हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री इमरान खान दोनों अमेरिका की यात्रा पर हैं। जहां एक ओर हमारे प्रधानमंत्री के उद्गार, उनका वहां हो रहा स्वागत और उनकी  प्रशंसा में कही जा रही बातें हर देशवासी का सीना गर्व से फुलाने के लिए काफी है, वहीं दूसरी और पाक प्रधानमंत्री की हालत और उसकी हो रही लगातार बेईज्जती पाकिस्तानियों  का सिर शर्म से झुका रही है। भीगी बिल्ली खंभा नोचे की कहावत को चरितार्थ करते हुए अब वे पानी पी-पी कर अमेरिका को कोस रहे हैं। पाकिस्तान की यह नासमझी ही उसकी  सबसे बड़ी मुसीबत है। वह अपने यथार्थ को नहीं समझ पा रहा है। वह एक ओर हमारे ऊपर हवाई आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर बालाकोट को पुन: सज्ज कर रहा है। वह  जम्मू-कश्मीर में हवाई ज्यादती पर दुनिया में गुहार लगा रहा है, परंतु उसके सिंधी और बलूची अमेरिका सहित पूरी दुनिया में घूम-घूम कर पाकिस्तान से पीछा छुड़ाने और उसके  आत्याचारों से मुक्ति दिलाने की मांग कर रहे हैं। उसे यह नहीं दिखाई दे रहा है। यही नहीं ह्यूस्टन में तो हमारे प्रधानमंत्री के सामने उन्हें भी आजाद कराने की मांग कर रहे थे।  पाकिस्तान हम पर आरोप करता है, परंतु एक भी सबूत नहीं दे पाता है, जबकि उसके कुकर्मों के सबूत उसे अमेरिका में ही दिख रहे हैं, जहां बलूची, सिंधी सब हमारे प्रधानमंत्री के   स्वागत में खड़े थे। यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। पूरी दुनिया को पता है कि दुनिया में जहां कहीं आतंकी हमला हो रहा है, उसकी जड़ पाकिस्तान में ही निकलती है। पाकिस्तान  हमारे खिलाफ लगातार पूरी दुनिया में मात खा चुका है और इस बार अमेरिका में जो कुछ हो रहा है, उसे वह भू-सपाट हो गया है। ऐसे में अभी भी उसका गाल बजाना समझ से परे   है। यह उसे विनाश की ओर ले जाने वाला प्रतीत होता है। कारण पूरी दुनिया उसे इसलिए नहीं दरकिनार कर रही है कि उसे या उसकी रियाया से उसे द्वेष है, बल्कि इसलिए की  पूरी दुनिया को यह विश्वास हो गया है कि पाक का निजाम और उसकी आतंकपरस्त नीतियां तथा उसका आतंकी कारोबार पूरी दुनिया के लिए खतरा है, जो दुनिया के लिए खतरा  बनता है, उसका क्या होता है इसके दुनिया के इतिहास में तमाम उदाहरण है। पाक को उन्हें ध्यान में रखकर अपना खूनी खेल बंद करना चाहिए। उसे समझ में आना चाहिए कि  उसका पाला आज ऐसे भारत से नहीं है, जो उसे चेतावानियां देकर समझाइश देकर चुप बैठता था। उसे ऐसा कर सुधरने का काफी मौका दिया गया। परंतु उसका अर्थ उसने गलत  लगाया। अब जबकि भारत ने उसे डील करने का तरीका बदल दिया है और उसका ढोंग तार-तार कर दुनिया के समाने उसका हैवानियात से भरा चेहरा उजागर कर दिया है। यह दिन  के उजाले की तरह साफ है कि पाकी आज की अपनी दयनीय आर्थिक दूरावस्था, हास्यास्पद अंतर्राष्ट्रीय स्थिति और आंतरिक अस्थिरता से रू-ब-रू होना चाहिए और उसका इलाज  ढूंढना चाहिए। कारण इस सबका जनक उसकी नीतियां है, जो उसने आतंकवाद को कारोबार और राजनय के रूप में अपना कर प्राप्त की है। झूठ, धोखा और आतंक का राज बहुत  दिन तक नहीं चलता। पाक की आज की हालत यह बता रही है। सही राह पर चलने वाला आदमी कहीं भी गरजता है और दुनिया उसे सुनती और तालियां बजाती है। इसका नजारा  प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा में और उसको मिल रहे प्रतिसाद और पाक की फजीहत में दिख रहा है। पाक को अब तो अपनी राह सही करनी चाहिए वरना उसकी फजीहत तय है।  उसका मुकाबला मोदी युग के नए भारत से है, जो अपनी बात दुनिया की बड़ी सी बड़ी शक्ति से मनवाने का दमखम रखता है, क्योंकि वह सही है और इस पर हर भारतीय को गर्व  है।

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