भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल

नई दिल्ली
मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में भ्रष्ट अधिकारियों को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है। आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों पर ऐक्शन के बाद अब सरकार ने  मंगलवार को केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया। इनमें प्रिंसिपल कमिश्नर रैंक के एक अधिकारी भी शामिल हैं। इन सभी को  भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों में बर्खास्त किया गया है। वित्त मंत्रालय के एक आदेश के मुताबिक नियम 56 (जे) के तहत सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क  बोर्ड के इन अधिकारियों को बर्खास्त किया है, जिनमें प्रिंसिपल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर की रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इनमें से कुछ पहले से ही निलंबित चल रहे  थे। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि इन अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार के केस दर्ज किए गए थे या रिश्वतखोरी, वसूली और आय से अधिक संपत्ति के मामले इन पर चल रहे थे।
आदेश में कहा गया है कि बर्खास्त किए गए अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर अनूप श्रीवास्तव भी शामिल हैं, जो दिल्ली में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड में प्रिंसिपल  कमिश्नर (ऑडिट) के पद पर कार्यरत थे। जॉइंट कमिश्नर नलिन कुमार को भी छुट्टी दे दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि 1996 में सीबीआई ने अनूप के खिलाफ एक आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था और आरोप लगाया था कि उन्होंने एक हाउस बिल्डिंग सोसायटी को  फायदा पहुंचाया था जो कानून के खिलाफ जाकर जमीन खरीद के लिए एनओसी पाने की कोशिश कर रही थी।

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