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वाराणसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के स्वयंसेवी संगठनों से बात की। इस दौरान अलग-अलग संगठनों ने कोरोनाकाल में किए गए सामाजिक कार्यों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। इस दौरान ने मोदी यूपी में कोरोना कंट्रोल करने और कोरोनाकाल में योगी सरकार द्वारा किए गए कामों को भी सराहा। मोदी ने कोरोनाकाल में लोगों की मदद के लिए केंद्र की ओर से उठाए गए कदमों को भी बताया। मोदी ने कहा कि सौ साल पहले ऐसी ही भयानक महामारी हुई थी। तब भारत में इतनी जनसंख्या नहीं थी, लेकिन उस समय भी दुनिया में जहां सबसे ज्यादा लोग मरे उनमें भारत भी था। इस बार जब महामारी आई तो एक्सपर्ट कह रहे थे कि इस बार भी भारत के हालात बिगड़ जाएंगे। उत्तर प्रदेश को लेकर लोगों में और भी ज्यादा आशंकाएं थी, लेकिन आपके सहयोग ने सारी आशंकाओं को ध्वस्त कर दिया। ब्राजील की आबादी उत्तर प्रदेश के जितनी ही है। वहां 65 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। जबकि, उत्तर प्रदेश ने न सिर्फ संक्रमण की गति को काबू में किया हुआ है, बल्कि जिन्हें कोरोना हुआ है, वे भी तेजी से ठीक हो रहे हैं। इसकी बहुत बड़ी वजह आप सभी लोग हैं।

लखनऊ
यूपी में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। आलम यह है कि रोजाना हजार के ऊपर संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में शुक्रवार की रात 10 बजे से लेकर 13 जुलाई अर्थात सोमवार की सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। हालांकि इस दौरान आवश्यक सेवाओं के लिए छुट जारी रहेगी। यूपी के प्रमुख सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण और संचारी रोगों (एनसिफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू, कालाजार) के संक्रमण को रोकने के लिए 10 जुलाई 2020 की रात से 13 जुलाई केा सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन लगाने की घोषणा की गई है। इस दौरान पूरे प्रदेश में सभी ऑफिस, शहरी और ग्रामीण हाट, बाजार, गल्ला मंडी और व्यवसायिक प्रतिष्ठान आदि बंद रहेंगे।
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 31 हजार पार कर चुका है और राज्य में अब तक 845 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य में गुरुवार को पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1248 नए मामले सामने आए हैं। वहीं कोविड-19 महामारी से राज्य भर में 17 मरीजों की मौत हो गई। बुधवार को प्रदेश में 32,826 नमूनों की जांच की गई थी। यूपी के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के 1248 नए मामले सामने आने के बाद प्रदेश में इसके कुल मामले बढ़कर 32,362 हो गए हैं। राज्य में एक्टिव केस की कुल संख्या 10,373 हो गई है। पूरी तरह ठीक होकर डिस्चार्ज लोगों की संख्या 21,127 हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित 17 और लोगों की मौत के साथ इस महामारी से मरने वाले लेागों की कुल संख्या बढ़कर 862 हो गई है।
उधर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज से सीएमओ कार्यालय के एक और स्वास्थ्यकर्मी सहित 11 लोगों की सैंपल रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इनमें से एक युवक सीएमओ कार्यालय में अस्थाई रूप से कार्य करता है। उसके परिवार के ४ सदस्य भी संक्रमित हैं। इसी के साथ जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों क्री संख्या 204 हो गई है। संक्रमित मरीजों को अस्पताल भेजने के साथ ही उनके घर की तरफ जाने वाले रास्तों के सील करा दिया गया।

