मिर्जापुर मिड-डे मील का वीडियो वायरल होने सेे बदल गई स्कूल की तस्वीर

मर्जापुर
यूपी के मिर्जापुर का सियूर प्राथमिक स्कूल इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। 22 अगस्त को यहां मिड-डे मीलके रूप में बच्चों को नमक-रोटी परोसे जाने का वीडियो वायरल होने के बाद से स्कूल  की तस्वीर काफी हद तक बदल गई है। किचन में अब ताजी हरी सब्जियां और राशन का भंडार लगा हुआ है। नए टॉइलट का निर्माण हो रहा है और स्कूल को बिजली कनेक्शन भी मिल गया है।   वहीं सियूर गांव के लोग इसके लिए पत्रकार पवन जायसवाल का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। बता दें कि इस खबर के सुर्खियों में आने के बाद हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन  जायसवाल के खिलाफ भी प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल के मिलकर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज हो गया। इसके बाद मिर्जापुर पुलिस और प्रशासन का जमकर  विरोध हो रहा है। सियूर गांव के लोगों ने भी पत्रकार का समर्थन कर उनके खिलाफ एफआईआर का विरोध किया।
ेवहां के लोगों से इस बारे में बात की गई, तो उनमें से ज्यादातर सवाल कर रहे थे कि जिसने सच्चाई का खुलासा किया उसके खिलाफ केस क्यों? स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पैरंट्स ने कहा  कि कम राशन का इस्तेमाल करके पैसे बचाना तो इस स्कूल का नियम बन गया था। एक छात्रा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें खाने में दो बार नमक रोटी और नमक चावल दिया जा  चुका है। स्कूल में पढ़ने वाले तीन बच्चों की संगीता देवी ने कहा कि मेरे बच्चे खाने को लेकर अक्सर शिकायत करते थे। मैंने स्कूल प्रशासन से इसकी शिकायत भी की, लेकिन मेरी एक न सुनी  गई। इससे पहले बच्चों को नमक-रोटी परोसने वाली रसोइया रु€मणि ने कहा था कि उन्होंने स्कूल के हेडमास्टर मुरारी सिंह को सूचित किया था कि किचन में सब्जियां नहीं हैं, सिर्फ रोटियां हैं।  रु€मणि ने कहा कि इस पर उन्होंने मुझे फटकारते हुए कहा था कि जो है उसी में काम चलाओ। इसके बाद उन्होंने बच्चों को मिड-डे मील में नमक-रोटी दे दिया था। रु€मणि ने यह भी माना कि  उन्हें अक्सर दूध में पानी मिलाकर देने के लिए कहा जाता था।
रु€मणि ने कहा कि हमारे पास कभी-कभार ही स्टॉक रहता था। हमें 2.5 किलो आलू और 250 ग्राम तेल एक हफ्ते के लिए मिला था। कभी-कभी बच्चों को सिर्फ आधी रोटी ही मिलती थी।  हालांकि खबर सामने आने के बाद अब स्कूल की किचन का हुलिया बदल गया है। ताजी हरी सब्जियों से किचन भरी हुई है। चूल्हे को भी एलपीजी सिलेंडर और स्टोव से रिप्लेस कर दिया गया  है। स्कूल में नए टॉइलट का निर्माण हो रहा है और जहां कई सालों तक स्कूल में बिजली ही नहीं थी, अब उसे बिजली कनेक्शन भी मिल गया है। आस-पास के स्कूलों में भी मिड-डे मील में  धार हुआ है। मिर्जापुर डिविजनल कमिश्नर आनंद कुमार ने बताया कि मिड-डे मील प्रोग्राम की जांच की जा रही है और नियम तोड़नेपर सख्त कार्रवाई होगी। विद्यालय में गुरुवार को बच्चों का अघोषित बॉयकाट दिखा। इस स्कूल में 97 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन गुरुवार को सुखराम नामक बच्चा ही पढ़ने को आया, बाकी बच्चे पढ़ने नहीं आएं। गांव वालों का कहना है कि ग्राम प्रधान  प्रतिनिधि राजकुमार पाल की गिरफ्तारी व पत्रकार पवन जायसवाल पर जिला प्रशासन द्वारा कराएं गए मुकदमें के विरोध में बच्चों का यह बहिष्कार है। 
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