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प्रोटीन का रिच सोर्स अंडाः

अंडा एक ऐसा हरफनमौला इंग्रीडिऐंट है, जिससे आप सैंडविच और ओमेलेट्स जैसी डिशेज से लेकर, केक जैसे डिजर्ट तक जो चाहें बना सकते हैं। ये बनाने में आसान हैं और प्रोटीन के रिच सोर्स हैं।

उबालने के तरीकेः

जब बात अंडे को उबालने की आती है तो इसे उबालने के दो मेन तरीके हैं- सॉफ्ट बॉइल्ड एग और हार्ड बॉइल्ड एग। सॉफ्ट बॉइल्ड एग में अंडे का योक थोड़ा सा रनी यानी बहता हुआ सा होता है और टेक्सचर क्रीमी सा रहता है। वहीं दूसरी तरफ हार्ड बॉइल्ड एग में योक सॉलिड होता है। 

स्वाद के मुताबिक अंडे उबालने की टाइमिंगः

एक पैन में थोड़ा ठंडा पानी लें और उसमें अंडे रखें। ध्यान रखें कि एक बार में बहुत सारे अंडे न डालें। गैस स्टोव जलाएं और जब पानी उबलने लगे तो पैन को आंच से उतार लें। यदि आप चाहते हैं कि आपके अंडे का सफेद भाग थोड़ा हल्का सॉफ्ट, गुदगुदा और योक लिक्विड जैसा रहे तो ठीक 3 मिनट के लिए अंडे उबालें।

 अगर अंडे का योक थोड़ा कम लिक्विड वाला और उसका सफेद भाग नरम और थोड़ा सा ठोस चाहिए तो अंडे को 4 मिनट तक उबालें।

 अगर आप चाहते हैं कि अंडे की जर्दी यानी योक नर्म व चिकना रहे और अंडे की सफेदी मुलायम लेकिन ठोस हो तो आपको अंडों को 6 मिनट तक उबालना चाहिए।


सभी लोगों के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी होता है। अनिद्रा से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। स्टडीज में सामने आया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में नींद नहीं आने की समस्या ज्यादा होती है। सभी लोगों के लिए रात में सात से आठ घंटे की शांतिपूर्ण नींद लेना आसान नहीं है। कुछ लोग जल्दी सोने का प्रयास करते हैं लेकिन फिर उन्हें नींद नहीं आती। महिलाओं के साथ यह समस्या ज्यादा है। 

अनिद्रा की समस्या क्या है?

अनिद्रा यानी नींद नहीं आने की स्थित को एक स्लीप डिसऑर्डर के रूप में जाना जाता है जिसमें लोगों को अक्सर सोने में परेशानी होती है। यह स्थिति 

कम या ज्यादा हो सकती है। इसको 3 कारण से समझा जा सकता है कि महिलाओं को अनिद्रा का खतरा क्यों होता है और उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है।

हार्मोन का प्रभाव पड़ना

आपके हार्मोन और आपकी नींद के बीच एक मजबूत संबंध है। एक अध्ययन के अनुसार, जब तक दोनों जेंडर युवावस्था में नहीं आते, तब तक स्लीप साइकिल में कोई अंतर नहीं होता है। नींद के पैटर्न में बदलाव तब शुरू होता है जब लड़कियों में मासिक धर्म शुरू होता है। उनका स्लीप साइकिल मासिक धर्म के आधार पर हार्मोन में उतार-चढ़ाव के कारण अच्छा या खराब हो जाता हैं। गर्भावस्था और मोनोपॉज में भी हार्मोनल परिवर्तन आते हैं और नींद पर इसका प्रभाव पड़ता है।

मूड डिसऑर्डर

दूसरा कारण चिंता और अवसाद जैसे मूड स्विंग हैं। हम सभी जानते हैं कि महिलाएं ज्यादा भावुक होती हैं। पीरियड्स के समय यह ज्यादा होता है और इससे उन्हें नींद न आने की समस्या भी हो सकती है। क्योंकि मस्तिष्क में कई केमिकल जो मूड डिसऑर्डर के लिए जिम्मेदार हैं। 

ज्यादा कार्य से तनाव का बढ़ना

एक बात जो मानते हैं कि महिलाएं बच्चों और बुजुर्गों ज्यादा प्राथमिक से देखभाल करती हैं। उनके पास घर का काम ज्यादा होता है। ये सभी गतिविधियां तनाव स्तर को बढ़ाती हैं और स्लीप साइकिल को बिगाड़ती हैं।

अनिद्रा की समस्या का समाधान

नींद नहीं आने की समस्या आपके दैनिक जीवन में इंटरफेर करे, इससे पहले इसका समाधान करना जरूरी है। इस समस्या से निपटने के कई तरीके हैं, लेकिन सबसे पहले इसके कारणों को समझना और अपनी नींद की आदतों का रिव्यू करना महत्वपूर्ण है। अधिकांश लोगों के जीवन में किसी न किसी समय अनिद्रा का अनुभव करते हैं।



हरे चने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन तथा विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर की कई आवश्यकताओं को पूरा कर उन्हें स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं।

हरे चने का सेवन करने से हडि्डयां मजबूत होती हैं। क्योंकि चनें में विटामिन सी और कैल्शियम भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जिससे हडि्डयां मजबूत बनती हैं।

एनर्जी बढ़ाने का ये एक बेहतर स्त्रोत है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो शरीर में एनर्जी बढ़ाने का काम करता है।

अगर आप हर रोज नियमित रूप से हरे चने का सेवन करेंगे तो ये शरीर में बैड कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद करता है।

इसमें विटामिन ए, सी और बी काफी मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा की झुर्रियों को कम कर आपको जवां बनाए रखने में भी मदद करता है।

