छह में से पांच प्राइमरी स्कूलों में लगा ताला

मथुरा
यूपी में शिक्षा के स्तर में सुधार के भले ही दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकताइसके बिल्कुल उलट है। सर्वशिक्षा अभियान के तहत लाखों का बजट पानी की तरह बहाया जा रहा है, लेकिन  कुछ विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों को क-ख-ग सिखाने की बजाय उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसा भी नहीं है कि विभागीयअधिकारियों को इसकी जानकारी ना हो, लेकिन सब  कुछ जानते हुए भी शिक्षा विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। मामला वृंदावन नगर स्थित ऋषि बाल्मीकि प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि इस विद्यालय सहित यहां कुल  छह स्कूल संचालित हैं, लेकिन सिर्फ कागजों पर। इनके नाम हैं ब्रज मोहन प्राथमिक विद्यालय, वीर शिवाजी प्राथमिक विद्यालय, कमला नेहरू प्राथमिक विद्यालय, राधारानी प्राथमिक विद्यालय  और योगमाया प्राथमिक विद्यालय। वर्तमान में इन छह विद्यालयों में से केवल एक ऋषि बाल्मीकि प्राथमिक विद्यालय ही संचालित है। सभी विद्यालयों के पहली से 5वीं कक्षा तक के करीब  330 छात्र-छात्राएं यहां एक कमरे और एक बरामदे में बैठने को मजबूर हैं। पढ़ाई की स्थिति यह है कि इन सभी बच्चों को पढ़ाने के लिए एकप्रधानाध्यापक रोहित कुमार शिवहरे और एक  शिक्षामित्र ममता वर्मा तैनात हैं। इतनी बड़ी संक्या में इन बच्चों पर केवल दो शिक्षकों की तैनाती अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। इस मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक रोहित शिवहरे  ने बताया कि सभी स्कूलों के बच्चों को एक ही जगह बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।
बच्चों की पढ़ाई को लेकर उन्होंने स्पष्ट बताया कि इतनी बड़ी संक्या में बच्चे और केवल दो शिक्षक हों तो पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने बताया कि सबसे  ज्यादा मुश्किल काम सभी बच्चों के अलग-अलग रजिस्टरों को मेंटेन करने का है जो बाकी पांच स्कूलों के हैं।
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