पाक की अकड़ पड़ी ढीली

इस्लामाबाद
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार तो रोक दिया, लेकिन उसका यह कदम उसके लिए ही  भारी पड़ रहा है। अभी व्यापार रोकने का एक महीना भी नहीं बीता कि पाकिस्तान के तेवर ढीले पड़ने लगे।

पाकिस्तान का बुरा हाल
जीवनरक्षक दवाओं की कमी से पाकिस्तान का  बुरा हाल हो गया है। पकिस्तान ने सोमवार को भारत के साथ आंशिक रूप से व्यापार को बहाल कर दिया है। पाकिस्तान ने भारत से  जीवनरक्षक दवाओं के आयात करने को मंजूरी दी है। भारत के साथ व्यापार पर प्रतिबंध के 30 दिन गुजरते-गुजरते पाकिस्तान को फैसले का असर समझ में आने लगा। इन  प्रतिबंधों का भारत पर कुछ खास असर नहीं हुआ, लेकिन पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया।

अस्पतालों में मरीज दवाओं के लिए तड़पने लगे
ज्ञात हो कि पाकिस्तान के दवा उद्योग का इस समय बुरा हाल हो गया है। पाकिस्तान ने जब भारत से व्यापारिक रिश्ते खत्म किए तो वहां के व्यापारियों को भारत से दवाएं  मंगवाना बंद करने की मजबूरी थी। कुछ ही दिनों में पाकिस्तान के अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की घोर किल्लत हो गई। दवाओं के अभाव में मरीज तड़पने लगे।

सोमवार को भारत से आयात की अनुमति दी
पाकिस्तान को अब गलती का एहसास हुआ। लाचार पाक ने अब भारत से दवाएं मंगाने की अनुमति दे दी है। पाकिस्तानी न्यूज चैनल जिओ टीवी और दुनिया टीवी के हवाले से  बताया गया कि पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को भारत से जीवन रक्षक दवाओं के आयात को मंजूरी दे दी है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने  वैधानिक नियामक आदेश जारी कर अपने यहां की दवा उद्योग को भारत से दवाओं के आयात की अनुमति दे दी।

50 फीसदी से अधिक दवाओं का कच्चा माल भारत और चीन से होता है आयात
फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुताबिक, पाकिस्तानी दवा कंपनियां अपने उत्पादन के लिए भारत और चीन से 50 प्रतिशत से अधिक कच्चा माल आयात  करती हैं। एफपीसीसीआई में दवा समिति के प्रमुख ख्वाजा शाहजेब अकरम ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित दवाओं में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का एक बड़ा हिस्सा  भारत से आयात किया जाता है, क्योंकि हमारे पड़ोसी देश में दवाओं के लिए कच्चे माल का एक स्थापित उद्योग है।

भारत से किन सामानों का होता था आयात
भारत से पाकिस्तान मुख्य तौर पर चीनी, चाय, जीवन रक्षक दवाएं, ऑयल, केक, पेट्रोलियम तेल, कच्चा कपास, सूती धागे, टायर, रबड, डाई, रसायन सहित 14 सामान भेजे जाते  थे।

ताजे फलों का करता था निर्यात
वहीं, भारत पाकिस्तान से कुल 19 प्रमुख उत्पादों का आयात करता था, जिसमें प्रमुख तौर पर ताजे फल थे। फल की निर्यात ठप होने से पाकिस्तानी मंडियों में फलों के ढेर लग गए  और किसानों को सही दाम नहीं मिल रहा।

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