरा जेल मिलाएं और फिर से चेहरे अब इसे एक छोटे एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर करें। के लिए मसूर दाल एंटी-एजिंग क्रीम के फायदे - मसूर दाल से बना एंटी-एजिंग क्रीम आपके चेहरे को एक प्राकृतिक चमक देने में मदद करेगा। क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन-ई आपके चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद करता है। 



हर तरह की त्वचा पर करता है फायदाच्च्शिया बटर की खासियत होती है कि ये हर स्किन टाइप पर सूट करता है। नेचुरल होने की वजह से इसके इस्तेमाल से त्वचा से जुड़ी कई सारी परेशानियां भी दूर हो जाती हैं। शिया बटर स्किन को अंदर तक मॉइश्चराइज करता है। इसे स्किन पर लगाने से ये मॉइश्चराइज को स्किन के अंदर ही लॉक कर देता है। जिससे नमी बरकरार रहती है और स्किन ड्राई नहीं होती है।

त्वचा में जब प्राकृतिक रूप से मॉइश्चराइजर मौजूद रहेगा तो त्वचा ग्लो भी करेगी। शिया बटर को लगाने से त्वचा को पोषण मिलता है। जिसकी वजह से त्वचा ग्लो करती है। यहां तक कि शरीर पर होने वाले स्ट्रेच मार्क्स को भी शिया बटर की मदद से हल्का किया जा सकता है। 

शिया बटर की मदद से सर्दियों की रूखी त्वचा के साथ ही होठों की भी देखभाल होती है। यहीं नहीं शिया बटर में स्टीयरिक एसिड और लिनोलिक एसिड जैसे तत्व होते हैं जो त्वचा पर होने वाले एक्जिमा और सोरायसिस को ठीक करने में मदद करते हैं।

अगर किसी का हाथ या शरीर का कोई अंग जल गया हो तो जलन को कम करने में शिया बटर मदद करता है। जले हुए स्थान पर शिया बटर लगाने से जलन कम होती है। वहीं त्वचा पर होने वाली झुर्रियों को दूर करने में शिया बटर बहुत असरदार है।



स्कुल बंद है और बच्चे घर पर हैं। स्कूलों ने अब ऑनलाइन क्लासेज शुरू कर दी हैं। काफी दिनों से खाली बैठने के कारण इन दिनों बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना स्वाभाविक है। वैसे भी बच्चों का मन चंचल होता है। इसलिए पढ़ाई के लिए जरूरी एकाग्रता की कमी के कारण बच्चे ठीक तरह से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। अगर आप समझ रहे हैं कि एकाग्रता और बुद्धि क्षमता को बदला नहीं जा सकता है तो आप गलत हैं। योगासनों और प्राणायाम के द्वारा व्यक्ति की बुद्धि, याद करने की क्षमता और एकाग्रता तीनों को ही बढ़ाया जा सकता है। योग गुरू  अमित सिंह से जानें बच्चों के लिए 3 बेहद आसान लेकिन प्रभावी योगासन, जिनके अभ्यास से बच्चों की ये तीनों क्षमताएं बढ़ती हैं।

प्राणायाम के द्वारा पाएं एकाग्रता

एकाग्रता यानी कॉन्संट्रेशन बढ़ाने के लिए प्राणायाम बहुत उपयोगी है। इसके लिए सबसे पहले जमीन पर ज्ञान मुद्रा में बैठ जाएं, यानी पालथी मारकर कमर और पीठ को सीधा रखते हुए और हाथों को घुटनों पर रखकर। अब सामने रखी किसी एक वस्तु पर अपना ध्यान लगाएं और लंबी गहरी सांस लें। धीमी गति से सांस अंदर खींचें और फिर छोड़ दें। इस क्रिया को आप कम से कम 3 से 5 मिनट तक करें। अगर ध्यान भटकता है तो दोबारा वस्तु पर ध्यान लाएं और सांसों को भरते-छोड़ते हुए महसूस करें। इस योगासन के नियमित अभ्यास से बच्चों की एकाग्रता बढ़ने लगती है। इसके अलावा इस आसन के अभ्यास से याद करने की क्षमता भी बढ़ती है और चंचल मन शांत होता है।

अंगूठे की सहायता से ध्यान केंद्रित

इस आसन को करना भी बेहद आसान है। इसके लिए जमीन पर चटाई बिछाकर पहले की ही तरह ज्ञान मुद्रा में बैठ जाएं, पीठ को सीधा रखें। अब अपने दाएं हाथ को सामने की तरफ फैलाएं और मुठ्ठी बंद करते हुए अंगूठे को बाहर निकालें। अब अपने अंगूठे के नाखून को 10 सेकेंड तक गौर से देखें और जब आपको लगे कि आपने अंगूठे पर ध्यान केंद्रित कर लिया है, तो धीरे-धीरे अंगूठे को अपनी आंखों के पास लाते जाएं। इस बीच आपको ध्यान रखना है कि अंगूठे के छोर से आपका ध्यान भटके नहीं। अंगूठा जब आंख के बहुत नजदीक आ जाएगा, तो आपको तस्वीर धुंधली दिखाई देने लगेगी। इस तरह बार-बार उंगली को आगे पीछे करते हुए ध्यान केंद्रित करें। 

कॉसंट्रेशन के लिए वृक्षासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर बिल्कुल सीधा खड़े हो जाएं। अपने पैरों के बीच में थोड़ा गैप रखें। अब अपना एक पैर उठाएं और धीरे-धीरे इसे जांघों की तरफ ले आएं। पैर के तलवे को जांघ पर लगाते हुए दूसरे पैर से बैलेंस बनाएं। इसी पोजीशन में रहते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की तरफ उठाएंगे और सीधा रखते हुए नमस्ते की पोजीशन में जोड़ लेंगे। इस बीच सामने देखते रहें और गहरी सांसें लेते रहें। 



गर्मी के मौसम में पसीना। गर्मी से अधिकतर लोग परेशान रहते हैं लेकिन एक हेल्दी त्वचा के लिए पसीना आना जरूरी होता है। कई लोग मानते हैं कि पसीना आपकी त्वचा को तैलीय बनाता है और सभी छिद्रों को अवरुद्ध करता है, लेकिन यह सच नहीं है। वास्तव में यदि आप पसीना नहीं बहाते हैं तो इसका मतलब है कि आपके छिद्र पहले से ही भरे हुए हैं और आपकी त्वचा मुंहासे-ब्रेकआउट के लिए लगभग तैयार है।जब आपको गर्मी लगती है और पसीना आता है तो आपको प्यास भी लगती है जिससे आप ज्यादा पानी पीते हैं। इससे आपकी त्वचा को कई तरह के फायदे पहुंचते हैं। 

टॉक्सिन निकालने में मदद करता है।

पसीना आपके शरीर के सभी हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। ये टॉक्सिन जब पसीने के रूप में नहीं निकलते हैं, तो त्वचा को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं जिसके परिणामस्वरूप मुंहासे व दाने होते हैं। जब आपको पसीना आता है तो आपके शरीर से सैहीचिनज चहग हचोचिन जचना निकलता है, जो एक प्राकृतिक एक्सफोलिएटर की तरह काम करता है। यह रोम छिद्रों को साफ करता है और त्वचा में जमी गंदगी और अशुद्धियों को साफ करता है, साथ ही रूखी त्वचा और एलर्जी की समस्या को भी कम करता है। 

चेहरे पर जमी गंदगी और अशुद्धियों को दूर करता है।

पसीना हमारे शरीर से सभी गंदगी और बची हुई मृत त्वचा कोशिकाओं को बाहर निकालने में मदद करता है, साफ करता है। 

