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मुंबई

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा के मराठा समाज के आरक्षण के स्थगित के बाद आक्रोशित समाज ने अपनी मांग को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया है। पुलिस विभाग में 12 हजार पदों पर नियुक्ति के निर्णय के बाद अब सरकार ने ऊर्जा विभाग में 9 हजार पदों के लिए मेगा भर्ती की घोषणा की है, जिसे लेकर मराठा क्रांति मोर्चा ने सोमवार 26 अक्टूबर को बांद्रा स्थित मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय पर आक्रोश मोर्चा निकालने का निर्णय लिया है। यह मोर्चा सुबह 11 बजे निकाला जाएगा। इस बात की जानकारी संभाजीराजे भोसले ने दी। मराठा समाज की तरफ से कहा गया है कि आरक्षण स्थगित किए जाने के बाद पिछले डेढ़ माह से सरकार ने किसी भी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है, जिसकी वजह से समाज के युवाओं को शिक्षा एवं नौकरी से वंचित रहना पड़ रहा है।


मुंबई

अभिनेत्री कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल ने मुंबई पुलिस द्वारा भेजे गए समन के जवाब में पेशी के लिए और वक्त मांगा है। दोनों बहनों ने कहा है कि फिलहाल निजी वजहों से वे सोमवार और मंगलवार को पुलिस के सामने पेश नहीं हो सकतीं और उन्हें 15 नवंबर के बाद बुलाया जाए। वहीं पुलिस ने इस मामले में रविवार को शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर लिया है। कोर्ट के आदेश पर दोनों बहनों के खिलाफ बांद्रा पुलिस ने समुदायों के बीच नफरत फैलाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और देशद्रोह के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए दोनों बहनों को समन भेजकर 26 और 27 अक्टूबर को बांद्रा पुलिस स्टेशन में हाजिर होकर सवालों के जवाब देने के लिए कहा था।


 मुंबई 

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ड्रग्स एंगल की जांच कर रहा है। जांच एजेंसी की तरफ से एक और ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया गया है। मुंबई जोनल यूनिट की एक टीम ने वर्सोवा में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक टीवी अभिनेत्री प्रीतिका चौहान हैं। 

एजेंसी ने रविवार को बयान में कहा कि मुंबई जोनल यूनिट की एक टीम ने मच्छीमार, वर्सोवा में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 99 ग्राम गांजा जब्त करने में सफल रही। दो व्यक्तियों एक फैसल और टीवी अभिनेत्री प्रीतिका चौहान को गिरफ्तार किया गया और फिर उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालता ने रविवार को दोनों को 8 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में सामने आए ड्रग्स मामले में 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है। एनसीबी ने इस मामले में बॉलीवुड जगत की कई शीर्ष अभिनेत्रियों से पूछताछ की है। एनसीबी की टीम ने सिविल ड्रेस में मुंबई के वर्सोवा के दो इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने टीवी अभिनेत्री को रंगे हाथ ड्रग्स खरीदते हुए पकड़ा। फिलहाल जांच एजेंसी इस मामले में कार्रवाई कर रही है। एनसीबी ने ड्रग्स मामले में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, रकुलप्रीत सिंह और श्रद्धा कपूर से भी पूछताछ कर चुकी है। एनसीबी की टीम ने इस मामले में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल, रिया चक्रवर्ती को जमानत मिल चुकी है। 


मुंबई

चालीसगांव में जीजा को 14 वर्षीय नाबालिग साली से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। घटना 22 अक्टूबर की रात 1.30 से 2 बजे के बीच शहर के शिव कॉलोनी में घटित हुई। जानकारी के अनुसार शिर्डी की 14 वर्षीय (आदिवासी) नाबालिग लड़की चालीसगाव की शिव कॉलोनी में रहने वाले अपने जीजा शंकर रवींद्र चौधरी उर्फ रहीम नज्जू पठाण के घर पिछले 20 दिनों से रह रही थी। घटना के दिन नाबालिग घर के बाहर चबूतरे पर सोयी थी। तभी आरोपी शंकर चौधरी ने रात 1.30 से 2 बजे के बीच उसका बलात्कार किया। शोर मचाने पर उसकी बहन नींद से उठकर आयी, तब मामला सामने आया। इसके बाद उसने अपनी बहन को लेकर पुलिस थाने में आकर पति के खिलाफ शिकायत की। इस संदर्भ में आरोपी के खिलाफ चालीसगांव शहर पुलिस थाने में केस दर्ज किया है। 


