म्यामां में खिताब जीतने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा : कौशल

Kaushal Dharmamer
नई दिल्ली
लगभग दो साल से घुटने की चोट से परेशान रहने वाले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी कौशल धरमामेर का कॅरियर परवान नहीं चढ़ रहा था, लेकिन उन्होंने रविवार को पिछड़ने के बाद   वापसी करते हुए इंडोनेशिया के केरोनो को हराकर म्यामां इंटरनेशनल सीरीज का पुरुष एकल खिताब जीत लिया। पिछले साल अक्टूबर में हेटजर इंटरनेशनल का खिताब जीतने वाले  मुंबई के 23 साल के कौशल ने पहला गेम गंवाने के बाद एक घंटा चले मुकाबले में यहां केरोनो को 18-21 21-14 21-11 से हराया। कौशल ने कहा कि मेरे लिये यह जीत काफी  अहम थी, क्योंकि इससे मुझे अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों से मैं चोट से परेशान था ऐसे में यह और भी खास हो जाती है।  सीनियर नेशनल में इस साल कांस्य पदक जीतने वाले कौशल ने कहा कि फाइनल में पहला गेम गंवाने के बाद जीत दर्ज करना शानदार रहा। उन्होंने कहा कि पिछला सप्ताह मेरे  लिए अच्छा रहा। फाइनल के शुरुआती गेम में मैं 18-15 से आगे था, लेकिन कोरोनो ने स्मैश और बेसलाइन का शानदार इस्तेमाल कर मुझे पीछे छोड़ दिया। दूसरे और तीसरे गेम   में मैंने लंबी रैली खेलने के साथ मौकों को भुनाने पर ध्यान दिया, जिसका मुझे फायदा मिला।
कौशल ने कहा कि पेशेवर बनने के बाद 2016 में घुटने की चोट के कारण उनका कॅरियर प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि मेरे घुटने में परेशानी थी। यह 2016 में शुरू हुआ था और  इस साल की शुरुआत तक जारी रहा। अगर इससे उबरे बिना खेलना जारी रखता तो और नुकसान होता। उन्होंने कहा कि इस साल मार्च में मैंने क्रिस पेड्रा के साथ काम करना शुरू   किया और इससे मुझे काफी फायदा मिला। इस दौरान मेरे दमखम में भी सुधार हुआ और इसका काफी फायदा मिला। उन्होंने कहा कि मैं इस साल सितंबर में मालदीव चैलेंज और   फिर टाटा ओपन और नवंबर में सैयद मोदी सुपर 300 में खेलूंगा। मेरा लक्ष्य सत्र के आखिरी तक शीर्ष 100 में जगह बनाना है।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget