जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में शुरू होगा 'मिशन विकास'

जम्मू-कश्मीर
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पीएम मोदी ने अपने पहले संबोधन में कहा था कि यह एक ऐसी व्यवस्था थी, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (ॢचगचंर) के लोग अनेक  अधिकारों से वंचित थे। पीएम मोदी ने कहा था कि अब सरकार दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के विकास के लिए काम करेगी। अपने वादे पर आगे बढ़ते हुए मोदी सरकार जल्द ही जम्मू- कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए ब्लू-प्रिंट तैयार करेगी।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए केंद्र ने तैयारी शुरू कर दी है। इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है। धारा 370 हटाए जाने  के बाद विकास को लेकर यह पहली बड़ी बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता गृह सचिव राजीव गाबा करेंगे। इस बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों के सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे और  दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के विकास की रूपरेखा तैयार होगी। बिजली, पानी, सड़क और मूलभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए इस बैठक में चर्चा हो सकती है। विभिन्न विभागों को  शामिल कर इस बैठक के जरिए आने वाले दिनों में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की तस्वीर बदलने की शुरुआत जा रही है।

घर-घर जाकर फैसले के फायदों के बारे में बताएंगे अधिकारी
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में जम्मू- कश्मीर के IAS और कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (KAS) के अधिकारी, अनुच्छेद 370 हटाने से होने वाले फायदे की जानकारी कम  से कम 20-20 स्थानीय परिवारों तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा अनुच्छेद 370 के हटने से स्थितियों में क्या-क्या सुधार आएगा इसका भी लेखा-जोखा अधिकारी परिवारों को देंगे। इन   फायदों के बारे में बताने के लिए सरकार अखबार, टीवी, रेडियो और दूसरे प्रचार माध्यमों का सहारा भी लेगी।

राजनीतिक नेताओं की रिहाई पर स्तिथि स्पष्ट नहीं
जानकार सूत्रों ने कहा जिन कश्मीरी नेताओं को नजरबंद किया गया था, उनकी रिहाई को लेकर अभी स्तिथि स्पष्ट नहीं। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित  अन्य कश्मीरी नेता फिलहाल नजरबंद हैं।

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