रविशंकर प्रसाद बोले- राशन माफिया के नियंत्रण में है दिल्ली सरकार


नई दिल्ली

दिल्ली में घर-घर राशन पर जारी संग्राम अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार के आरोपों के जवाब में पलटवार करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल हर घर अन्न की बात कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि कोरोना काल में वह न तो अस्पतालों में ऑक्सीजन पहुंचा सके और ना मोहल्ला क्लीनिकों में दवा पहुंचा सके। हर घर राशन भी एक जुमला है। दिल्ली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत सरकार देशभर में 2 रुपए प्रति किलो गेहूं, 3 रुपए प्रति किलो चावल देती है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पिछले साल की तरह इस बार भी नवंबर तक गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। चावल का खर्चा 37 रुपए प्रति किलो होता है और गेहूं का 27 रुपए प्रति किलो होता है। भारत सरकार सब्सिडी देकर प्रदेशों को राशन की दुकानों के माध्यम से जरूरतमंद गरीबों में अनाज बांटने के लिए देती है। भारत सरकार सालाना करीब दो लाख करोड़ रुपए इस पर खर्च करती है। भाजपा नेता ने केजरीवाल से पूछा है कि दिल्ली की राशन की दुकानों में अप्रैल 2018 से अब तक पीओएस मशीन का ऑथेंटिकेशन क्यों शुरू नहीं हुआ है? केजरीवाल एससी-एसटी वर्ग की चिंता नहीं करते हैं, प्रवासी मजदूरों की चिंता भी नहीं करते हैं, गरीबों की पात्रता की भी चिंता नहीं करते हैं।

धवन के हाथ में 'कमान'


नई दिल्ली

श्रीलंका के सीमित ओवर क्रिकेट के दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। भारत को 13 जुलाई से 25 जुलाई तक चलने वाले दौरे के दौरान श्रीलंका से तीन वनडे अंतर्राष्ट्रीय और इतने ही टी-20 मैच खेलने हैं जो कोलंबो के आर प्रेमदासा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। इस दौरे के लिए ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन को भारतीय टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार उप-कप्तान होंगे। 

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने 20 सदस्यीय टीम का ऐलान किया जिसमें आल राउंडर हार्दिक पंड्या और कुलदीप यादव तथा युजवेंद्र चहल की स्पिन जोड़ी को चुना है। युवा खिलाड़ी जैसे देवदत्त पडीक्कल और पृथ्वी शॉ उम्मीदों के अनुरूप टीम में शामिल हैं जिसमें युवा इशान किशन और संजू सैमसन के रूप में 2 विकेटकीपर बल्लेबाज मौजूद हैं। 

देश की अगुआई करना सम्मानजनक: धवन

श्रीलंका दौरे के लिये भारतीय टीम की अगुआई की जिम्मेदारी दिये जाने के बाद सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने शुक्रवार को कहा कि यह मौका दिया जाना उनके लिये सम्मान की बात है। चयनकर्ताओं ने श्रीलंका श्रृंखला के लिये कई नये चेहरों को चुना, क्योंकि मुख्य टीम विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों के लिये ब्रिटेन में होगी। श्रीलंका दौरे में भारतीय टीम की कमान मिलने के बाद शिखर धवन ने ट्वीट किया, ‘देश की अगुआई का मौका दिये जाने से सम्मान महसूस कर रहा हूं। आप सभी की शुभकामनाओं के लिये शुक्रिया।’ पैंतीस साल के इस खिलाड़ी ने 34 टेस्ट, 145 वनडे और 65 टी-20 मैच खेले हैं। भुवनेश्वर कुमार को उप कप्तान नियुक्त किया गया। श्रृंखला के लिये पांच खिलाड़ियों को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया, जिसमें के गौतम, देवदत्त पडीक्कल, नीतिश राणा, ऋतुराज गायकवाड़ और चेतन सकारिया शामिल हैं।


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