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पटना
बिहार में आगामी छह महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जाहिर है सभी राजनीतिक दल और गठबंधन अपनी-अपनी तैयारियों में लगी हैं। एक ओर सीएम नीतीश कुमार के  नेतृत्व में बिहार एनडीए जहां एकजुट नजर आ रहा है, वहीं महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, विकासशील इंसान पार्टी और राष्ट्रीय लोक  समता पार्टी जैसी छोटी पार्टियों ने आरजेडी पर दबाव बढ़ाते हुए दो टूक कहा है कि जितना जल्दी हो सके को- ऑर्डिनेशन कमिटी बनाई जाए वरना ये पार्टियां मार्च के अंत तक  अलग रास्ता अक्तियार कर सकती हैं। वहीं, आरजेडी ने दो टूक कह दिया है कि आरजेडी के बिना इन पार्टियों का कोई खास महत्व नहीं है। इस बीच कांग्रेस सामंजस्य बनाने की  बात कह रही है। महागठबंधन में मची खींचतान के बीच बिहार एनडीए के नेता बेहद खुश नजर आ रहे हैं। जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने कहा कि हमारे एनडीए के मुकाबले महागठबंधन में समन्वय नहीं है। आरजेडी का स्वभाव है- खाओ और खाने मत दो। इसी के चलते जनता दल में आधा दर्जन बार फूट हुई। आरजेडी अकेले ही संपूर्ण सत्ता  चाहती है, लिहाजा यह गठबंधन नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के चलते पिछली बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली 40 सीटें मिली थीं, जबकि लालू यादव 20 से  ज्यादा सीट कांग्रेस को देने के पक्ष में नहीं थे।
महागठबंधन में जारी आपसी खींचतान पर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि महागठबंधन सिर्फ कहने भर का है, आपस मे कहीं कोई समंजस्य नहीं है। भाजपा विधायक संजीव  चौरसिया ने बात करते हुए जीतन राम मांझी के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने को-ऑर्डिनेशन कमिटी बनाने की मांग की है और मार्च आखिरी तक कोई बड़ा निर्णय  लेने की बात कही है। इस बीच, आज तक सब कुछ ठीक होने का दावा करने वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने भी सक्त रुख अपना लिया है। पार्टी के प्रधान महासचिव माधव  आनंद ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि तेजस्वी यादव सीधा मुख्यमंत्री बन जाएं, लेकिन जब सभी लोग मिलेंगे तभी मुख्यमंत्री बन पाएंगे, नहीं तो किस्मत के धनी नीतीश कुमार  फिर बनेंगे मुख्यमंत्री। माधव आनंद ने कहा कि अगर समन्वय समिति नहीं बनानी है, तो आप बोल दीजिए नहीं बनाएंगे आप लोग अपना रास्ता देखिए। हालांकि, माधव आनंद ने  अभी भी आस नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आरजेडी को अहंकार त्यागना होगा। उम्मीद है कि आरजेडी बनाएगी कमेटी। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि  इसमें किसी कोई तकलीफ़ नहीं है कि समन्वय समिति बने, लेकिन इस सवाल का जवाब आरजेडी के लोग देंगे।

पटना
कोरोना जैसी महामारी के बाद अब बिहार के लोगों पर स्वाइन फ्लू का भी खतरा मंडराने लगा है। बिहार में स्वाइन फ्लू से होने वाली बीमारी और मरीजों की संख्या में लगातार   इजाफा हो रहा है। अब तक छह मरीजों में स्वाइन फ्लू पाया गया है। मरीजों में स्वाइन फ्लू होने की बात आरएमआरआई की जांच रिपोर्ट में सामने आई है। जानकारी के मुताबिक  जांच के लिए कुल 33 मरीजों का सैंपल लिया गया था, जिसमें से छह का सैंपल पॉजिटिव पाया गया है, वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस को लेकर भी सैंपल की जांच हुई है, जिसमें   आरएमआरआई ने सभी की रिपोर्ट को निगेटिव करार दिया है। सभी रिपोर्ट को अब वायरोलॉजी लैब में भेजा जाएगा, जितने भी लोगों के सैंपल लिए गए हैं उनकी जांच कोरोना और  स्वाइन फ्लू दोनों के लिए की जा रही है। मालूम हो कि विश्व में फैली कोरोना की बीमारी को लेकर पूरे भारत में सतर्कता बरती जा रही है। इसको लेकर बिहार सरकार भी काफी  गंभीर है। राज्य में जहां 31 मार्च तक स्कूल कॉलेज विश्वविद्यालय सहित सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टियां कर दी गई हैं, वहीं सभी तरह के सरकारी, गैर सरकारी कार्यक्रम, जिसमें  लोगों की भीड़ जमा होती है को भी रद्द करने का आदेश जारी किया गया है। कोरोना से बचाव के लिए जहां सभी जिले में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं, वहीं पब्लिक प्लेस पर भी  लोगों के जमा होने से बचने की अपील की जा रही है। इसको लेकर सरकार ने मॉल और शॉपिंग कांप्लेस को भी बंद कराने का निर्णय लिया है।

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव होने में छह महीने से कम का वत शेष बचा है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के चेहरे और सीट शेयरिंग के मुद्दे पर महागठबंधन में अनबन अब भी जारी है।  सोमवार को जहां हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने यह कहा कि आरजेडी महागठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में जरूर है, लेकिन    वो बड़े भाई की भूमिका निभा नहीं पा रहा है। ऐसी ही स्थिति रही, तो महागठबंधन के घटक दल मार्च के बाद कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। मांझी के इस बयान पर अब आरजेडी ने  पलटवार किया है। आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने साफ कहा कि जिसकी जितनी हैसियत होगी, उसके हिसाब से उसको सीट दी जाएगी। मांझी प्रेशर पॉलिटिस ना करें। आरजेडी  नेता ने कहा कि जीतन राम मांझी कहीं और से गाइड हो रहे हैं। इस तरह अपने सहयोगियों पर आंख गुरेरना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि आरजेडी बड़े भाई की भूमिका  बखूबी निभा रही है और सही समय पर अपना रुख स्पष्ट करेगी। भाई वीरेंद्र के बयान पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने भी जवाबी हमला बोला है। पार्टी के मुख्य प्रवता दानिश  रिजवान ने कहा कि आरजेडी हमें कम ना आंके और कहीं कोई मुगालते में न रहे कि मेरा बहुत बड़ा जनाधार है। अगर वो ऐसा सोचते हैं तो बीते लोकसभा चुनाव के परिणाम ने  साफ कर दिया था कि किसका कितना बड़ा जनाधार है। हम के प्रवता ने कहा कि जहां तक बात रही मांझी के कहीं से गाइड होने की तो मांझी किसी से गाइड नहीं होते। मांझी की  आयु तो तेजस्वी यादव के उम्र से तिगुनी है। हम तो पूछते हैं कि तेजस्वी कहां से गाइड हो रहे हैं, आरजेडी के लोग कहां से गाइड हो रहे हैं, पहले ये बताएं। बता दें कि सोमवार को  जीतन राम मांझी ने महागठबंधन में बिहार आरजेडी के अध्यक्ष जगदानंद सिंह के उस बयान पर ऐतराज जताया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि महागठबंधन के नेता केवल लालू  प्रसाद यादव हैं और जिसे यह नहीं स्वीकर नहीं, वो बाहर जा सकते हैं। मांझी का बयान नाम लिए बगैर जगदानंद कि तरफ से इसे आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की धमकी मानी जा रही है।

दरभंगा
कोरोना पर सरकार के आदेश के बाद भी निजी स्कूल और कोचिंग खोलना इसके संचालकों को खासा मंहगा पड़ गया है। इस मामसे में शिक्षा पदाधिकारी ने स्कूल और कोचिंग संस्था   के खिलाफ जहां थाने में लिखित शिकायत की उसके बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गया है। एसएसपी ने दोनों संस्थानों के संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की  बात कही है। दरअसल कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थाओं को 31 मार्च तक बंद करने के आदेश निर्गत  किया था लेकिन दरभंगा में कई जगहों से सरकार के आदेश की अनदेखी करने की भी शिकायते मिल रही थीं। कोरोना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ  और जिले के विरौल थाना इलाके में एसडीओ के नेतृत्व में कई शैक्षणिक संस्थाओं में पहुंचकर जांच की गई। इस जांच में एक निजी स्कूल और कोचिंग को संचालित होते पकड़ा  गया। जांच के बाद एसीडीओ के आदेश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने एक निजी स्कूल और एक कोचिंग सेंटर के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत भी कर दी है। दरभंगा के   एसएसपी बाबू राम ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि कोरोना के कारण सरकार ने स्कूलों और कोचिंगों को बंद करने के आदेश दिए थे इसके बावजूद भी वहां निजी स्कूल  और कोचिंग संस्था संचालित हो रहे थे। इसके खिलाफ शिक्षा पदाधिकारी ने थाने में लिखित शिकायत की है। दोनों संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पटना
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल ने मिलकर नई योजना बनाई है। इसके तहत अब डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को प्रोत्साहित करने  के लिए लकी ड्रॉ निकालने की घोषणा की गई है। जीएसटी काउंसिल के चेयरमैन और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने यह ऐलान किया है। इस स्कीम के तहत ग्राहकों   को 5 हजार से लेकर एक करोड़ तक के इनाम दिए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिल लेकर डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को लकी ड्रॉ से करोड़ों का इनाम देने का   ऐलान किया है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में शामिल होकर लौटे सुशील मोदी ने इसका ऐलान किया है।सुशील मोदी ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया  गया है कि बिल लेकर रूपे कार्ड और यूपीआई से डिजिटल पेमेंट कर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को प्रोत्साहित करने के लिए लकी ड्रॉ के जरिए 5 हजार से लेकर एक करोड़ तक के  इनाम दिए जाएंगे।

