पाक के नापाक मंसूबे हों नाकाम

पाक लगातार सीमा पर गोलीबारी कर रहा है। कोई दिन ऐसा नहीं गुजर रहा, जब पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी नहीं हो रही हो। इससे सीमाई इलाकों में दहशत का माहौल है और   लोग डरे हुए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि इस साल पाकिस्तान ने दो हजार पचास बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। जाहिर है, पाकिस्तानी फौज भारत को  उकसाने के लिए गोलीबारी, मोर्टारों से हमले और आतंकवादियों की घुसपैठ कराने जैसी रणनीति पर काम कर रही है। भारत और पाकिस्तान के बीच 2003 में संघर्षविराम समझौता   हुआ था और दोनों देशों ने यह तय किया था कि उकसावे के लिए कोई भी पक्ष अपनी ओर से पहले गोलीबारी नहीं करेगा, लेकिन सीमापार से होने वाली अनवरत गोलीबारी इस बात  का स्पष्ट प्रमाण है कि पाकिस्तान के लिए इस समझौते का कोई मतलब नहीं है। पाकिस्तान के लिए संघर्षविराम समझौता एक तरह से बेमानी है। कई बार तो सीमाई इलाकों में  हालात इतने गंभीर हो जाते हैं कि जान बचाने के लिए लोगों को गांव छोड़ने तक को मजबूर होना पड़ जाता है और सुरक्षित ठिकाने तलाशने पड़ते हैं। इस साल अब तक भारतीय   सीमा में स्थित गांवों में इक्कीस लोग पाकिस्तानी फौज की गोलियों का शिकार हो चुके हैं। संघर्षविराम के उल्लंघन की बढ़ती घटनाएं बता रही हैं कि बौखलाया हुआ पाकिस्तान  कश्मीर में अस्थिरता पैदा करने के लिए किस सीमा तक जा सकता है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि सीमा पर लगातार गोलीबारी के पीछे सबसे बड़ा मकसद भारत के सैन्य   बलों का ध्यान बंटा कर आतंकवादियों को भारतीय सीमा में घुसाना है। इसीलिए पाकिस्तानी फौज नियंत्रण रेखा और सीमा पर बनी भारतीय चौकियों को निशाना बनाए हुए है। यूं भी  पाकिस्तान भारत में हर तरफ से आतंकी घुसपैठ की साजिश रचता रहा है। पिछले दिनों ही पाक अधिकृत कश्मीर से लगी नियंत्रण रेखा से तीस किलोमीटर पहले पाकिस्तान ने दो  हजार सैनिक और पांच सौ प्रशिक्षित कमांडो तैनात किए हैं। इनकी मदद से आतंकियों को कश्मीर घाटी में घुसपैठ कराने की योजना है। समुद्र के रास्ते भी आतंकियों की भारत में  घुसपैठ की खबरें आ रही हैं। गुजरात के सरक्रीक क्षेत्र में भी पाकिस्तान सेना ने विशेष बलों को तैनात किया है, ताकि उस रास्ते भी भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके,   लेकिन सबसे ज्यादा आसान और संवेदनशील इलाका जम्मू-कश्मीर से लगती सीमा है। भारतीय सेना, सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए इस वक्त सबसे ज्यादा चिंता की  बात कश्मीर घाटी में मौजूद आतंकी हैं। घाटी में करीब ढाई सौ आतंकी मौजूद हैं। सेना और पुलिस ने भी इस बात को माना है कि अकेले श्रीनगर शहर में चौबीस से ज्यादा आतंकी  हैं, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। हालांकि श्रीनगर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों और सेना के जवानों की मौजूदगी का दावा किया जा रहा है। फिर भी इतनी  कड़ी सुरक्षा में श्रीनगर के राज बाग, जवाहर नगर, लाल चौक सहित कई इलाकों में आतंकी स्थानीय लोगों और दुकानदारों को धमकाते फिर रहे हैं। जब तक सभी आतंकियों और  उनके सरपरस्तों का सफाया नहीं हो जाता, तब तक उनके खिलाफ सफ्त अभियान जारी रहना चाहिए। पाक एक ऐसा नापाक शत्रु है, जो दगाबाजी और  वादाखिलाफी के लिए कुब्यात  है। उस पर कभी एतबार नहीं किया जा सकता।

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