अस्थाई नौकरी का भी होगा हिसाब, नहीं तो लगेगा जुर्माना

लखनऊ
सरकारी विभागों औरनिजी कंपनियों को संविदा या अस्थाई नौकरी पर कार्यरत कर्मचारियों का भी पक्का हिसाब रखना होगा। ऐसा न करने पर संबंधित कंपनियों पर न केवल कार्रवाई की जाएगी, बल्कि जुर्माना भी लगाया जाएगा। राजधानी सहित प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित संस्थानों पर यह नियम लागू होगा। अगले पांच वर्षों में 10 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने की मुब्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप सेवायोजन विभाग ने कमर कस ली है। भर्ती की सूचना न देने वाली कंपनियों पर रिक्तियों का अनिवार्य  धिसूचन अधिनियम-1959 को प्रभावी बनाने के लिए शिकंजा कसने की तैयारी है। हर तीन महीने में इन कंपनियों को सेवायोजन विभाग की वेबसाइट (सेवायोजन.यूपी. एनआइसी.इन) पर ऑनलाइन सूचना देनी होगी। यही नहीं, वेतन के साथ ही कर्मचारियों को निकाले जाने की सूचना भी अनिवार्य रूप से देनी होगी। साथ ही हर तीन महीने में रोजगार मेले के माध्यम से लोगों को नौकरी दी जाएगी। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशक विवेक का कहना है कि जिले की सभी सरकारी, अद्र्ध सरकारी और संविदा पर भर्ती करने वाली कंपनियों को भर्ती का पूरा क्योरा ऑनलाइन देना होगा। ऐसा करने से बेरोजगारों को नौकरी मिलने के साथ ही उन्हें नौकरी की सुरक्षा भी मिलेगी।

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