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शिवहर

कालाजार रोग से शिवहर जिला को मुक्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग इस रोग से समाज को सुरक्षित रखने के लिए त्वरित गति से उन्मूलन कार्यक्रम चला रहा है। कोरोना से बचाव की व्यवस्था के बीच कालाजार के खिलाफ अभियान शुरू हो गया है। जिले के सभी पांच प्रखंडों में शुक्रवार से कालाजार उन्मूलन के लिए सिथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव शुरू कर दिया गया है। छिड़काव कर्मियों की टीम जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचकर सिथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव कर रही है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कामेश्वर कुमार सिंह ने बताया कि, कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव पांच प्रखंड के 39 गांव में 66 दिनों तक किया जाएगा। इसके लिए एसडब्ल्यूएफ को प्रशिक्षित किया गया है। एसडब्ल्यूएफ सभी कार्यों के पर्यवेक्षण समेत छिड़काव किए गए घरों में जरूरी सुझाव भी दे रहे हैं। कोरोना के मद्देनजर छिड़काव कर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराया गया है। विभाग की तरफ से उन्हें मास्क तथा ग्लब्स भी उपलब्ध कराया गया है। छिड़काव में लगे सभी दलों को दो गज की शारीरिक दूरी का पालन का निर्देश दिया गया है।


बक्सर

रविवार की सुबह अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से नई बाजार का इलाका गूंज उठा। सुबह-सवेरे ही गोलियों की आवाज सुनते ही अफरा-तफरी मच गई। लोग गोलियां चलने की आवाज की दिशा में भागे। हैरानी हुई कि एक दुकान के बंद दरवाजे पर भी अपराधियों ने ताबड़तोड़ सात फायरिंग की थी। इस बीच घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई। मिली जानकारी के अनुसार सुबह सात बजे का वक्त था, तभी एक बाइक पर बैठे तीन युवक नई बाजार निवासी रमेश केशरी की किराना दुकान के सामने रुके और पिस्टल निकालकर दनादन गोलियां दागनी शुरू कर दी। तीनों युवकों में से दो ने इस दौरान दुकान के बन्द दरवाजे पर सात गोलियां दागी, जबकि तीसरा युवक बाइक स्टार्ट किए बैठा रहा। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से भाग निकले। अंधाधुंध गोली चलने की आवाज सुनते ही बाजार में भगदड़ मच गई । 


समस्तीपुर

जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत चकमेहसी थाना क्षेत्र से एक लोमहर्षक सूचना मिल रही है। यहां एक सास ने खाना बनाने को लेकर हुए व‍िवाद में अपनी बहू पर गर्म सब्जी भरी कड़़ाही उड़ेेल दी, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई है। पीड़ि‍ता की परेशानी का अंत यहीं पर नहीं हुआ। रही सही कसर ननद ने पूरी कर दी। उसने पीड़ि‍ता के सारे बाल ही काट डाले। यह मामला सामने आने के बाद ​िज‍सने भी सुना, यही कहता हुआ ​िद‍खा, एक महिला के मन में दूसरे के ​िल‍ए इतनी घृणा कैसे हो सकती है। तब जब​िक‍ सामने बेटी के समान बहू हो? प्राप्त जानकारी के अनुसार चकमेहसी थाना अंतर्गत मासूमनगर कोठी गांव में विगत एक मार्च को नवव‍िवाहि‍त की उसकी सास से खाना बनाने को लेकर ​िववाद हो गया। ​िक‍सी बात को अनसुनी करने का आरोप लगाते हुए सास ने बहू के शरीर पर गर्म सब्जी से भरी पूरी कड़ाही उड़ेेल दी। जिससे वह बुरी तरह से झुलस गई।       


 नवादा 

बिहार के नवादा जिले के नक्सल प्रभावित इलाका कौआकोल प्रखण्ड के सोखोदेवरा पंचायत की मुखिया के आवास पर शनिवार की रात अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की। इसके बाद एक पोस्टर भी मुखिया के घर पर चिपकाकर दस लाख रुपये रंगदारी देने की मांग की। पोस्टर में रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। मुखिया लीला देवी के पावापुरी गोवरैया स्थित आवास पर अज्ञात अपराधियों ने 6 राउंड से अधिक फायरिंग की। पुलिस ने घटनास्थल पर से पांच खोखा एवं एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।  घटना के संबंध में जानकारी देते हुए मुखिया लीला देवी के पुत्र संतोष कुमार उर्फ योगी त्यागनाथ ने बताया कि शनिवार की रात जब पूरा परिवार सो रहा था, तभी अचानक अज्ञात लोगों द्वारा उनके घर पर गोलीबारी की जाने लगी। आवाज सुनकर वे उठे एवं घटना की सूचना कौआकोल थाना की पुलिस को दी। रात्रि में ही पुलिस ने मुखिया के घर पर पहुंचकर घटनास्थल से तीन खोखा बरामद कर अपने साथ लेकर चली गई। रविवार की सुबह स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में घटनास्थल पर से दो अन्य खोखा एवं एक 9 एमएम का जिंदा कारतूस बरामद किया गया। घटना के बाद मुखिया सपरिवार काफी दहशत में हैं।  त्यागनाथ ने बताया कि इसके पूर्व भी अपराधियों द्वारा 23 जून 2017 को फोन पर दो लाख रुपये रंगदारी की मांग की थी। 