नेता अफसर और अपराधियों के गठजोड़ से उठ सकता है पर्दा

कानपुर
विकास ने पुलिस की गिरफ्त में मुंह खोला तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। उज्जैन पुलिस और एसटीएफ की टीमें अज्ञात जगह पर रखकर उससे पूछताछ कर रही हैं। विकास से मिली सूचनाएं कानपुर पुलिस से भी शेयर की जाएंगी। माना जा रहा है कि पुलिस विकास से उन शरणदाताओं के बारे में पूछताछ कर सकती है जिनकी मदद से वह उज्जैन तक पहुंच गया।
महाकाल मंदिर में गिरफ्तारी के बाद विकास के नजदीकियों की बेचैनी बढ़ गई है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर मदद करने वाले लोग मुश्किल में फंस सकते हैं। पुलिस विकास से अपने तरीके से पूछताछ करेगी। नेता, अफसर और अपराधी गठजोड़ का खुलासा हुआ तो कई मुश्किल में होंगे। हिस्ट्रीशीटर के साथ रहने वाले, मदद करने वाले तमाम लोग अभी से पसीना-पसीना हो रहे हैं कि विकास ने उनका नाम ले लिया तो पुलिस नींद हराम कर देगी। इस बात की संभावना भी है कि विकास उन चेहरों को भी बेनकाब कर दे जो सत्ता के गलियारे से इसकी मदद कर रहे थे।पुलिस के साथ विकास दुबे के संबंधों के बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं। चौबेपुर थाने के निलंबित एसओ और बीट दरोगा केके शर्मा के खिलाफ एफआईआर और फिर गिरफ्तारी इसका सबूत है। विकास के राजनीतिक संबंधों को लेकर पूर्व में वीडियो जारी वायरल हुआ था। इसमें उसने सत्ताधारी नेताओं के अलावा जनप्रतिनिधियों का नाम लिया था।
विकास की गिरफ्तारी के साथ लखनऊ, कानपुर, मध्य प्रदेश में कई ऐसे बड़े लोगों की दिल की धड़कनें बढ़ा दी हैं। उनका नाम सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें तेजी से बढ़ेंगी। उन पर कानून का शिकंजा बढ़ सकता है। उन्हें अपने कनेक्शन के बारे में जानकारी देनी पड़ सकती है।

कानपुर
शहीद के पिता ने विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। विकास दुबे को उज्जैन में पकड़ने पर मथुरा के शहीद सिपाही जितेंद्र केपरिजन संतुष्ट नहीं है। जितेंद्र के पिता तीर्थ पाल ने इस पर सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि क्यों वह अपने आप को पूरी तरह से बचा ले गया और इस तरह गिरफ्तारी देकर उसने अपने आप को सेफ कर लिया है। हम तो यही चाहते हैं कि उसको बीच चौराहे पर लाकर सभी के सामने गोली मारी जाए, तब ही हम संतुष्ट होंगे। इस कार्रवाई से हम बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यूपी पुलिस एक आर्मी के बराबर होती है। वह कभी बताते हैं फरीदाबाद में, कभी कहते हैं यहीं है, आखिर वह उज्जैन कैसे पहुंच गया? बता दें कि 2 जुलाई की रात 8 पुलिसवालों को मारकर गैंगस्टर विकास दुबे कानपुर से फरार हो गया था। इस दौरान वह उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान की सीमा पार करते हुए 9 जुलाई को मध्य प्रदेश केउज्जैन में दिखा जहां मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

लखनऊ
कंटेनमेंट जोनों में लापरवाही से संक्रमण की चेन नहीं टूट पा रही है। ऐसे में अब अफसरों ने नई योजना तैयार की है। इसमें एक ही इलाके में १० से अधिक कंटेनमेंट जोन बनने पर पूरी तरह से लॉकडाउन कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इसे लागू करने के लिए शासन को भेजा है। जिस इलाके में दस से अधिक कंटेनमेंट जोन होंगे, उसे अति संवेदनशील श्रेणी में रखा जायगा।

250 की जगह 500 मीटर का दायरा सील होगा
यहां 250 की जगह 500 मीटर का दायरा सील होगा। यहां सबकुछ बंद रहेगा। जरूरी सामान की डिलीवरी करवाई जाएगी। ५ कंटेनमेंट जोन पर इलाके को संवेदनशील माना जाएगा। यहां सिर्फ जरूरी दुकानें ही खुलेंगी। पांच से कम कंटेनमेंट जोन पर इलाका सामान्य माना जाएगा। यहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दुकानें खुलेंगी।

छूट मिलते ही बढ़ी मुश्किल
अधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत अन्य राज्यों में आने वाले लोगों को ७ दिन क्वारंटीन किया जा रहा है। यूपी में ऐसी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गैर राज्यों से आने वाले वायरस की नई चेन बनाते जा रहे हैं।

नई दिल्ली
देश के 72 लाख से अधिक कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने जिन कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में उनके अंशदान को देने का ऐलान किया था, उसे तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। यानी आगामी अगस्त महीने तक सरकार कर्मचारियों के पीएफ खातों में कर्मचारियों और नियोक्ता के हिस्से का अंशदान जमा कराती रहेगी, लेकिन इसके लिए सरकार ने पहले ही शर्तें निर्धारित कर रखी हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसार मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार ने बुधवार को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत ईपीएफ योगदान में कर्मचारियों और नियोक्ताओं को दी जाने वाली राहत की समयसीमा को तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत, सरकार अगले तीन और महीने यानी अगस्त महीने तक नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का कर्मचारी भविष्य निधि खातों में अंशदान जमा कराना जारी रखेगी, जो कुल मिलाकर 24 फीसदी (12 फीसदी कर्मचारियों का अंशदान+12 फीसदी नियोक्ताओं का अंशदान) होगा। सरकार जून, जुलाई और अगस्त के लिए भी अंशदान जमा कराएगी। उन्होंने बताया कि इसमें कुल 4,860 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है और इस कदम से 72 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा होगा।

नई दिल्ली
कोच जस्टिन लैंगर को लगता है कि 'क्रिकेट के स्वास्थ्य के लिए' ऑस्ट्रेलिया को सितंबर में इंग्लैंड का दौरा करना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने कहा कि इस दौरे के बाद खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में शामिल होने के लिए रिलीज किया जाना चाहिए। कोच लैंगर ने कहा कि कोरोना वायरस की चुनौतियों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को फिर से क्रिकेट में वापसी करने में अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि भले ही इसके लिए स्थायी क्वारंटाइन हो, जैव सुरक्षा प्रतिबंध और परिवार से दूर होना हो। उन्होंने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत विचार है कि हमें जाना चाहिए और इसके कई कारण हैं।
जस्टिन लैंगर ने बात करते हुए कहा, ''मुझे लगता है कि हमें इंग्लैंड जाना चाहिए। बेशक बहुत सारी चुनौतियां हैं, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करने के लिए समाधान खोजना होगा कि क्या हो सकता है। मैं 'वर्ल्ड क्रिकेट के स्वास्थ्य' के बारे में सोच रहा हूं। जितना हम चाहते हैं कि भारत यहां पर आए। इसके लिए हमें प्रैक्टिल तौर पर करके देखना होगा। अगर हम ऐसा कर सकते हैं तो हमें इंग्लैंड के साथ जुड़ने की जरूरत है।''
इंग्लैंड में इस महीने के लिए निर्धारित ऑस्ट्रेलिया की सीमित ओवरों की सीरीज को कोरोना वायरस के कारण स्थगित कर दिया गया था। ऐसे में अब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की सीरीज को सितंबर में कराने पर विचार किया जा रहा है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने महामारी के दौरान अपने 15 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। वह इस साल के अंत में भारत के खिलाफ मनी-स्पिनिंग टेस्ट सीरीज की मेजबानी करने के लिए भी बेताब है।
लैंगर का मानना था कि आईपीएल में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया के बड़े नामों को रिलीज करना होगा। हालांकि, अभी तक आईपीएल 2020 को लेकर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन लैंगर का कहना है कि आईपीएल में अपने खिलाड़ियों को भेजना एक सद्भावना संकेत होगा। इससे यह सुनिश्चित भी होगा कि भारत अपने टेस्ट दौरे के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

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