भारत विश्वगुरु बनने की तरफ अग्रसर : राज्यपाल

मुंबई
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि बल, बुद्घि और विद्या के आधार पर भारत निरंतर विकास कर रहा है। अतीत में भारत विश्वगुरु था और देश एक बार फिर से अपनी  शक्ति के बल पर दुनिया का विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। राज्यपाल विश्व मैत्री दिवस: क्षमापन समारोह में बोल रहे थे। भारत जैन महामंडल की तरफ से इस कार्यक्रम का  आयोजन बिर्ला मातोश्री सभागृह, न्यू मरीन लाइंस में किया गया था। इस मौके पर आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एमके जैन, बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश केके तातेडजी, बैंक  ऑफ बदौडा के कार्यकारी संचालक एसएल जैन, 108 मुनिश्री प्रमुख सागरजी, महासती कंचन कंवर जी, साध्वी कैलाशवती जी आदि उपस्थित थे। राज्यपाल ने कहा कि भारत में  अनेक प्रकार के धर्म, जाति, पंथ है, लेकिन भारतीय के रूप में विचार करने पर कोई भी जाति, धर्म, पंथ न होकर सभी समाज भारतीय हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई ऋषियों,  मुनि और महात्माओं की कठोर तपस्या के कारण देश लगातार विकसित हो रहा है। देश में आर्य काल से ज्ञान की प्रथा चल रही है। समाज के अनेक धर्म के लोग विभिन्न देशों से  शिक्षा ले रहे हैं और इस माध्यम से ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। यह ज्ञान पूरी दुनिया में फैल रहा है। जिस तरह सूर्य जाति-पाति, धर्म और वंश को न मानते हुए सभी को एक समान  प्रकाश देता है, उसी प्रकार देश में जाति-पाति, उच्च-निम्न न मानकर सभी समान हैं। क्षमा वीर व्यक्ति का भूषण है और समाज का प्रत्येक व्यक्ति ऐसा वीर बने, यह कहा जाता है।  इस मौके पर राज्यपाल ने ब्रिटिश पार्लियामेंट की तरफ से दिया जाने वाला भारत गौरव पुरस्कार मोतीलाल ओसवाल व देवेंद्र भाई को प्रदान किया।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget