नवंबर के बाद गंगा में नहीं गिरेगा एक बूंद भी सीवर का पानी

वाराणसी
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि वाराणसी में इस वर्ष (2019) नवंबर महीने के बाद शहरी इलाके के सीवर का एक बूंद भी गंदा पानी गंगा में नहीं गिरेगा। पूरे देश में यह स्थिति आने में अभी दो साल का समय लगेगा। कानपुर की टेनरियों से निकलने वाले इंडस्ट्रियल और विषाक्त पदार्थों के ट्रीटमेंट के लिए अलग से एसटीपी लगाया जाएगा। केंद्र में दूसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद पहले केंद्रीय मंत्री के रूप में गजेंद्र सिंह शेखावत वाराणसी पहुंचे। यहां पर उन्होंने सबसे पहले दीनापुर में स्थापित 220 एमएलडी के दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान एसटीपी की क्षमता के अनुसार कार्य करने पर भी गौर किया। इसके बाद गंगा निर्मलीकरण को लेकर अब तक के उपाय की सार्थकता और कहां कमी रह गई, इसकी जानकारी के लिए राजघाट से अस्सी के बीच गंगा में सफर किया। यही नहीं, उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक में योजनाओं की समीक्षा भी की। सर्किट हाउस में गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि गंगा की निर्मलता के साथ अविरलता पर भी सरकार का पूरा जोर है। पुरानी चल रही परियोजनाओं के पूरा होने के बाद काफी कुछ सुधार दिखेगा।
इसकी शुरुआत वाराणसी से होगी। इसी साल नवंबर तक तीन नए बने एसटीपी पूरी क्षमता के साथ चलने के साथ, सभी नाले ट्रैप किए जाने से गंगा में एक बूंद भी अनट्रीटेड सीवेज नहीं जाएगा। वाराणसी की पहचान से जुड़ी असि नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा। झारखंड व उत्तराखंड में यह स्थिति इसी साल दिसंबर से दिखने लगेगी। देश के बाकी हिस्सों में भी गंगा जल को आचमन योग्य बनाने के लिए चल रही परियोजनाएं पूरी होने में दो साल का समय और लगेगा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बताया कि अविरलता के लिए उद्गम स्थल तक, यहां तक कि सभी झरने-नाले और गंगा बेसिन की सभी सहायक नदियों की सेहत बेहतर करने पर काम शुरू करने का प्लान है।
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