मुंबई

एक आर्किटेक्ट महिला को शादी का झांसा देकर उससे बलात्कार करने के आरोपी पुलिस कांस्टेबल प्रभाकर शिंदे को निलंबित कर दिया गया है। शिंदे नयागांव सशस्त्र पुलिस में कार्यरत थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांस्टेबल प्रभाकर शिंदे पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला आर्किटेक्ट को शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया। महिला से पुलिस को एक बच्चा भी है, उसने महिला को यह कहकर शांत करवाया था कि अपनी पत्नी को तलाक देकर वह उससे शादी कर लेगा, लेकिन आरोपी कांस्टेबल ने उससे शादी नहीं की। जिससे परेशान होकर महिला ने कांस्टेबल के खिलाफ पंत नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। 


Uddhav thackeray

मुंबई

कोरोना काल के चलते पहली बार शिवाजी पार्क के बाहर हुई शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में मराठा, धनगर सहित सभी वर्गों और समाज के उत्थान और उन्हें न्याय दिलाने के लिए काम करूंगा। आगामी 28 नवंबर को राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार अपने शासन के पहले साल का कार्यकाल पूरा कर रही है। इस अवसर पर सरकार द्वारा किए गए एक साल के कार्यों की रिपोर्ट राज्य की जनता के समक्ष पेश की जाएगी।

रविवार को दशहरे पर दादर स्थित वीर सावरकर हाल में शिवसेना द्वारा आयोजित पारंपरिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकरे ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस और राकांपा के साथ मिलकर सरकार बनाए जाने और राज्य में मंदिरों को न खोलने के निर्णय, शिवसेना के हिंदुत्व पर बार-बार उठ रहे सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि हमसे हिंदुत्व के मुद्दे पर सवाल पूछने वालों को मालूम होना चाहिए कि साल 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराने में शिवसैनिकों की अहम भूमिका थी, जिसे लेकर शिवसेना का सबसे पहले नाम आया था। हमारा हिंदुत्व राष्ट्रीय और सरसंघचालक के पदचिन्हों पर चलने वाला हिंदुत्व है। बात रही राज्य में मंदिरों को खोलने की तो जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवसेना की पहली दशहरा रैली में सीएम ठाकरे ने आगे कहा कि पिछले कई महीनों से जारी लॉकडाउन में चरणबद्ध तरीके से ढील दी जा रही है। राज्य की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है, जिसे पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ राज्य सरकार का 38 हजार करोड़ रुपए केंद्र सरकार के पास बकाया है, जिसे केंद्र सरकार को देना चाहिए, ताकि हम प्रदेश को आगे ले जा सकें। सरकार द्वारा आरे से कांजुरमार्ग स्थानांतरित किए गए मेट्रो कारशेड के निर्णय पर ठाकरे ने कहा कि आरे से मेट्रो कारशेड हटाकर हमने 808 एकड़ जंगल को बचाया है। एक रुपए खर्च किए बिना कांजुरमार्ग में कारशेड की जमीन दी गई है। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए अभिनेत्री कंगना रनौत पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा मुंबई और राज्य की पुलिस को लगातार बदनाम करने की कोशिश की गई। मुंबई को पाक अधिकृत बोला जा रहा है। यह देश और राज्य के लिए शर्म की बात है। जिस तरह राज्य की 11 करोड़ जनता हमारा परिवार है, उसी प्रकार मुंबई और राज्य की पुलिसकर्मी भी हमारे परिवार का हिस्सा है। इनकी झूठी बदनामी करना सही नहीं है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष पर जमकर निशाना साधते हुए राज्य और देश से कई जुड़े मुद्दों का जिक्र किया, जिसमें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण, अभिनेत्री कंगना रनौत, कोरोना महामारी के साथ अन्य मुद्दे भी शामिल हैं।

ठाकरे के निशाने पर राणे परिवार

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उन पर बार-बार निशाना साधने वाले पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे और उनके दोनों बेटों का बिना नाम लिए कड़े शब्दों में जबाब देते हुए कहा कि मेढ़क की भांति बाप और बेटे सरकार को निशाना बना रहे हैं। कुछ लोग ऐसे मेंढक होते हैं, जिन्हें रोकने के लिए मवेशियों का इंजेक्शन लगाना पड़ता है, इंसानों का नहीं। इस पार्टी से उस पार्टी में जाते रहते हैं, जब बाघ को देखते है तो कहीं जाकर छुप जाते हैं और बाद में अपने पिता के पास जाकर बाघ की शिकायत करते हैं। जिसके बाद बाप भी शोर मचाना शुरू कर देता है।

