पंढरपुर की वारी विश्व के इतिहास में अभूतपूर्व उत्सव : मुख्यमंत्री

मुंबई
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए 'स्वच्छ वारी-स्वस्थ वारी-निर्मल वारी-हरित वारी' अभियान महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय सेवा योजना   के छात्रों द्वारा किए गए नीम के पौधों के वितरण को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने से देश का नाम विश्व के नक्शे पर दर्ज हुआ है। रविवार को पुणे स्थित  सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय में आयोजित 'स्वच्छ वारी-स्वस्थ वारी-निर्मल वारी-हरित वारी' अभियान कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री फड़नवीस ने कहा कि पंढरपुर  की वारी विश्व के इतिहास में अभूतपूर्व उत्सव है, जो सात सौ साल से परंपरागत चले आ रही है। किसी भी निमंत्रण के बिना लाखों वारकरी बड़े भक्तिभाव से प्रतिवर्ष वारी में  शामिल होते हैं। उन्हें किसी भी चीज की आस नहीं रहती, केवल पांडुरंग से मिलने की चाह होती है। इसलिए किसी भी बात से न डरकर वे इस वारी में सहभागी होते है। मुख्यमंत्री   फड़नवीस ने कहा कि एक ही समय में बड़ी संख्या में नीम के पौधे लगाने और उसका संवर्धन करने का रिकॉर्ड गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय  सेवा योजना के विद्यार्थियों का अभिनंदन कर मुख्यमंत्री फड़नवीस ने कहा कि बाज की असली उड़ान अभी बाकी है, तु हारे इरादों का इक्तिहान अभी बाकी है। अभी तो नापी है  मुठ्ठीभर जमीन तुमने, अभी पुरा आस्मान बाकी है। इन भावनात्मक शब्दों का इस्तेमाल कर एनएसएस के विद्यार्थियों को सीएम ने प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह  क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ने खुद के रिकॉर्ड तोड़े, उसी तरह पौधे लगाकर आप भी अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ दें। इस दौरान राज्य के राजस्व मंत्री और जिले के पालक मंत्री चंद्रकांत   पाटिल ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से स्वच्छ वारी-निर्मल वारी सफल होगी। अपने देश के कई विषयों का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज हुआ है। आज नीम के पौधों   का वितरण करने का यह रिकॉर्ड बहुत महत्वपूर्ण है। पंढरपूर वारी में सहभागी होनेवाले वारकरियों को सरकार की ओर से पांच लाख रेनकोट का वितरण किया जानेवाला है।  वारकरियों को सभी सुविधाएं दी जाएगी। इस अवसर पर जिले के पालकमंत्री चंद्रकांत पाटिल, जलसंपदा राज्यमंत्री विजय शिवतारे, महापौर मुब्ता तिलक, सांसद संजय काकडे, विधायक दिलीप कांबले, महेश लांडगे, माधुरी मिसाल, मेधा कुलकर्णी, पुणे विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. नितीन करमलकर, प्र. कुलगुरू डॉ. एनएस उमराणी, विश्वविद्यालय   व्यवस्थापन परिषद के अध्यक्ष राजेश पांडे, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल पवार उपस्थित थे।
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