नाणार जैसा हो सकता है मेट्रो कारशेड का हाल : उद्धव ठाकरे

मुंबई
गोरेगांव स्थित आरे में प्रस्तावित मेट्रो कारशेड के विरोध का मामला गरमाता जा रहा है। आरे में कारशेड के निर्माण के लिए कटने वाले 2700 वृक्षों का विरोध करने वाले युवा सेना  प्रमुख आदित्य ठाकरे के बाद अब शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी इसका खुलकर विरोध किया है। उद्धव ने कहा कि कोकण स्थित नाणार परियोजना की तरह आरे में प्रस्तावित मेट्रो कारशेड प्रकल्प भी रद्द हो सकता है। मुंबई के कोलाबा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए  शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरे में कारशेड के कारण कटने वाले 2700 वृक्षों पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि शिवसेना मेट्रो कारशेड का नहीं, बल्कि उसके कारण 2700 वृक्षों   की चढ़ने वाली बलि का विरोध कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह विरोध के बाद कोकण में प्रस्तावित नाणार परियोजना को रद्द कर दिया गया था, उसी तर्ज पर आरे   में प्रस्तावित मेट्रो कारशेड को भी रद्द किया जा सकता है।
छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज उदयनराजे भोसले के भाजपा में प्रवेश को लेकर छपे एक लेख पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि लेख का खुलासा करने की हमें कोई जरूरत नहीं है।  उदयनराजे का अपमान करने की हमारी कोई इच्छा नहीं है। वहीं आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ युति की पूरी संभावना के बीच ठाकरे ने कहा कि चुनाव के लिए पार्टी   पूरी तरह से तैयार है, इसके तहत चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों का इंटरव्यू शुरू है।

राम मंदिर की पहली ईंट रखने के लिए तैयार हैं शिवसैनिक इस दौरान उद्धव ठाकरे ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उद्धव ने कहा कि शिवसैनिक राम मंदिर की पहली ईंट रखने के लिए तैयार हैं। उद्धव ने कहा  कि सरकार जो कुछ भी कर रही, उससे हमारी आशा बढ़ी है। अब ज्यादा इंतजार करना ठीक नहीं है। कोर्ट का निर्णय कुछ भी आए, जिस तरह से अनुच्छेद-370 हटाने का फैसला सरकार ने किया, उसी हिम्मत से राम मंदिर का निर्माण भी शुरू करवाए। शिवसेना पक्ष प्रमुख ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अब अयोध्या मामले को लेकर रोज सुनवाई हो रही है। ऐसे  में उम्मीद है कि फैसला कभी भी आ सकता है। देश का हित देखते हुए हम साथ में रहें, क्योंकि पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी हो गया।
उन्होंने ने कहा कि दिवंगत बालासाहेब ने भी कहा था कि राम मंदिर की पहली ईंट अगर शिवसैनिक रखते हैं, तो यह बड़ी बात होगी। बाबरी मस्जिद तोड़ने की जिम्मेदारी बालासाहेब  ने कई बार सार्वजनिक रूप से ली थी। अब केंद्र की भाजपा सरकार भी राम मंदिर निर्माण पर फैसला लें। बता दें कि उद्धव ठाकरे एक साल में दो बार अयोध्या का दौरा कर चुके हैं।   नवंबर 2018 में उद्धव ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अयोध्या का दौरा किया था। इसके बाद वे जून 2019 में भी पार्टी के 18 सांसदों के साथ अयोध्या गए थे। वहां उन्होंने जल्द राम  मंदिर निर्माण की बात कही थी।
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