कांग्रेस की पहली चुनावी सभा से बड़े पदाधिकारी नदारद

नवी मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस के बड़े नेताओं के भाजपा में जाने के बाद हासिए पर चल रही नवी मुंबई कांग्रेस अब खुद को अपने दम पर तैयार करने की कवायद में जुट गई है। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री  पृथ्वीराज चव्हाण का कोपरखेरणे में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन इसका सबूत रहा। यहां कार्यकर्ताओं के लिए कुर्सियां लगाई गयी थीं, जबकि पूर्व सीएम सहित सभी नेता बिना कुर्सी मंच पर बैठे  नजर आए। यहां पृथ्वीराज चव्हाण ने सत्ता में वापस लौटने का विश्वास जताते हुए कांग्रेसियों से जीन जान से काम में जुटने का आव्हान किया। चव्हाण ने धारा 370 से लेकर आर्थिक मंदी लाने  वाले निर्णयों का उल्लेख करते हुए मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश में मंदी, बेरोजगारी और महंगाई आसमान छू रही है। महाराष्ट्र सरकार जनता और किसानों की मुश्किलें दूर करने में विफल रही है।
गणेश नाईक का नाम लिए बिना चव्हाण ने कहा कि नवी मुंबई कांग्रेस के लिए यह बेहतर समय है। जनता कांग्रेस को पसंद कर रही है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यहां की दो  विधानसभा सीटों में से किस सीट पर कांग्रेस का पंजा चुनाव चिन्ह बनेगा। गौरतलब है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में भीड़ जरूर दिखी, लेकिन कई बड़े नेता एवं पदाधिकारी नदारद दिखे।  जिलाध्यक्ष अनिल कौशिक, संतोष शेट्टी और रमाकांत म्हात्रे की तिकड़ी ही इस सम्मेलन के मंच को नियंत्रित करते दिखी, जबकि पूर्व जिलाध्यक्ष एवं यूथ कांग्रेस के बड़े पदाधिकारी सम्मेलन से  दूर रहे, जो कांग्रेस की अंदरखाने चल रहे बिखराव का संकेत है। जानकारों का मानना है कि नवी मुंबई कांग्रेस में संतोष शेट्टी, अनिलकौशिक, रमाकांत म्हात्रे और दशरथ भगत का अलग-अलग चार खेमा बन गया है, जो राष्ट्रवादी के कमजोर होने के बाद भी कांग्रेस के मजबूत होने में बड़ी बाधा है।
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