मिशन कश्मीर : आतंकिस्तान में घिरे इमरान

इस्लामाबाद
कश्मीर को अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बनाने अमेरिका चले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के प्लान पर भारत की कूटनीतिक घेरेबंदी ने पानी फेर दिया है। कश्मीर पर इमरान की कोशिशों  को ट्रंप ने न सिर्फ हंसी में उड़ा दिया, बल्कि वहां के पत्रकारों को भी नसीहत दे डाली। अमेरिका से खाली हाथ लौट रहे इमरान अब वहां मीडिया और विपक्षी दलों के निशाने पर हैं।  पाकिस्तानी न्यूज चैनल ट्रंप पर भी खुन्नस निकाल रहे हैं। पाक चैनलों पर ट्रंप और पीएम मोदी के भाषण को पाकिस्तान और मुस्लिमों के खिलाफ ऐलान-ए-जंग तक बताया जा रहा है।

ट्रंप और मोदी ने कर दिया है 'ऐलान-ए-जंग'
न्यूज पर 'क्या अब हम ट्रंप पर ऐतबार कर सकते हैं?' पर चर्चा में कराने वाले वहां के जाने-माने न्यूज ऐंकर हामिद मीर ने तो यहां तक कहा कि ट्रंप और मोदी ने ऐलान-ए-जंग   कर दिया। क्या पाकिस्तान इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप खुद एक पार्टी बन गए हैं, जो पाकिस्तान की विदेश नीति के लिए बड़ा चैलेंज हैं। इसी तरह विपक्ष के एक नेता  ने कहा कि ट्रंप ने कह दिया है कि मुसलमान आतंकी हैं और मैं हिंदुओं का दोस्त हूं। उन्होंने कह दिया कि मुस्लिम चरमपंथी है। बता दें कि पिछले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के  दौरान ट्रंप ने खुद को हिंदुओं का दोस्त बताया था। हाउदी मोदी इवेंट में उन्होंने कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता जताई थी।

'समझ नहीं आ रहा कि हमारी पॉलिसी क्या है?'
वहां के नेता इमरान खान पर भी सवाल उठा रहे हैं। पाक चैनल पर विपक्षी नेता मुसद्दिक मलिक ने इमरान के पिछले दौरे को बहुत सफल बताने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा   कि पिछले दौरे में कहा जा रहा था कि दौरा शानदार रहा था, एक और वर्ल्ड कप लाने जैसा रहा लेकिन अब असलियत सामने है। मलिक ने इमरान खान की नीतियों पर सवाल  उठाते हुए कहा कि कुछ समझ नहीं आ रहा कि हमारी पॉलिसी क्या है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अमेरिका में जाकर यह बता रहे हैं कि हमने ही दहशतगर्ज तंजीम बनाई।

'हमने अलकायदा को ट्रेनिंग दी यह कबूलना कहां की समझदारी'
एक और पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर भी कुछ पैनलिस्टों ने इमरान के उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कबूल किया था कि अल कायदा को आईएसआई ने ही ट्रेनिंग दी  थी। पैनलिस्टों ने सवाल उठाया कि यह कहां की समझदारी है कि आप यह कहें कि हमने दहशतगर्दों को ट्रेनिंग दी, यह कैसी नीति है। दरअसल, इमरान खान ने सोमवार को न्यू  यॉर्क में एक थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के कार्यक्रम में यह कबूल किया कि आतंकी संगठन अल कायदा को पाकिस्तानीखुफिया एजेंसी आईएसआई ने ट्रेनिंग दी थी।

'इमरान खान का ऐतबार नहीं'
यूएनएचआरसी में समर्थन का झूठा दावा करने को लेकर भी इमरान पर घर में ही हमले तेज हो गए हैं। एक टीवी पर जब हामिद मीर ने इमरान के उस दावे का जिक्र किया कि   यूएनएचआरसी में पाकिस्तान को 58 देशों ने समर्थन दिया तो विपक्ष के एक नेता ने इमरान की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठाया।

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget