महापौर का नगरसेवकों को महासभा की मर्यादा का ख्याल रखने का निर्देश

उल्हासनगर
मनपा की महासभा के दौरान प्रमुख मुद्दों को नजरअंदाज कर सदन में सत्ता पक्ष के नगरसेवकों ने सदन की मर्यादा को लांघने का प्रयास किया, जिसे मनपा महापौर ने गंभीरता से लेते हुए नगरसेवकों को फटकार लगाई और सदन की मर्यादा को गंभीरता से ध्यान में रखने का निर्देश दिया। उल्हासनगर मनपा की विशेष महासभा आयोजित की गई थी। इसमें शहर की जर्जर इमारतों  को लेकर चर्चा कर प्रस्ताव मंजूर करना था, परंतु शहर के इस प्रमुख मुद्दे को नजरअंदाज कर भाजपा-शिवसेना के कुछ नगरसेवकों ने अलग -अलग विषय पर चर्चा शुरू कर दी। इस दौरान मनपा  महापौर पंचम कालानी ने सदन के नगरसेवकों से कई बार निवेदन किया, परंतु नगरसेवकों ने अपनी मनमानी शुरू रखी। इसके बाद महापौर ने नगरसेवकों की जमकर ब्लास ली और फटकार  लगाई तथा सदन की मर्यादा को ध्यान में रखने का निर्देश दिया। मनपा महासभा में कुछ नगरसेवकों द्वारा सदन की मर्यादा को नजरअंदाज कर गैरजिम्मेदाराना हरकतें हुए देखने को मिला।  महासभा में उल्हासनगर शहर में बेघर हुए लोगों के पुनर्वसन को लेकर इस विषय पर गंभीर मुद्दे पर चर्चा हो रही थी। इसी बीच कुछ नगरसेवक महापौर के सामने खड़े होकर शहर के इस प्रमुख  मुद्दे को नजरअंदाज करते नजर आए। शिवसेना नगरसेविका ज्योतस्ना जाधव शहर के शौचालयों की हो रही दुर्दशा की तरफ प्रशासन का ध्यान देने की बात कर रही थीं। जब उनकी बात को  नजरअंदाज किया गया, तो उन्होंने उपायुक्त संतोष देहरकर और उपमहापौर जीवन ईदनानी की हो रही चर्चा पर अपना ध्यान केंद्रीत करने के लिए यह आरोप करते हुए कहा कि 'मेरी बातों की तरफ आयुक्त ध्यान नहीं दे रहे है, मै शूद्र हूं ख्या? इस विवादग्रस्त शब्द का उच्चारण किया। इस पर महापौर ने नगरसेवकों को सदन की गरिमा का ब्याल रखने का निर्देश दिया।
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