इन सबके अलावा हरे चने में विटामिन ई भी पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं।



कर्णफूल यानी ईयररिंग्स-झुमके, कुंडल, गोल, लंबे आदि आकार व डिज़ाइन में पाए जाते हैं। आमतौर पर महिलाएं सोने, चांदी, कुंदन आदि धातु से बने ईयररिंग्स पहनती हैं।

मान्यताओं के अनुसार, कर्णफूल यानी ईयररिंग्स महिला के स्वास्थ्य से सीधा संबंध रखते हैं। ये महिला के चेहरे की ख़ूबसूरती को निखारते हैं। इसके बिना महिला का श्रृंगार अधूरा रहता है।

वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार हमारे कर्णपाली (ईयरलोब) पर बहुत से एक्यूपंक्चर व एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं, जिन पर सही दबाव दिया जाए, तो माहवारी के दिनों में होनेवाले दर्द से राहत मिलती है। 

ईयररिंग्स उन्हीं प्रेशर पॉइंट्स पर दबाव डालते हैं। साथ ही ये किडनी और मूत्राशय (ब्लैडर) को भी स्वस्थ बनाए रखते हैं।इनसे एक्यूप्रेशर होता है।

कान की नसें स्त्री की नाभि से लेकर पैर के तलवों के बीच के सभी अंगों को प्रभावित करती हैं। इसलिए कान में छेद कराके उसमें धातु (विशेषकर सोना) धारण करने से स्त्रियों को पीरियड्स से संबंधित समस्याएं नहीं होती हैं। सोने के ईयर रिंग्स से शारीरिक उर्जा और बल का विकास होता है।



टमाटर से होंगे डार्क सर्कल दूर : 

टमाटर खाना वैसे भी हमारी सेहत के लिए लाभकारी है। टमाटर खाने से सेहत ठीक रहती है। टमाटर का खाने में इस्तेमाल करने से डार्क सर्कल कम हो जाते हैं। एक चम्मच टमाटर का रस, आधा चम्मच नींबू का रस,एक चुटकी हल्दी,बेसन को मिलाकर पैक तैयार कर लें। इसे आंखों के नीचे 10 मिनट के लिए लगाएं और इसे हल्के हाथों से मसाज करके पानी से धो लीजिए। नियमित प्रयोग से डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे।

खीरा: 

खीरे के रस को रूर्ई में भिगो कर आंखों के आसपास लगाएं। इससे डार्क सर्कल (काले घेरे) धीरे-धीरे कम होना शुरू हो जाएगा।

बादाम का तेल: 

डार्क सर्कल दूर करने के लिए हम कई प्रकार के जतन करते रहते है, लेकिन जो घरेलू नुस्खे है उन्हीं से डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे। आपको बता दें कि बादाम के तेल और शहद को मिक्स करके रात को आंखों की हल्के हाथों से मसाज करें और सुबह पानी के साथ धो लीजिए।

बादाम का सेवन: 

हर रोज बादाम खाना सेहत के लिए लाभकारी है। क्योंकि बादाम से सेहत बनती है, साथ में कई प्रकार की बीमारियां भी दूर हो जाती है। बादाम की 5 गिरीया रात को भिगो कर चबा-चबाकर दूध के साथ 21 दिन खाने से बहुत लाभ मिलता है।


औरंगाबाद

यहां के बियाडा परिसर में स्थित श्री सीमेंट प्लांट में रविवार की सुबह भीषण आग लग गई। इस आग में करोड़ों रुपए का नुकसान होने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार सीमेंट प्लांट के एक हिस्से में बैग हाउस बना हुआ है, जिसमें सीमेंट का खाली बैग रखा जाता है। इसी में अहले सुबह अचानक आग लग गई। मामले की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। प्लांट में उपलब्ध फायर ब्रिगेड की गाड़ी के अलावा औरंगाबाद फायर ब्रिगेड को भी इसकी सूचना दी गई। कई गाड़ियों को तत्काल लगा कर आग पर किसी तरह काबू पाया गया। सीमेंट बैग रखने वाली जगह आग का गोला बनी रही। आग बुझाने में कई घंटे का समय लगा। इस आगजनी में करोड़ों रुपए का नुकसान होने की बात कही जा रही है। 

बताया गया कि खाली बैग यहां लाकर रखा जाता है और फिर उसे अन्यत्र ले जाकर उसमें सीमेंट भरकर उसे भेजा जाता है। आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल सका। अगलगी के कारण आसमान काले धुएं से भर गया और लोग चिंतित हो गए। इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है।


पटना

राज्य के सभी लोगों को तेजी से कोरोना का टीका देने को लेकर 28 अक्टूबर और सात नवंबर को फिर विशेष अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टीकाकरण के इस अभियान की पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया है। पदाधिकारियों को कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान चिन्हित किये गये बचे हुए लोगों का टीकाकरण तेजी से करायें। साथ ही एक बार फिर से सर्वे करा लें, ताकि कोई भी व्यक्ति कोरोना टीका लेने से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की और अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये। सीएम ने कहा कि हम लोगों ने छह माह में छह करोड़ लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। जैसी की जानकारी दी गई है कि प्रथम डोज और दूसरी डोज मिलाकर कुल छह करोड़ 42 लाख के करीब कोरोना टीका दिया जा चुका है। सभी लोगों को जब कोरोना का टीका लग जायेगा तो यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि होगी और लोग भी कोरोना संक्रमण से सुरक्षित होंगे। बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 100 करोड़ कोरोना टीकाकरण बहुत बड़ी उपलब्धि है। हमलोगों का लक्ष्य है सभी को टीका लगाएंगे।


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