उद्धव 11 करोड़ जनता के मुख्यमंत्री

शिवसेना की पारंपरिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर यह कोरोना नहीं होता, तो ऐतिहासिक दशहरा रैली आयोजित की जाती। दशहरा असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ मनाया जा रहा है। राउत ने कहा कि हमने पिछले वर्ष की दशहरा रैली में भविष्यवाणी की थी कि शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनेंगे। वे महाराष्ट्र की 11 करोड़ जनता के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हमें किसी से भी हिंदुत्व का पाठ सीखने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने जो कहा उसके पीछे वीर सावरकर प्रेरणा हैं। सरकार के एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री लोगों को बताएंगे कि उन्होंने जनता के लिए क्या काम किया है। वीर सावरकर के हिंदुत्व, और बालासाहेब के विचारों को लेकर शिवसेना आगे बढ़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस कोरोना से संक्रमित हैं। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।


केंद्रीय राज्यमंत्री और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राव साहेब दानवे का कहना है कि एकनाथ खड़से राकांपा में जाने का मन पूरी तरह बना चुके थे। खड़से के आरोपों को सिरे से नकारते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में सामूहिक फैसले लिए जाते हैं। महाविकास आघाड़ी सरकार ने बिना इजाजत सीबीआई को राज्य में आने पर रोक लगा दी है। इस पर दानवे ने कहा कि सरकार कई मामलों में सीबीआई जांच से डर रही है। पेश है उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश: 

सीबीआई जांच से डर रही है राज्य सरकार: दानवे 

अभी हॉल ही में भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से पार्टी छोड़कर राकांपा में शामिल हो गए, इस पर आप क्या कहेंगे? 

एकनाथ खड़से पिछले कई महीनों से नाराज चल रहे थे। उन्हें मनाने की पार्टी के शीर्ष नेताओं ने पूरी कोशिश की, लेकिन उन्होंने राकांपा में जाने का मन बना लिया था। उन्हें भाजपा ने बहुत कुछ दिया। कई बार विधायक की टिकट से लेकर नेता प्रतिपक्ष और मंत्री पद दिया। उनके साथ-साथ उनकी बहू और बेटी को भी पार्टी ने टिकट दिया। इसके बावजूद खड़से असंतुष्ट थे, क्योंकि उन्हें राकांपा में शामिल होना था। 

खड़से ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं? 

भाजपा में निर्णय कभी भी एक व्यक्ति विशेष की तरफ से नहीं लिए जाते। निर्णय लेने के लिए एक कोर कमेटी बनाई गई है, जिसमें बैठक के बाद सामूहिक निर्णय लिए जाते हैं और वे सभी को मानने पड़ते हैं, इसलिए खडसे ने जो आरोप लगाए हैं, वे निराधार और बेबुनियाद हैं। 

महाविकास आघाड़ी सरकार ने बिना इजाजत सीबीआई को राज्य में आने पर रोक लगा दी है, इस निर्णय को कैसे देखते हैं? 

मुझे लगता है कि राज्य सरकार कई मामले में सीबीआई की जांच से डर रही है, इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। साल 1989 में सीबीआई को राज्य में जांच करने की छूट दी गई थी, यह अनुमति वर्षों से चली आ रही है। पिछली हमारी सरकार के समय ऐसा कुछ निर्णय नहीं लिया गया और सीबीआई को जांच करनी की पूरी छूट थी, लेकिन इस सरकार को सीबीआई से इसलिए डर लगा रहा है, क्योंकि जो वह कारनामें कर रही है, उनका भंडाफोड़ न हो जाए। 

क्या राज्य सरकार बदले की भावना से काम कर रही है? 

बिल्कुल, राज्य की सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। विपक्ष तो छोड़ दीजिए, सरकार अपने ही पार्टियों के कार्यकर्ताओं का काम नहीं कर रही है, जिसे लेकर सत्ताधारी पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के कारण हुए लोगों के नुकसान को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, इसलिए बड़ी संख्या में सत्ताधारी पार्टी के नेता नाराज हैं। 

राज्य सरकार की तरफ से किसानों की सहायता के लिए घोषित पैकेज से आप संतुष्ट हैं? 

