सरकार ने तेल आयात बिल मे कमी लाने के लिये एथनॉल के दाम बढ़ाए

Dharmendra Pradhan
नई दिल्ली
सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल में मिलाने के लिए खरीदे जाने वाले गन्ने से बने एथनॉल के दाम में 1.84 रुपए प्रति लीटर तक की वृद्धि की घोषणा की। सरकार ने तेल आयात बिल  में सालाना एक अरब डॉलर की कमी लाने का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत वाहन ईंधन में एथनॉल के मिश्रण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में  मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल  विपणन कंपनियां पेट्रोल में मिश्रण के लिए चीनी मिलों से एथनॉल बढ़ी हुई दरों पर खरीदेंगी। ये दरें एक दिसंबर से शुरू हो रहे एथनॉल वर्ष से लागू होंगी। सी श्रेणी के सीरे (चीनी की  न्यूनतम मात्रा वाला सीरा) से निकलने वाले एथनॉल का दाम 29 पैसे बढ़ाकर 43.75 रुपए प्रति लीटर और बी श्रेणी के सीरे से निकलने वाले एथनॉल का भाव 1.84 रुपए बढ़ाकर  54.27 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। सरकार ने कहा है कि एथनॉल के बढ़े हुए दाम आने वाले चीनी सत्र 2019- 20 के लिए होंगे और ये दाम एक दिसंबर 2019 से 30 नवंबर  2020 तक लागू रहेंगे। एथनॉल सीरे का उप-उत्पाद है। यह गन्ने की पेराई से बनता है। ऊंची कीमत से चीनी मिल चीनी के अलावा एथनॉल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित होंगी। गन्ने से एथनॉल का उत्पादन तीन तरीकों से किया जाता है। सीधे गन्ने के रस से, बी और सी स्तर के सीरे से। प्रधान ने कहा कि एथनॉल की खरीद दिसंबर-नवंबर 2019- 20 में बढ़ कर  260 करोड़ लीटर रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष यह मात्रा 200 करोड़ लीटर थी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण बढ़ने से सालाना 20 लाख टन तेल की बचत होगी।   इससे आयात बिल में एक अरब डॉलर की बचत में मदद मिल सकती है। प्रधान ने कहा कि पेट्रोल में एथनाल का मिश्रण अगले साल 7 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। अभी यह 6  प्रतिशत है। 2021-22 तक इसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा। इससे पहले एथनॉल के दाम में पिछले साल सितंबर में संशोधन किया था। उस समय मंत्रिमंडल ने गन्ने के रस से बने एथनॉल के दाम में 25 प्रतिशत की वृद्धि कर 59.13 रुपए लीटर किया गया था। अब इसे बढ़ाकर 59.48 रुपए लीटर किया गया है। इस बारे में भारतीय चीनी मिल संघ  (आईएसएमए) के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने कहा कि सरकार का एथेनॉल के दाम में वृद्धि का निर्णय...अतिरिक्त गन्ने/चीनी को एथेनॉल बनाने में उपयोग को प्रोत्साहित करने की  प्रतिबद्धता दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत या आंशिक गन्ना रस के से बने एथनॉल के उच्च दाम की पेशकश इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इससे पेट्रोल में  एथनॉल मिश्रण का अनुपात मौजूदा 6 प्रतिशत की तुलना में और बढ़ेगा।

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