भागलपुर

देश के दो बड़े हिंदीभाषी राज्य बिहार और यूपी में बीते दिनों यहां के अमानवीयता और प्रशासन के लापरवाही की झकझोर देने वाली दो बड़ी तस्वीरें सामने आई है। एक बिहार के कटिहार जिले की तस्वीर है जहां एक बेटे के शव को लेकर थाना जाते लाचार पिता की तस्वीर है तो दूसरी ओर यूपी के प्रयागराज की तस्वीर सामने आती है जहां निजी अस्पताल में इलाज के रुपये जमा नहीं करने पर बच्चे के ऑपरेशन के दौरान चीरे हुए पेट पर टांका लगाए बिना ही उसे घर भेज दिया गया। जहां बाद में बच्चे की मौत हो गई। 

हालांकि यूपी मामले में घटना की मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मामले का संज्ञान लिया और प्रयागराज के जिला अधिकारी को मामले में केस दर्ज कर जांच कराए जाने का निर्देश दिया है। बिहार के कटिहार जिले में बीते कुछ दिनों से लापता 13 साल के बच्चे का शव बरामद हुआ तो पुलिस ने पोस्टमार्टम कराना भी जरूरी नहीं समझा और शव को मौके पर ही छोड़कर रवाना हो गए। पुलिस ने जब अपने हाल पर छोड़ दिया तो मृतक के पिता शव को बोरे में भरकर पैदल ही निकल पड़े और थाने पहुंचे। दरअसल बीते 26 फरवरी को भागलपुर जिले के गोपालपुर थानाक्षेत्र करारी तीनटंगा के रहने वाले 13 वर्षीय हरिओम कुमार नाव से गिरकर गंगा में डूबने से लापता हो गया था। काफी खोजबीन करने के बाद भी शव बरामद नहीं होने पर हरिओम के पिता लेरू यादव ने घटना के संदर्भ में गोपालपुर थाना में सूचना भी दी थी। इसके कुछ दिनों बाद कुर्सेला थाना क्षेत्र के खेरिया घाट पर एक किशोर का शव बरामद हुआ। खेरिया में दूरदराज के सगे संबंधियों ने शव देखकर इसकी सूचना हरिओम को दी।


LIC

नई दिल्ली

मोदी सरकार ने जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की अधिकृत पूंजी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाकर 25,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है, जिससे अगले वित्त वर्ष में कंपनी की लिस्टिंग में मदद मिलेगी। फिलहाल 29 करोड़ पॉलिसियों के साथ जीवन बीमा कंपनी की चुकता पूंजी 100 करोड़ रुपये है। एलआईसी की शुरुआत 1956 में पांच करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ हुई थी। एलआईसी का संपत्ति आधार 31,96,214.81 करोड़ रुपये है। 

जीवन बीमा अधिनियम, 1956 में प्रस्तावित संशोधन के अनुसार एलआईसी की अधिकृत पूंजी को बढ़ाकर 25,000 करोड़ रुपये किया जाएगा। इसे 10 रुपये प्रत्येक के 2,500 करोड़ शेयरों में बांटा जाएगा। वित्त विधेयक, 2021 के तहत प्रस्तावित इस संशोधन से सूचीबद्धता प्रतिबद्धताओं के अनुसार बोर्ड का गठन स्वतंत्र निदेशकों के साथ किया जाएगा।  27 प्रस्तावित संशोधनों में से एक के अनुसार आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के बाद पांच साल तक सरकार एलआईसी में कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेगी। सूचीबद्धता के पांच साल बाद कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी कम से कम 51 प्रतिशत रहेगी। 

वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले महीने कहा था कि एलआईसी के आईपीओ में कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित रहेगा।  ठाकुर ने कहा था कि सरकार कंपनी की बहुलांश शेयरधारक बनी रहेगी। साथ ही उसका प्रबंधन पर भी नियंत्रण रहेगा, जिससे पॉलिसीधारकों का हित सुरक्षित रहेगा।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में एलआईसी का आईपीओ आएगा। फिलहाल एलआईसी में सरकार की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी है। सूचीबद्धता के बाद बाजार पूंजीकरण के लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी कंपनी हो जाएगी। इसका अनुमानित मूल्यांकन आठ से दस लाख करोड़ रुपये होगा। 



नई दिल्ली

पिछले 30 सालों में सोने की सबसे खराब शुरुआत के बाद अभी भी इसमें गिरावट थमती नजर नहीं आ रही है। फरवरी में 3000 रुपये तक सस्ता होने के बाद सोने की रंगत मार्च में अब तक भी उड़ी ही है। इस महीने अब तक सोना 2054 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। सर्राफा बाजारों में 26 फरवरी को 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 46570 रुपये थी। पांच मार्च को सोना 44516 रुपये पर बंद हुआ। अगर गिरावट ऐसी ही जारी रही, तो अगले एक महीने में सोना 42000 तक आ सकता है। 



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