हम इस पैकेज से संतुष्ट नहीं है, क्योंकि राज्य की तत्कालीन देवेंद्र फड़नवीस सरकार से उद्धव ठाकरे ने किसानों के मदद के लिए 50 हजार प्रति एकड़ देने की मांग की थी, अब वे खुद राज्य के मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने किसानों को प्रति हेक्टेयर 10 हजार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री को हेक्टेयर और एकड़ में फर्क नहीं दिखाई पड़ रहा है। सरकार के इस आर्थिक घोषणा से विपक्ष के साथ-साथ किसान भी संतुष्ट नहीं है। राज्य में भारी बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। भाजपा की तरफ से बार-बार किसानों को मुआवजा देने की मांग के बाद सरकार जागी और मुख्यमंत्री ने 10 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक मदद घोषित की, लेकिन यह मदद ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। 

राज्य की मंदिरों को खोलने की मांग पर संघर्ष जारी है? 

भाजपा की इस मामले में स्पष्ट भूमिका है। जब राज्य में बीयर -बार, शराब की दुकान खुल गई हैं तो मंदिरों को सरकार क्यों नहीं खोल रही है, इसलिए हमारी सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द मंदिरो को खोला जाए। 

क्या महाविकास आघाड़ी सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर पाएगी? 

भाजपा मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा रही है और पार्टी की सरकार को गिराने में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन सरकार में शामिल तीनों पार्टियों के बीच बार-बार मतभेद की चर्चाएं सामने आ रही हैं, उससे स्पष्ट है कि यह सरकार आपसी अंतर्कलह के कारण गिर जाएगी, क्योंकि तीनों पार्टियों की विचारधारा अलग-अलग है। 


बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आपका क्या आकलन है? 

बिहार में एनडीए की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। पिछले छह साल में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की नीतिश कुमार सरकार ने विकास के जो काम किए हैं, उससे जनता संतुष्ट है और वह दोबारा एनडीए को ही चुनेंगी। 


देश में सबसे अधिक कोरोना मरीज महाराष्ट्र में है? 

चीन के बाद सबसे अधिक जनसंख्या वाला भारत देश है, लेकिन अन्य देशों के मुकाबले भारत में कोरोना महामारी का कम प्रभाव हुआ। जिसका प्रमुख कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय पर लॉकडाउन लगाने का फैसला रहा। प्रधानमंत्री ने समय-समय पर देश की जनता को संबोधित कर कोरोना से बचाव के लिए नियमों के पालन करने का आव्हान किया। इसका प्रतिसाद देश की जनता ने दिया। महाराष्ट्र में जिन शहरों में आबादी अधिक है, वहीं की स्थिति खराब है। इनमें मुंबई, पुणे शहर शामिल हैं, लेकिन मौजूदा समय में स्थिति नियंत्रण में आ रही है। 


पिछले दिनों राज्य में सुशांत सिंह राजपूत मामला काफी चर्चा में रहा, आप इस पर क्या कहेंगे? 

सुशांत सिंह राजपूत का मामला हमारा नहीं था, हमने इस विषय पर कभी चर्चा नहीं की। सीबीआई जांच की मांग सुशांत के परिवार और कुछ उनके चाहने वालों ने सर्वोच्च न्यायालय से की थी, जिसके आदेश के बाद केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच को हरी झंडी दी। मामले की जांच चल रही है और सच्चाई सामने आ जाएगी। 


राज्य की आर्थिक स्थिति खराब है, इसका जवाबदार कौन है? 

कोरोना महामारी को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति खराब हुई है, इसलिए किसी को इसका जवाबदार नहीं माना जा सकता। अब जब धीरे-धीरे बाजार खुलने शुरू हो गए हैं तथा आर्थिक स्थिति भी पटरी पर आनी शुरू हो गई है। इसके बाद अगर स्थिति नहीं सुधरी तो इसका जवाबदारी तय की जाएगी। 


क्या राज्य और देश की जनता को मुफ्त अनाज देने की समय सीमा बढ़ाई जाएगी? 

लॉक डाउन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को नवंबर तक मुफ्त अनाज देने की योजना को समय को देखते हुए बढ़ाया जाएगा। देश की आगे की परिस्थिति को देखते हुए और जनता को अगर रोजगार मिलने लगा तो मुफ्त अनाज की मांग नहीं रहेगी। इसके साथ वन नेशन और वन राशन कार्ड की योजना एक साल के भीतर पूरे देश में लागू हो जाएगी। 


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