ठाणे
केंद्र और राज्य स्तर पर पूरा शासनतंत्र कोरोना के संभावित कहर को रोकने संकल्पबद्ध है। इस स्थिति में ठाणे यातायात पुलिस यातायात नियमों का उलंघन करनवाले वाहनचालकों पर विशेष  नजर रख रही है। 60 दिनों के दौरान यातायात पुलिस ने 57 हजार चालकों पर र्कावाई कर दो करोड़ की दंड वसूली की है, जबकि शराबी चालकों से एक करोड़, 87 ल$ख, 45 हजार, 900 रुपए  दंड की वसूली 14 महीने के दौान की गई है। जानकारी के अनुसारर जोन-5 में यातायात पुलिस ने धूम्रपान करने वाले 1823 लोगों पर कार्रवाई की है। इस जोन में पुलिस ने एक महीने में 17  हजार 412 चालकों पर कार्रवाई कर दंड वसूली की है।
यातायात पुलिस ने जनवरी और फरबरी में बिना हेल्मेट, सीट बेल्ट, गलत दिशा में गाड़ी चलाने, नो इंट्री$ का उलंघन करने, तेज गति से वाहन चलाने, ट्रिपल सीट व शराब पीकर वाहन  चलानेवाले 57084 लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई की है। उससे 57,06,400 रुपए दंड वसूला गया है, जबकि उक्त अपराधों के लिए वर्ष 2019 में 195647 वाहन चालकों पर कार्रवाई कर  3,71,46,400 की दंड वसूली की गई। कहा जा रहा है कि दंड भरने में सबसे अधिक बिना हेल्मेट वाले चालक अधिक रहे हैं। गत 14 महीने में 86823 लोगों से करीब 48,77,300 दंड वसूला  गया। जबकिशराब पीकर वाहन चलानेवाले 12132 चालकों पर र्कावाई कर उससे 1,87,45,900 रुपए दंड वसूला गया। परिमंडल-5 में फरबरी माह में सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीनेवाले 1823 लोगों पर भी कार्रवाई की गई।

पालघर
 अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर, कोरोना (कोविद 19) से लगातार रोगी प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, कई यात्री अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के माध्यम से भारत के विभिंन हिस्सों की  यात्रा कर रहे हैं। पालघर जिले में भी विदेश यात्रा करने वाले नागरिक हैं। इसके कारण, जिला प्रशासन ऐसे यात्रियों से कोरोना वायरस के संचरण और प्रसार की संभावना को देखते हुए निवारक उपाय कर रहा है। तदनुसार, 31 मार्च तक जिले के सभी आंगनबाडी, स्कूल, कॉलेज और मूवी हाउस, थिएटर, स्विमिंग पूल, जिम, मॉल को बंद करने का आदेश दिया था। एहतियात के तौर पर अब जिले में पर्यटक और धार्मिक स्थलों के क्षेत्र में भी निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। 
जानकारी के अनुसार झाई, बोर्डी, दहानू, शिरगांव सातपाटी, केलवा, अर्नाला, अन्य सभी समुद्र तट, बांध, किले और साथ ही साथ महालक्ष्मी मंदिर संस्थान, विरार के जीवदानी माता संस्थान,  केलवा में शीतलादेवी, गलतरे के इको व्हिलेज (इस्कॉन) मंदिर के इको गांव शामिल हैं। तुंगेश्वर में सदानंद बाबा आश्रम और साथ ही जिले के अन्य सभी धार्मिक स्थानों (देवस्थान के पुजारी  द्वारा) गैरव्य भक्तिगत पूजा और पुरातन) आदि को छोड़कर 31 मार्च तक के लिए निषिद्ध पूरी तरह से बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों को सूचित किया है कि इस निषेध  आदेश का उल्लघन करने वाले को भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 (एल) के अनुसार दंडित किया जाएगा।

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